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Showing posts from August, 2025

मजदूर दिवस और बुद्ध पूर्णिमा: श्रम, करुणा और न्याय का प्रश्न* :---- आशीष कुमार

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 *मजदूर दिवस और बुद्ध पूर्णिमा: श्रम, करुणा और न्याय का प्रश्न* :---- आशीष कुमार आशी आज एक ओर पूरी दुनिया मजदूर दिवस मना रही है, तो दूसरी ओर बुद्ध पूर्णिमा भी है। यह संयोग केवल कैलेंडर का नहीं, बल्कि विचारों का है—श्रम और करुणा, न्याय और मानव गरिमा के बीच गहरे संबंध का प्रतीक है । मजदूर दिवस हमें उन हाथों की संघर्षों की  याद दिलाता है, जिन्होंने दुनिया को गढ़ा है। बुद्ध पूर्णिमा हमें उस चेतना की याद दिलाती है, जिसने मनुष्य को दुःख, असमानता और शोषण के कारणों को समझने और उनसे मुक्ति की दिशा दिखाई। मजदूर दिवस का ऐतिहासिक आधार भारत में पहली बार 1 मई 1923 को मजदूर दिवस मनाया गया था। इसके पीछे पूरी दुनिया में हुए मजदूर आंदोलनों की लंबी श्रृंखला थी, जिसकी सबसे महत्वपूर्ण कड़ी 1886 का शिकागो आंदोलन रहा, जहाँ 8 घंटे काम के अधिकार के लिए मजदूरों ने संघर्ष किया और अपने जीवन तक बलिदान कर दिए। यह इतिहास बताता है कि श्रम अधिकार कभी दया से नहीं मिले, बल्कि संघर्ष और संगठित शक्ति से प्राप्त हुए हैं। परन्तु  आज का सवाल भी यही है  क्या मजदूर की स्थिति बदली है?  लगभग एक सदी के...

*सीटू जिला सिरमौर का 14वां जिला सम्मेलन शुरू*

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*सीटू जिला सिरमौर का 14वां जिला सम्मेलन शुरू* 23 से 24 अगस्त चलेगा ये सम्मेलन, दो दिनों मे मजदूर वर्ग के मुद्दों पर होगी विस्तृत चर्चा आज सीटू जिला सिरमौर का 14वां जिला सम्मेलन जिला परिषद मीटिंग हॉल में शुरू हुआ। इस सम्मेलन में अलग-अलग यूनियन से 100 डेलिगेट ने भाग लिया।सीटू राज्य महासचिव कामरेड प्रेम गौतम ने सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने अपने संबोधन में मजदूर वर्ग के अधिकारों की रक्षा और उनके हितों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार ने पिछले तीन  वर्षों की रिपोर्ट पेश की। इस रिपोर्ट में उन्होंने मजदूर वर्ग की समस्याओं, उनके संघर्षों और सीटू की गतिविधियों का विस्तृत विवरण दिया। इस सम्मेलन का मुख्य उदेश्य - मजदूर वर्ग के अधिकारों की रक्षा करना - मजदूर वर्ग के हितों के लिए संघर्ष करना - सीटू की गतिविधियों को मजबूत करना।  - मजदूर विरोधी 4 लेबर कोड़   पर होगी चर्चा सीटू जिला सिरमौर ने मजदूर वर्ग से अपील की है कि वे अपने अधिकारों के लिए एकजुट हों और संघर्ष करें। सीटू ने कहा है कि वह मजदूर वर्ग के हितों के लिए हमेशा संघर्ष करती रहेगी [1]।

वेलफेयर डिपार्टमेंट का कार्य देने से महिला एवं बाल विकास विभाग के मुख्य उदेश्य होंगे प्रभावित*

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*वेलफेयर डिपार्टमेंट का कार्य देने से महिला एवं बाल विकास विभाग के मुख्य उदेश्य होंगे प्रभावित*   *जब काम ही आंगनवाड़ी वर्कर ने करना है तहसील कल्याण अधिकारी के पद  का नहीं है कोई औचित्य* *आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के हितों का हो संरक्षण* *Press note:----* आंगनवाड़ी वर्करज एवं हेल्परज यूनियन संबंधित सीटू की राज्य अध्यक्ष नीलम जसवाल और वीना शर्मा ने जारी एक प्रेस ब्यान में कहा की महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर वेलफेयर विभाग का काम थोपने का निर्णय अत्यधिक चिंताजनक है।  कार्यकर्ताओं से अतिरिक्त काम करवाना न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि इससे बाल विकास विभाग के कार्यों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। वीना  शर्मा , नीलम जसवाल  ने बताया की  आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मुख्य कार्य बच्चों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण की देखभाल करना है, न कि वेलफेयर विभाग के कार्यों को संभालना। यदि वेलफेयर विभाग का कार्य भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने ही करना है  तो तहसील कल्याण अधिकारी के पद  का क्या औचित्य और वेलफेयर डिपार्टमेंट का क्या कार्य रह जाता...