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Showing posts from March, 2025

जाति का दर्द नही झेला. इसलिए आरक्षण पर दे रहे है शांता कुमार ज्ञान*:--आशीष कुमार

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 *जाति का दर्द नही झेला. इसलिए  आरक्षण पर दे रहे है शांता कुमार ज्ञान*  *गरीबी नहीं, सामाजिक भेदभाव है असली कारण*           ( आशीष कुमार. राज्य संयोजक शोषण मुक्ति मंच ) शांता कुमार  द्वारा कुछ दिन पूर्व दिये ब्यान में  यह कहना कि देश में आरक्षण का आधार जाति नहीं बल्कि केवल गरीबी होना चाहिए, न तो कोई नया तर्क है और न ही यह भारतीय समाज की वास्तविकता को समझने वाला दृष्टिकोण है। सच यह है कि भारत में आरक्षण की व्यवस्था गरीबी दूर करने के लिए नहीं, बल्कि सदियों से चले आ रहे जातिगत भेदभाव, सामाजिक बहिष्कार और अवसरों की असमानता को दूर करने के लिए बनाई गई थी। भारत का संविधान, जिसे B. R. Ambedkar जैसे महान समाज सुधारकों ने गढ़ा, इस सच्चाई को स्वीकार करता है कि कुछ जातियों को केवल आर्थिक रूप से नहीं बल्कि सामाजिक रूप से भी दबाया गया। इसलिए आरक्षण सामाजिक न्याय का एक संवैधानिक उपाय है, न कि कोई गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम। अगर आरक्षण को केवल आर्थिक आधार से जोड़ने की बात की जाती है, तो यह भी पूछा जाना चाहिए कि EWS आरक्षण पर शांता कुमार जैसे नेता अक्सर खाम...

शयामा अध्यक्ष, वीना महासचिव और शीला बनी आँगनवाडी वर्करज एवं हेल्परज यूनियन की कोषाध्यक्ष*

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 *शयामा अध्यक्ष, वीना  महासचिव और शीला बनी आँगनवाडी  वर्करज एवं हेल्परज यूनियन की कोषाध्यक्ष* आज दिनांक 23 मार्च 2025 को आंगनवाड़ी वर्कर हेल्पर यूनियन संबंधित सीटू  का 13 वा जिला सम्मेलन संपन्न हुआ सम्मेलन का उद्घाटन सीटू राज्य अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने किया। सम्मेलन में शहीदे आजम भगत सिंह की शहादत को याद किया  , विजेंदर मेहरा ने कहा की  सरकार की नीतियों के चलते आज आईसीडीएस खतरे में है और इस खतरे से निपटे के लिए संगठन को मजबूत करने की जरूरत है सरकार नहीं चाहती कि इस योजना को आगे बढ़ाया जाए सम्मेलन में पिछले तीन वर्षों की रिपोर्ट सचिव वीणा शर्मा ने रखी संगठन में अच्छे कामों को करने के सुझाव दिया और कमियों को सुधारने के लिए सुझाव दिए गए सभी प्रोजेक्टर से रिपोर्ट पर चर्चा की गई । सम्मेलन का समापान भाषण में सीटू जिला  महासचिव आशीष कुमार ने अपनी  ऑब्जरवेशन स्पीच में कहा की  संगठन  को चुस्त दुरुस्त  करने की बात कही  आशीष कुमार ने कहा की आंगनवाड़ी यूनियन का इतिहास रहा है की आज तक जो भी मजदूरों ने हासिल किया वो अपने संघर्षों से हासिल कि...

नाहन में मनाया जायेगा ज़िला स्तरीय अम्बेडकर जयंती समारोह*

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 *नाहन में मनाया जायेगा अम्बेडकर जयंती समारोह* दलित शोषण मुक्ति मंच जिला सिरमौर कमेटी की बैठक जगदीश पुंडीर जी की अध्यक्षता में सम्पन हुई । बैठक मे दलित शोषण मुक्ति मंच के जिला संयोजक आशीष कुमार, राजेश तोमर, प्रीतम सिंह, मुकेश चौहान, कृष्ण लाल, बलबीर सिंह पुंडीर , लखबीर सिंह, अनिता , सेवती कमल,  और हिमाचल प्रदेश कोली समाज के कोषाध्यक्ष हिमेश चौहान विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक को सम्बोधित करते हुए आशीष कुमार ने कहा की दलित शोषण मुक्ति मंच लगातार दलित वर्ग के सामजिक और आर्थिक मुद्दों को उठाता  रहा है, दलित शोषण मुक्ति मंच ने प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर हो रहे दलित वर्ग के उत्पीड़न पर गहरी चिंता व्यक्त की है आज देश और प्रदेश में आउटसोर्स के आधार पर की जा रही भरतियों में दलित वर्ग की अनदेखी की जा रही । आशीष कुमार ने कहा की इस तरह की भरतियों में अनुसूचित जाति वर्ग और अन्य गरीब वर्ग के लोगो को भी रोजगार के अवसर प्राप्त नहीं होते । आज देश में महिला हिंसा और अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों। पर आये दिन  हिंसक घटनाये झेल रहा है । बैठक में राजेश तोमर,प्रीतम सिंह जी और हीरा सिंह जी ने ...

किसानों के मुददे लेकर 20 मार्च को विधानसभा कूच करेंगे जिला सिरमौर के किसान

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 किसानों के मुददे लेकर 20 मार्च को विधानसभा कूच करेगी किसान सभा राजगढ़ : गरीब किसानों की भूमि को बचाने के लिए हिमाचल किसान सभा आगामी 20 मार्च को प्रदेश भर में जिला व खंड स्तर से हजारों की तादाद में सरकार के समक्ष रखने के लिए विधान सभा के लिए कूच करेंगे। हिप्र किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष राजेंदर सिंह और जिला अध्यक्ष सिरमौर  सतपाल मान, राजगढ़ ब्लॉक के  सचिव  नैन सिंह , सतपाल  ने आज राजगढ़ क्षेत्र में किसानों की बैठके कर  क्षेत्र के लोगों को   आहवाहन  किया  20 मार्च को  विधानसभा में जिला सिरमौर से सेंकड़ों लोग  शिमला विशाल रैली  में जमीन से जुड़े मुद्दे विशेष रूप से - शामलात , खुदरा-ओ-दरखतान, मलकियत सरकार, चकोतेदार, नौतोड़ के नियमितीकरण, जनजातीय क्षेत्रों में वन अधिकार कानून का सही ढंग से लागू न होना, विस्थापिता गद्दी, गुजरों इत्यादि सहित मुद्दे भी उठाए जाएंगे। उन्होने बताया कि हिमाचल में आम किसान के पास खेती योग्य जमीन केवल दो से चार बीघा ही रह गयी है। प्रदेश में केवल 06 लाख हैक्टेयर कृषि योग्य भूमि में से एक लाख हैक्टेयर भूमि ...