Posts

23 अक्टूबर को संगड़ाह में करेंगे मांगों को ले कर प्रदर्शन:- ज्योति शर्मा

Image
 आंगनवाड़ी कर्मियों के मानदेय में 12 वर्षों से एक रुपये की भी वृद्धि नहीं: आशीष कुमार 23 अक्टूबर को प्रदर्शन, 1-2 दिसंबर को दिल्ली घेराव में संगड़ाह से सैकड़ों कर्मी लेंगी भाग संगड़ाह। आंगनवाड़ी वर्करज एवं हेल्परज यूनियन संबंधित सीटू, प्रोजेक्ट संगड़ाह की बैठक नीलम जी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में कर्मियों की लंबित मांगों पर चर्चा करते हुए 23 अक्टूबर को प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। बैठक में सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार, जिला कमेटी सदस्य लखबीर चौहान, यूनियन महासचिव शीला, सरोज, ज्योति, बीना, धन्यवंती, सुनीता, राधा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। मीडिया को संबोधित करते हुए ज्योति शर्मा ने कहा कि आंगनवाड़ी कर्मी बच्चों के पोषण, महिलाओं के स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाती हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त मानदेय, सामाजिक सुरक्षा और कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है। सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आंगनवाड़ी कर्मियों के मानदेय में पिछले 12 वर्षों से एक रुपये की भी वृद्धि नहीं हुई है। लगातार बढ़ती महंगाई के बी...

1000 मानदेय वृद्धि लागू करवाने के लिए 23 अक्टूबर को आंगनवाड़ी कर्मियों का प्रदर्शन:- इंदु तोमर

Image
 1000 मानदेय वृद्धि लागू करवाने के लिए 23 अक्टूबर को आंगनवाड़ी कर्मियों का प्रदर्शन पांवटा साहिब। आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन संबंधित सीटू की प्रोजेक्ट कमेटी पांवटा साहिब की बैठक अध्यक्ष इंदु तोमर की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार उपस्थित रहे। बैठक में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा बजट में घोषित ₹1000 मासिक मानदेय वृद्धि लागू न होने पर रोष व्यक्त किया गया तथा इसके विरोध में 23 अक्टूबर 2026 को पूरे हिमाचल प्रदेश में प्रदेशव्यापी प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। प्रोजेक्ट कमेटी अध्यक्ष इंदु तोमर और महासचिव देव कुमारी ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बजट में आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स के मानदेय में ₹1000 प्रतिमाह वृद्धि की घोषणा की थी, लेकिन लगभग छह महीने बीत जाने के बावजूद यह घोषणा लागू नहीं हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि अपनी बजट घोषणा को तत्काल अमलीजामा पहनाते हुए बढ़ा हुआ मानदेय एरियर सहित जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं को घर-घर औ...

विद्रोही लड़कियाँ

Image
 आसमान की सीमा बदलने निकली लड़कियाँ, बंदिशों की दुनिया बदलने निकली लड़कियाँ। खामोशी की ज़ंजीरें तोड़ने निकली लड़कियाँ, अपने हिस्से की आवाज़ बनने निकली लड़कियाँ। बहुत खूबसूरत हैं ये विद्रोही लड़कियाँ, हर शहर, हर गली में लड़ती ये लड़कियाँ। आँखों में सपने, सीने में अंगार, होंठों पर नारे, कदमों में रफ़्तार। हर बंद दरवाज़ा तोड़ने निकली लड़कियाँ, पितृसत्ता की जड़ें उखाड़ने निकली लड़कियाँ। “खूब लड़ी मर्दानी”—कहते रहे ज़माने वाले, हिम्मत को मर्दों की जागीर समझने वाले। हिम्मत की हिस्सेदारी तोड़ने निकली ये लड़कियां   सोच पुरानी   बदलने निकली ये लड़कियां पढ़ने की चाहत, बढ़ने की चाहत, अपनी दुनिया खुद गढ़ने की चाहत। राहों की हर रुकावट हटाने निकली लड़कियाँ, अपने हिस्से का आसमान पाने निकली लड़कियाँ। न पूजा चाहिए, न दया चाहिए, बस बराबरी का हक़ चाहिए। अपनी उड़ान, अपना आसमान चाहिए, जीने का पूरा अधिकार पाने निकली लड़कियां ।  आँखों में कल का संसार लिए निकली ये लड़कियाँ   आवाज़ में बदलाव की पुकार लिए निकली ये लड़कियां ।  कदमों में नई रफ़्तार लिए निकली है लड़कियां ...

बजट में घोषित 1,000 रुपए मासिक वेतन वृद्धि छह माह बाद भी लागू नहीं होने पर आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स के 23 अक्तूबर को प्रदेशव्यापी प्रदर्शन

Image
बजट में घोषित 1,000 रुपए मासिक वेतन वृद्धि छह माह बाद भी लागू नहीं होने पर आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स के 23 अक्तूबर को प्रदेशव्यापी प्रदर्शन 1-2 दिसंबर को दिल्ली महापड़ाव में हिमाचल से जाएंगे 1,000 आंगनबाड़ी कर्मी ______________________________________ आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन संबंधित सीटू हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी की बैठक आज कॉमरेड ज्योति बासु भवन, हमीरपुर में यूनियन की प्रदेशाध्यक्ष नीलम जसवाल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में आंगनबाड़ी कर्मियों की लंबित मांगों, प्रदेश सरकार द्वारा बजट में की गई घोषणाओं को लागू करने, 8 जून को शिमला में किए गए प्रदर्शन तथा 20 अगस्त 2026 को निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंपे गए मांग-पत्र पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक को सीटू राष्ट्रीय सचिव डॉ. कश्मीर ठाकुर, सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, यूनियन अध्यक्ष नीलम जसवाल व महासचिव वीना शर्मा ने संबोधित किया। बैठक में सुदेश ठाकुर, जोगिन्द्र कुमार, गोबिंद भंडारी, चंपा, बिमला, सुदर्शना, शशि, लजया देवी, वीना, रीता, किरण, सुरमा, बिमला ठाकुर, स्वर्चा देवी, इंदु, सुषमा, बबली, चंपा, ...

*2 अक्टूबर को ICDS के 51 वर्ष पूरे — आंगनबाड़ी योजना को स्थायी करने की मांग*

Image
*2 अक्टूबर को ICDS के 51 वर्ष पूरे — आंगनबाड़ी योजना को स्थायी करने की मांग* _______________________  2 अक्टूबर 2026। आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन संबंधित सीटू की राज्य अध्यक्ष नीलम जसवाल और महासचिव वीना शर्मा ने ICDS के 51 वर्ष पूरे होने पर कहा कि आंगनबाड़ी योजना ने देश के करोड़ों बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के पोषण और स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि ICDS की स्वर्ण जयंती पर सरकार द्वारा कोई विशेष कार्यक्रम आयोजित न करना आंगनबाड़ी कर्मियों और इस योजना के महत्व की उपेक्षा है। वहीं, आंगनबाड़ी कर्मियों से विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन में अपने स्तर पर खर्च करवाना भी उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के 25 अप्रैल 2022 के ऐतिहासिक फैसले ने आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर को ग्रेच्युटी का अधिकार दिया है। यह अधिकार लंबे संघर्ष का परिणाम है और सरकार को इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना चाहिए। प्रमुख मांगें: ICDS को स्थायी एवं मजबूत किया जाए। आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। ग्रेच्युटी सहित सामाजिक सुरक्षा क...

तीन महीने के वेतन व एरियर के भुगतान के निर्देश,नौकरी से नहीं हटेंगे मिड डे मील वर्करज

Image
तीन महीने के वेतन व एरियर के भुगतान के निर्देश,नौकरी से नहीं हटेंगे मिड डे मील वर्करज शिमला। मिड डे मील वर्कर्स यूनियन संबंधित सीटू का प्रतिनिधिमंडल आज निदेशक प्रारंभिक शिक्षा विभाग से मिला। प्रतिनिधिमंडल में सीटू राज्य कोषाध्यक्ष जगत राम, सचिव बालक राम, रामप्रकाश तथा मिड डे मील वर्कर्स यूनियन की महासचिव शांति देवी, विमला और बिमला देवी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने मिड डे मील वर्कर्स को पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं मिलने और एरियर के भुगतान का मुद्दा उठाया। निदेशक प्रारंभिक शिक्षा ने शिक्षा उपनिदेशक और शिक्षा खंड अधिकारियों को तीन महीने के वेतन व एरियर का भुगतान करने के निर्देश दिए। उन्होंने पूरा बकाया वेतन एक साथ देने तथा भविष्य में हर महीने समय पर पूरा वेतन देने का आश्वासन दिया। निदेशक ने यह भी आश्वासन दिया कि स्कूलों में क्लस्टर योजना लागू होने के कारण मिड डे मील वर्कर्स को नौकरी से नहीं हटाया जाएगा। मेडिकल चेकअप सहित अन्य समस्याओं के समाधान का भी आश्वासन दिया गया। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि अगले दो-तीन दिनों में वेतन का भुगतान नहीं हुआ तो ब्लॉक स्तर पर विरोध प्रद...

दीयों की रोशनी में दिखाई देते अंधेरे — आशीष कुमार ‘आशी’

Image
 दीयों की रोशनी में दिखाई देते अंधेरे — आशीष कुमार ‘आशी’ सेवा संकल्प और विकास के प्रतीक के रूप में 17 सितम्बर  प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर देशभर में दीये जलाए गए। हर जगह  रोशनी हुई, उत्सव हुआ, तस्वीरें खिंचीं और इसे सेवा, संकल्प और विकास का प्रतीक बताया गया। लेकिन कभी-कभी बहुत ज्यादा रोशनी भी उन सवालों को और साफ कर देती है, जिन्हें हम अंधेरे में छिपा देना चाहते हैं। सत्ता के उत्सव और जनता की जिंदगी के बीच का यह फासला जितना चमकदार बनाया जाता है, उतना ही तीखा दिखाई देता है।  2014 से और आज तक बहुत कुछ बदला है , या फिर ऐसा दर्शाने की कोशिश हुई है की देश की शुरुवात सही मायने में 2014 में हुई  और धीरे धीरे शायद यदि जनता की  आँखे ऐसे ही इन  दियों से चोंधियाती रही तो शायद ये भी सम्भव है की 17 सितम्बर 1950 में गुजरात के  वडनगर में मोदी जी का जन्म हुआ शायद उसे चार धामों की तरह पाँचवे धाम में ना बताना शुरु कर दे,  परन्तु  आज उन्हीं दीयों की लौ को देखते हुए एक मजदूर पूछ रहा है—मेरी मेहनत की न्यूनतम कीमत आखिर कब तय होगी? काम के सही दाम , समान काम का ...

सांप्रदायिकता मजदूर आंदोलन को कमजोर करने का पूंजीपतियों का औजार: प्रेम गौतम

Image
 सांप्रदायिकता मजदूर आंदोलन को कमजोर करने का पूंजीपतियों का औजार: प्रेम गौतम नाहन। सीटू जिला सिरमौर द्वारा आयोजित शिक्षा शिविर के दूसरे दिन आज मजदूर आंदोलन के सामने मौजूद वैचारिक और राजनीतिक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। शिविर में सीटू के राज्य महासचिव प्रेम गौतम ने “सांप्रदायिकता और मजदूर आंदोलन के सामने खतरे” विषय पर अपनी बात रखते हुए कहा कि सांप्रदायिकता का इस्तेमाल समाज को धर्म और समुदाय के आधार पर बांटने के लिए किया जाता है, जिसका सीधा असर मजदूर वर्ग की एकता और संघर्ष पर पड़ता है। प्रेम गौतम ने कहा कि मजदूर चाहे किसी भी धर्म, जाति या समुदाय से संबंधित हो, उसकी मूल समस्याएं एक जैसी हैं। महंगाई, बेरोजगारी, कम मजदूरी, असुरक्षित रोजगार, ठेका प्रथा और सामाजिक सुरक्षा में कटौती जैसी समस्याओं से सभी मेहनतकश लोग प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि जब मजदूर अपनी वास्तविक आर्थिक समस्याओं के आधार पर एकजुट होकर संघर्ष करता है तो उसकी ताकत बढ़ती है, जबकि सांप्रदायिक विभाजन मजदूरों की इस एकता को कमजोर करता है। उन्होंने कहा कि पूंजीपति वर्ग अपने मुनाफे को बढ़ाने और मजदूरों के शोषण के ख...