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Showing posts from August, 2025

हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार: आधुनिक हिमाचल की नींव रखने वाले युगदृष्टा — आशीष कुमार

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जब भी हिमाचल प्रदेश के निर्माण और विकास की चर्चा होगी, सबसे पहला नाम डॉ. यशवंत सिंह परमार का लिया जाएगा। उन्हें केवल हिमाचल प्रदेश का प्रथम मुख्यमंत्री कहना उनके व्यक्तित्व और योगदान को सीमित कर देना होगा। वे उस विचार के जनक थे जिसने बिखरे हुए पहाड़ी क्षेत्रों को एक सशक्त, आत्मसम्मानी और विकासोन्मुख राज्य के रूप में स्थापित किया। आधुनिक हिमाचल जिस मजबूत नींव पर आज खड़ा है, उस नींव का प्रत्येक आधार-स्तंभ डॉ. परमार की दूरदर्शिता, संघर्ष और विकास-दृष्टि का परिणाम है। इसलिए उन्हें "हिमाचल निर्माता" कहा जाता है। 4 अगस्त केवल एक महान नेता की जयंती नहीं है, बल्कि उस व्यक्ति के विचारों को याद करने का अवसर है जिसने सत्ता को साधन माना, लक्ष्य नहीं। जिसने राजनीति को जनसेवा का माध्यम बनाया और जिसने हिमाचल के विकास की शुरुआत गांव, किसान और पंचायत से की। डॉ. यशवंत सिंह परमार का जन्म सिरमौर जिले के चनहालग क्षेत्र की लाना बाका पंचायत में हुआ। पहाड़ की कठिन परिस्थितियों में पले-बढ़े डॉ. परमार ने बचपन से ही ग्रामीण जीवन की चुनौतियों को देखा और समझा। यही अनुभव आगे चलकर उनकी राजनीति और विकास की ...

*सीटू जिला सिरमौर का 14वां जिला सम्मेलन शुरू*

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*सीटू जिला सिरमौर का 14वां जिला सम्मेलन शुरू* 23 से 24 अगस्त चलेगा ये सम्मेलन, दो दिनों मे मजदूर वर्ग के मुद्दों पर होगी विस्तृत चर्चा आज सीटू जिला सिरमौर का 14वां जिला सम्मेलन जिला परिषद मीटिंग हॉल में शुरू हुआ। इस सम्मेलन में अलग-अलग यूनियन से 100 डेलिगेट ने भाग लिया।सीटू राज्य महासचिव कामरेड प्रेम गौतम ने सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने अपने संबोधन में मजदूर वर्ग के अधिकारों की रक्षा और उनके हितों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार ने पिछले तीन  वर्षों की रिपोर्ट पेश की। इस रिपोर्ट में उन्होंने मजदूर वर्ग की समस्याओं, उनके संघर्षों और सीटू की गतिविधियों का विस्तृत विवरण दिया। इस सम्मेलन का मुख्य उदेश्य - मजदूर वर्ग के अधिकारों की रक्षा करना - मजदूर वर्ग के हितों के लिए संघर्ष करना - सीटू की गतिविधियों को मजबूत करना।  - मजदूर विरोधी 4 लेबर कोड़   पर होगी चर्चा सीटू जिला सिरमौर ने मजदूर वर्ग से अपील की है कि वे अपने अधिकारों के लिए एकजुट हों और संघर्ष करें। सीटू ने कहा है कि वह मजदूर वर्ग के हितों के लिए हमेशा संघर्ष करती रहेगी [1]।

वेलफेयर डिपार्टमेंट का कार्य देने से महिला एवं बाल विकास विभाग के मुख्य उदेश्य होंगे प्रभावित*

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*वेलफेयर डिपार्टमेंट का कार्य देने से महिला एवं बाल विकास विभाग के मुख्य उदेश्य होंगे प्रभावित*   *जब काम ही आंगनवाड़ी वर्कर ने करना है तहसील कल्याण अधिकारी के पद  का नहीं है कोई औचित्य* *आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के हितों का हो संरक्षण* *Press note:----* आंगनवाड़ी वर्करज एवं हेल्परज यूनियन संबंधित सीटू की राज्य अध्यक्ष नीलम जसवाल और वीना शर्मा ने जारी एक प्रेस ब्यान में कहा की महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर वेलफेयर विभाग का काम थोपने का निर्णय अत्यधिक चिंताजनक है।  कार्यकर्ताओं से अतिरिक्त काम करवाना न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि इससे बाल विकास विभाग के कार्यों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। वीना  शर्मा , नीलम जसवाल  ने बताया की  आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मुख्य कार्य बच्चों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण की देखभाल करना है, न कि वेलफेयर विभाग के कार्यों को संभालना। यदि वेलफेयर विभाग का कार्य भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने ही करना है  तो तहसील कल्याण अधिकारी के पद  का क्या औचित्य और वेलफेयर डिपार्टमेंट का क्या कार्य रह जाता...