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Showing posts from June, 2023

भेदभाव कल्पना नहीं,बल्कि आज की सबसे ठोस और क्रूर हक़ीक़त :-- आशीष कुमार आशी

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*भेदभाव कल्पना नहीं,बल्कि आज की सबसे  ठोस और क्रूर  हक़ीक़त है*                        (आशीष कुमार आशी ) यूजीसी रेगुलेशन 2026 को समझने के लिए ज़रूरी है कि हम उससे पहले देश में घटित हुए उन घटनाक्रमों को अपने ज़हन में रखें, जिनसे यह साफ़ होता है कि जातिगत भेदभाव आज भी हमारी सामाजिक और शैक्षणिक संरचनाओं में गहराई से मौजूद है। जब भी आरक्षण पर सवाल उठाए जाएँ, दलित वर्ग की योग्यता पर संदेह किया जाए, या यह पूछा जाए कि “आरक्षण कब तक?”, तब अपने अंतर्मन में कुछ घटनाओं को ज़रूर स्मरण कर लेना चाहिए—पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गवई पर जूता फेंके जाने की घटना, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ हुआ सार्वजनिक अपमान। ऐसी घटनाएँ अपवाद नहीं हैं; इनके अनगिनत उदाहरण देश के सामाजिक इतिहास में बिखरे पड़े हैं। हम ये नहीं कहते की ugc  रेगुलेशन 2026 में कोई  कमी  नहीं  है, इसमें खामियाँ  हो सकती है, मगर ये पिछले 2012 की रेगुलेशन से बेहतर था  इसकी  आवश्यकता  इसलिए भी  थी क्यूंकि  2012 का रेग...

जगदीश पुंडीर संयोजक और अनिता रानी बनी दलित शोषण मुक्ति मंच नाहन खंड की सह संयोजक

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 *जगदीश पुंडीर संयोजक और अनिता रानी बनी नाहन खंड की सह संयोजक* *संवैधानिक प्रावधानों को लागु करवाने के लिए भी करने पड़ते है दलित वर्ग को संघर्ष* *नाहन कांशीवाला स्थित अम्बेडकर भवन का हो सही रख रखाव*                    दलित शोषण मुक्ति मंच खंड नाहन का दूसरा   सम्म्मेलन आज नाहन  मे सम्पन्न हुआ । सम्मेलन मे  लगभग 2 दर्जन लोगों ने और अन्य तीन  संगठनों के लोगों ने भाग लिया सम्मेलन मे दलित शोषण मुक्ति मंच के जिला संयोजक आशीष कुमार  ने विशेष रूप से भाग लिया । सम्मेलन  मे अलग अलग संगठनों से आये लोगों ने दलित मुद्दों पर अपनी राय रखी । सम्मेलन का उद्घाटन दलित शोषण मुक्ति मंच के जिला संयोजक आशीष कुमार ने किया । आशीष कुमार ने सम्बोधित करते हुए कहा की आज पूरे आये दिन दलित वर्ग पर अत्यचार बढ़ रहे है आशीष कुमार ने कहा की दलित शोषण मुक्ति मंच  कोई जातिगत मंच नहीं हैं बल्कि इस मंच का उदेश्य जातियों के आधार पर बंटे  सभी लोगों को एक मंच पर लाने का है  ताकि  लोगों को जातिवादी चेतना से बहार निकाला जा ...