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Showing posts from February, 2021

हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार: आधुनिक हिमाचल की नींव रखने वाले युगदृष्टा — आशीष कुमार

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जब भी हिमाचल प्रदेश के निर्माण और विकास की चर्चा होगी, सबसे पहला नाम डॉ. यशवंत सिंह परमार का लिया जाएगा। उन्हें केवल हिमाचल प्रदेश का प्रथम मुख्यमंत्री कहना उनके व्यक्तित्व और योगदान को सीमित कर देना होगा। वे उस विचार के जनक थे जिसने बिखरे हुए पहाड़ी क्षेत्रों को एक सशक्त, आत्मसम्मानी और विकासोन्मुख राज्य के रूप में स्थापित किया। आधुनिक हिमाचल जिस मजबूत नींव पर आज खड़ा है, उस नींव का प्रत्येक आधार-स्तंभ डॉ. परमार की दूरदर्शिता, संघर्ष और विकास-दृष्टि का परिणाम है। इसलिए उन्हें "हिमाचल निर्माता" कहा जाता है। 4 अगस्त केवल एक महान नेता की जयंती नहीं है, बल्कि उस व्यक्ति के विचारों को याद करने का अवसर है जिसने सत्ता को साधन माना, लक्ष्य नहीं। जिसने राजनीति को जनसेवा का माध्यम बनाया और जिसने हिमाचल के विकास की शुरुआत गांव, किसान और पंचायत से की। डॉ. यशवंत सिंह परमार का जन्म सिरमौर जिले के चनहालग क्षेत्र की लाना बाका पंचायत में हुआ। पहाड़ की कठिन परिस्थितियों में पले-बढ़े डॉ. परमार ने बचपन से ही ग्रामीण जीवन की चुनौतियों को देखा और समझा। यही अनुभव आगे चलकर उनकी राजनीति और विकास की ...

आंगनबाड़ी कर्मी 9 मार्च को करेंगी विधान सभा का घेराव:--- नीलम जसवाल

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 आंगनबाड़ी वर्करज़ एवम हेल्परज़ यूनियन सम्बन्धित सीटू की राज्य कमेटी आंगनबाड़ी कर्मियों की प्री प्राइमरी में नियुक्ति व अन्य मांगों को लेकर नौ मार्च को प्रदेशव्यापी हड़ताल करेगी। इस दिन हज़ारों आंगनबाड़ी कर्मी शिमला में विधानसभा के बाहर जोरदार प्रदर्शन करेंगे। हड़ताल के संदर्भ में यूनियन ने निदेशक महिला एवम बाल विकास विभाग हिमाचल प्रदेश सरकार शिमला को हड़ताल नोटिस भेज दिया है।              यूनियन की प्रदेशाध्यक्ष नीलम जसवाल,महासचिव वीना देवी,सुमित्रा देवी,लज़्या देवी,हरदेई,मीनाक्षी,राजकुमारी,बिम्बो देवी,हिमिन्द्री,मीना देवी,चंपा देवी,बिमला देवी,नीलम,किरण,शशि,स्वर्चा,अनुराधा व पम्मी कुमारी ने केंद्र व प्रदेश सरकार को चेताया है कि अगर आंगनबाड़ी वर्करज़ को प्री प्राइमरी कक्षाओं के लिए नियुक्त करने के आदेश जारी न किये तो आंगनबाड़ी कर्मी नौ मार्च को प्रदेशव्यापी हड़ताल करके सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को बन्द कर देंगे व इस दिन प्रदेशभर के हज़ारों आंगनबाड़ी कर्मी बजट सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव करेंगे। उन्होंने केवल आंगनबाड़ी कर्मियों को ही प्री प्राइमरी कक्षाओं के लिए नि...

स्कूल की मनमर्जी को नही करेंगे बर्दाश्त:--- बिजेन्दर मेहरा

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 छात्र अभिभावक मंच के बैनर तले स्कूल बंद करने खिलाफ अंकुर डे पब्लिक स्कूल छोटा शिमला के अभिभावकों ने स्कूल परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इसके बाद अभिभावकों का एक प्रतिनिधिमंडल संयुक्त निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा से मिला  व उन्हें स्कूल बंद करने के खिलाफ एक ज्ञापन सौंपा। इसमें मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा,सदस्य फालमा चौहान,बलबीर पराशर,विवेक कश्यप,अविनाश चड्ढा,बलबीर राणा,रमेश कुमार,भारत,आशीष कुमार व शिव कुमार आदि शामिल रहे।                   मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा ने अंकुर डे पब्लिक स्कूल पर तानाशाही करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन ने मनमर्ज़ी से स्कूल बंद कर दिया है। उसने बगैर किसी नोटिस के आनन-फानन में दो दिन के भीतर ही स्कूल बंद कर दिया जो न केवल गैर कानूनी है अपितु मानवता विरोधी भी है। उसने न तो अभिभावकों से इस सन्दर्भ में बात की और न ही शिक्षा विभाग से इस संदर्भ में कोई इज़ाज़त ली। स्कूल प्रबंधन अभिभावकों पर स्कूल लीविंग अथवा ट्रांसफर  सर्टिफिकेट लेने का दबाव बना रहा है। प्रबंधन ने अभिभावकों से जनव...

बागथन में डेयरी फार्म के अस्तित्व को बचाने के लिए संघर्ष करेगी हिमाचल किसान सभा:-- आशीष कुमार

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*डॉ यशवंत सिंह परमार की देन डेयरी फार्म बन्द होने की कगार पर* *सरकार और प्रशासन की अनदेखी है मुख्य वजह* *कृषि पर आधारित उद्योग लगा कर किया जा सकता है बन्द पड़ी फैक्टरी को भी शुरू* *टमाटर अदरक लहुसन और दूध उत्पादन में अग्रणी है  स्थानीय किसान* हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ यशवंत सिंह परमार के गृह क्षेत्र में 1967 से निर्मित  डेयरी फार्म जोकि  स्थानीय लोगों को सुदृढ़ करने और गांव के लोगों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए किया था परन्तु पिछले 54 वर्षों में किसी भी प्रकार से इस संस्थान को सरकारों के माध्यम से कोई खास दिलचस्पी नही दिखाई गई । यशवंत सिंह परमार ने जिस उद्देश्य  से ग्रामीण लोगों को सुदृढ़ करने के लिए बागथन में बागवानी विभाग और कृषि विभाग  के सौजन्य से फैक्टरी की भी स्थापना की थी जिसका मुख्य उद्देश्य यँहा के लोगों को समृद्ध करना था ।  बागथन में निर्मित फैक्ट्री में मुरब्बा जूस पहले पूरे देश के अलग अलग राज्यो में भेजा जाता था , परन्तु आज ये फैक्ट्री भी पिछले काफी वर्षोँ से बंद है और करोड़ो की लागत से बना बिल्डिंग भी बेकार पडी है । इस फैक्ट्री के इलावा लो...

मनरेगा के बजट में सरकार ने की 41 प्रतिशत की कटौती

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*मजदूर किसान विरोधी है बजट* *महिलाओं को इस बजट में आर्थिक रूप से कमजोर किया* * आंगनवाड़ी के बजट में 30 प्रतिशत की कटौती* सीटू जिला कमेटी सिरमौर ने केंद्रीय बजट को पूर्णतः मजदूर, कर्मचारी व किसान विरोधी करार दिया है। यह बजट गरीब विरोधी है व केवल पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने वाला है। सीटू ने केंद्र सरकार को चेताया है कि केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन तेज होगा व 3 फरवरी को मजदूर,कर्मचारी व किसान विरोधी बजट व चार  लेबर कोडों के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन होंगे।                 सीटू जिला कोषाध्यक्ष आशीष कुमार   व जिला उपाध्यक्ष लाल सिंह ने कहा है कि केंद्र की मोदी सरकार पूरी तरह पूँजीपतियों के साथ खड़ी हो गयी है व आर्थिक संसाधनों को आम जनता से छीनकर अमीरों के हवाले करने के रास्ते पर आगे बढ़ रही है। बजट में बैंक,बीमा,रेलवे,एयरपोर्टों,बंदरगाहों,ट्रांसपोर्ट,गैस पाइप लाइन,बिजली,सरकारी कम्पनियों के गोदाम व खाली जमीन,सड़कों,स्टेडियम सहित ज़्यादातर सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का निजीकरण करके बेचने का रास्ता खोल दिया गया है। ईज़...