जाति का दर्द नही झेला. इसलिए आरक्षण पर दे रहे है शांता कुमार ज्ञान*:--आशीष कुमार

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 *जाति का दर्द नही झेला. इसलिए  आरक्षण पर दे रहे है शांता कुमार ज्ञान*  *गरीबी नहीं, सामाजिक भेदभाव है असली कारण*           ( आशीष कुमार. राज्य संयोजक शोषण मुक्ति मंच ) शांता कुमार  द्वारा कुछ दिन पूर्व दिये ब्यान में  यह कहना कि देश में आरक्षण का आधार जाति नहीं बल्कि केवल गरीबी होना चाहिए, न तो कोई नया तर्क है और न ही यह भारतीय समाज की वास्तविकता को समझने वाला दृष्टिकोण है। सच यह है कि भारत में आरक्षण की व्यवस्था गरीबी दूर करने के लिए नहीं, बल्कि सदियों से चले आ रहे जातिगत भेदभाव, सामाजिक बहिष्कार और अवसरों की असमानता को दूर करने के लिए बनाई गई थी। भारत का संविधान, जिसे B. R. Ambedkar जैसे महान समाज सुधारकों ने गढ़ा, इस सच्चाई को स्वीकार करता है कि कुछ जातियों को केवल आर्थिक रूप से नहीं बल्कि सामाजिक रूप से भी दबाया गया। इसलिए आरक्षण सामाजिक न्याय का एक संवैधानिक उपाय है, न कि कोई गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम। अगर आरक्षण को केवल आर्थिक आधार से जोड़ने की बात की जाती है, तो यह भी पूछा जाना चाहिए कि EWS आरक्षण पर शांता कुमार जैसे नेता अक्सर खाम...

बहुसंख्यक लोग जो घर से काम नहीं कर सकते और रोज की कमाई से गुजर बसर करते है उनके लिए सरकार ने क्या किया

यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने बहुप्रचारित आपात संबोधन में कोरोना वायरस महामारी से लड़ने के लिए सरकार की तैयारी और लोगों की मदद के लिए की गई कार्यवाहियों के बारे में कुछ भी नहीं कहा।

पीएम ने जो संबोधन जनता के सामने रखा है उसमें प्रतीकात्मकता के अलावा कोई भी ठोस था, भारत के बहुसंख्यक लोग जो घर से काम नहीं कर सकते और रोज की कमाई से गुजर करते हैं, उनके सामने आने वाले संकट को कम करने के लिए सरकार क्या कर रही है कोरोनोवायरस से पहले ही वे मौजूदा आर्थिक मंदी का खामियाजा भुगत रहे हैं।

यह स्पष्ट है कि बंद के कारण गरीबों और हाशिए पड़े लोगों को सबसे ज्यादा नुकसान होगा।
हाशिये पर पड़े इन तबकों को सरप्लस अनाज उपलब्ध कराने के बारे में सरकार क्या कर रही है?

केरल में एलडीएफ सरकार ने न केवल चिकित्सा संकट को दूर करने का बीड़ा उठाया है, बल्कि गरीबों की पीड़ा को कम करने के लिए राहत उपायों की भी घोषणा की है।

केरल ने आज 20000 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की घोषणा की है, एक महीने के लिए सभी को मुफ्त अनाज उपलब्ध करवाया जाएगा। पेंशनभोगियों, ऑटो और बस मालिकों के लिए भी राहत उपायों की घोषणा की गई है।

प्रधानमंत्री ने इसका अनुकरण क्यों नहीं किया और पूरे भारत में इसी तरह के उपायों की घोषणा क्यों नहीं की?
सीताराम येचुरी
महासचिव
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)

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