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भेदभाव कल्पना नहीं,बल्कि आज की सबसे ठोस और क्रूर हक़ीक़त :-- आशीष कुमार आशी

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*भेदभाव कल्पना नहीं,बल्कि आज की सबसे  ठोस और क्रूर  हक़ीक़त है*                        (आशीष कुमार आशी ) यूजीसी रेगुलेशन 2026 को समझने के लिए ज़रूरी है कि हम उससे पहले देश में घटित हुए उन घटनाक्रमों को अपने ज़हन में रखें, जिनसे यह साफ़ होता है कि जातिगत भेदभाव आज भी हमारी सामाजिक और शैक्षणिक संरचनाओं में गहराई से मौजूद है। जब भी आरक्षण पर सवाल उठाए जाएँ, दलित वर्ग की योग्यता पर संदेह किया जाए, या यह पूछा जाए कि “आरक्षण कब तक?”, तब अपने अंतर्मन में कुछ घटनाओं को ज़रूर स्मरण कर लेना चाहिए—पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गवई पर जूता फेंके जाने की घटना, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ हुआ सार्वजनिक अपमान। ऐसी घटनाएँ अपवाद नहीं हैं; इनके अनगिनत उदाहरण देश के सामाजिक इतिहास में बिखरे पड़े हैं। हम ये नहीं कहते की ugc  रेगुलेशन 2026 में कोई  कमी  नहीं  है, इसमें खामियाँ  हो सकती है, मगर ये पिछले 2012 की रेगुलेशन से बेहतर था  इसकी  आवश्यकता  इसलिए भी  थी क्यूंकि  2012 का रेग...

रोजगार नहीं 60 दिन बेरोजगारी की गारंटी है VB Ram G योजना:--सीटू

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 प्रेस नोट *शिलाई में 12 फरवरी की हड़ताल की तैयारी को लेकर सीटू से संबद्ध यूनियनों की संयुक्त बैठक*  *रोजगार नहीं 60 दिन बेरोजगारी की गारंटी है VB Ram G योजना * आज शिलाई में 12 फरवरी की प्रदेशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के उद्देश्य से सीटू से संबद्ध यूनियनों की संयुक्त आम बैठक आयोजित की गई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता नीलम शर्मा एवं वीरेंद्र ठाकुर ने की। बैठक में सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार तथा किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष जीवन सिंह ने विशेष रूप से भाग लिया। विभिन्न यूनियनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। बैठक को संबोधित करते हुए सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए चार लेबर कोड मजदूर वर्ग पर सीधा हमला हैं, जिनका उद्देश्य स्थायी रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और मजदूर अधिकारों को समाप्त करना है। इन कानूनों के माध्यम से मजदूरों को आधुनिक बंधुआ मजदूरी की ओर धकेला जा रहा है। आशीष कुमार ने कहा कि सरकार ने VB RAM G बिल के जरिए देश के मजदूर वर्ग को साल में 60 दिन की बेरोजगारी की गारंटी देने का काम किया है। यह शायद देश के इतिहास में पहली ब...

आंगनवाड़ी यूनियन ने किया 12 फरवरी हड़ताल का एलान, चार लेबर कोड का विरोध तेज,

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 *12 फरवरी क़ो किया हड़ताल  का एलान, चार लेबर कोड का विरोध तेज, मानदेय व पोषण ट्रैकर की समस्याओं पर रोष आंगनवाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन की प्रोजेक्ट कमेटी पच्छाद की बैठक प्रोजेक्ट उपाध्यक्ष ममता की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में प्रोजेक्ट महासचिव श्यामा शर्मा, राज्य महासचिव वीना शर्मा, कोषाध्यक्ष किरण भंडारी सहित अन्य पदाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा मजदूर विरोधी चार लेबर कोड—वेतन संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियां संहिता—का कड़ा विरोध किया। वक्ताओं ने कहा कि इन लेबर कोडों से श्रमिकों के अधिकार कमजोर होंगे और आंगनवाड़ी वर्कर एवं हेल्पर को मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा, स्थायित्व और भविष्य की गारंटी समाप्त हो जाएगी, जिसे यूनियन किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कर्मियों को समय पर मानदेय नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बैठक में पोषण ट्रैकर से जुड़ी तकनीकी समस्याओं पर भी...

कालाअंब मजदूरो की पिटाई और मौत की मामले में एट्रोसिटी एक्ट और हत्या का मामला दर्ज

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नारायणगढ़ पुलिस थाने में हत्या और एट्रोसिटी का केस दर्जनाहन में प्रदर्शन के बाद हरियाणा के नारायणगढ़ पहुंचे थे परिजन, घायल युवक के बयान पर हुई कार्रवाईनाहन :  हरियाणा की सीमा से सटे कालाअंब क्षेत्र में मजदूर युवक की पिटाई के बाद हुई मौत के मामले में अब हत्या और एट्रोसिटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। इस मामले को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने पहले नाहन में जनवादी संगठनों के बैनर तले प्रदर्शन किया और इसके बाद सीधे हरियाणा के नारायणगढ़ पुलिस थाने पहुंचे, जहां घायल युवक नीरज के बयान के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया।यह मामला जिला सिरमौर के ददाहू क्षेत्र के चूली गांव के तीन युवकों लखनपाल, विजय और नीरज से जुड़ा है, जो औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में मजदूरी करते थे। आरोप है कि गत दिनों तीनों के साथ बर्बर तरीके से मारपीट की गई, जिसमें लखनपाल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए पीजीआई ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना में घायल नीरज का इलाज चल रहा था, जो हाल ही में उपचार के बाद घर लौटा है। इसके बाद उसने पूरे घटनाक्रम को लेकर नारायणगढ़ पुलिस थाने में ब...

मंडी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की मौत पर 8 जनवरी सीटू से संबंधित आंगनवाड़ी यूनियन करेंगी प्रदर्शन

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*8 जनवरी को प्रदेश-स्तरीय प्रदर्शन* *आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की मौत पर जवाबदेही और मुआवज़े की माँग   मंडी ज़िले के तारना वृत्त में ड्यूटी पल्स पोलियो की  ड्यूटी निभाते हुए गिरने से हुई आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हर्षा की मृत्यु ने एक बार  हिमाचल प्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से कराए जा रहे बहु-विभागीय कार्य अब मौत का जोखिम बनते जा रहे हैं, लेकिन सरकार और विभागों की संवेदनहीनता जस की तस बनी हुई है। इसी के विरोध में 8 जनवरी को पूरे प्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदेश-स्तरीय प्रदर्शन किया जाएगा।  हाल ही में प्लस पोलियो अभियान के दौरान मंडी ज़िले के तारना वृत्त में ड्यूटी निभाते हुए गिरने से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हर्षा की मृत्यु ने एक बार फिर इस सच्चाई को उजागर कर दिया है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से हर विभाग का काम तो लिया जाता है, लेकिन जब बात जान की आती है तो हर विभाग जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है। आंगनवाड़ी  वर्कर्स एवं हेल्परज यूनियन संबंधित सीटू   की जिला कार्यकारणी सदस्यों जिला  अध्यक्ष  शामा, महासचिव  वीना , प्रोजेक्ट पौंटा...

मंडी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की मौत पर जवाबदेही और मुआवज़े की माँग

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    *8 जनवरी को प्रदेश-स्तरीय प्रदर्शन* *आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की मौत पर जवाबदेही और मुआवज़े की माँग*   मंडी ज़िले के तारना वृत्त में ड्यूटी पल्स पोलियो की  ड्यूटी निभाते हुए गिरने से हुई आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हर्षा की मृत्यु ने एक बार  हिमाचल प्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से कराए जा रहे बहु-विभागीय कार्य अब मौत का जोखिम बनते जा रहे हैं, लेकिन सरकार और विभागों की संवेदनहीनता जस की तस बनी हुई है। इसी के विरोध में 8 जनवरी को पूरे प्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदेश-स्तरीय प्रदर्शन किया जाएगा।  हाल ही में प्लस पोलियो अभियान के दौरान मंडी ज़िले के तारना वृत्त में ड्यूटी निभाते हुए गिरने से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हर्षा की मृत्यु ने एक बार फिर इस सच्चाई को उजागर कर दिया है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से हर विभाग का काम तो लिया जाता है, लेकिन जब बात जान की आती है तो हर विभाग जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है। आंगनवाड़ी  वर्कर्स एवं हेल्परज यूनियन संबंधित सीटू  की राज्य अध्यक्ष नीलम जसवाल एवं महासचिव वीना  शर्मा  ने  कहा  की सर...

शिक्षा संस्थान या उत्पीड़न केंद्र,?* :---- शोषण मुक्ति मंच हिoप्र o

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 *शिक्षा संस्थान या उत्पीड़न केंद्र ,?* :---- शोषण मुक्ति मंच   धर्मशाला कॉलेज छात्रा  मौत प्रकरण पर सवाल  धर्मशाला स्थित एक कॉलेज की अनुसूचित जाति वर्ग की छात्रा की मृत्यु को लेकर शोषण मुक्ति मंच हिमाचल प्रदेश की राज्य संयोजक आशीष कुमार तथा सह संयोजक राजेश कोष और मिंटा ज़िंटा, राज्य कमेटी सदस्य  जगत राम, और  विवेक कश्यप, द्वारा जारी एक प्रेस बयान में कहा  कि यह घटना केवल एक छात्रा की असामयिक मौत नहीं, बल्कि शैक्षणिक संस्थान के भीतर व्याप्त संस्थागत जातीय भेदभाव, कथित यौन उत्पीड़न और प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर मामला है। बयान में कहा गया कि छात्रा की मृत्यु से पूर्व रिकॉर्ड किए गए बयान में उसने कॉलेज के एक प्रोफेसर पर जातीय आधार पर मानसिक उत्पीड़न करने और उसके साथ शारीरिक रूप से अशोभनीय व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके चलते वह लगातार भय, दबाव और गहरे डिप्रेशन में चली गई। इसके बावजूद, पीड़िता के अनुसूचित जाति से होने के स्पष्ट तथ्यों और आरोपों की गंभीरता के बाद भी पुलिस द्वारा लगभग दो महीने तक एफआईआर दर्ज न किया जाना अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित ज...

ज़ुल्म की खिलाफ कलम

हम ख़ामोश नहीं, अब इतिहास लिखेंगे, ज़ुल्म के हर क़िले से टकराकर इंक़लाब लिखेंगे। जो हक़ छीनेगा, उससे जंग तय है हमारी, एकता और संघर्ष क़ो मिलाकर इंसाफ़ लिखेंगे। जो ख़ामोश हैं, उन्हें रहने दो खामोश ही उनकी भी चुप्पी में दबे जज़्बात लिखेंगे, भूख से जो मर रहे है हजारों लोग   कोई लिखें ना बेशक हम उनके भी   बदतर हुए हालात लिखेंगे। वो लिखेंगे देशद्रोह के पर्चे हम पर  हम सच को सच, साफ़–साफ़ लिखेंगे। सूनी वीरान सड़कों पर गूंजती नारों की ललकार लिखेंगे, डर की चुप्पियों को तोड़कर हम हक़ की सीधी बात लिखेंगे। तोड़ कर बेड़ियाँ  गुलामी की ,  नई आजादी का अहसाह  लिखेंगे  ज़ुल्म की काली इबारत पर संघर्ष का लाल इतिहास लिखेंगे