24 मार्च क़ो हिमाचल से दिल्ली रैली में जाएंगे हजारों सीपीआई (एम) कार्यकर्ता :-- संजय चौहान
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी की बैठक डॉ. ओंकार शाद की अध्यक्षता में शिमला में हुई। बैठक में पार्टी केंद्रीय सचिवालय सदस्य विक्रम सिंह ने अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय व दलित मुद्दों पर पार्टी की सोच को सामने रखा। बैठक में राज्य सचिव संजय चौहान ने राज्य की राजनीतिक परिस्थिति पर बात रखी। पार्टी नेता कॉमरेड राकेश सिंघा, डॉ. कश्मीर सिंह ठाकुर, कुशाल भारद्वाज, डॉ. कुलदीप सिंह तंवर, प्रेम गौतम, विजेंद्र मेहरा, भूपेंद्र सिंह सहित पार्टी राज्य कमेटी के अन्य सदस्य बैठक में मौजूद रहे।
राज्य सचिव संजय चौहान ने कहा है कि मोदी सरकार की जनविरोधी, मजदूर, किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ 24 मार्च को दिल्ली में होने वाली रैली में हिमाचल प्रदेश से एक हजार से ज्यादा लोग भाग लेंगे। दिल्ली रैली के मध्यनजर पार्टी राज्य कमेटी ने भारत पर न्यूजीलैंड व यूरोपियन यूनियन द्वारा थोपे गए जनविरोधी मुक्त व्यापार समझौतों, अमरीका द्वारा थोपी गई किसान, मजदूर, उद्योग विरोधी ट्रेड डील व टैरिफ, मोदी सरकार द्वारा लाए गए मजदूर विरोधी चार लेबर कोड, जनविरोधी बिजली विधेयक 2025, बीज विधेयक, मनरेगा को खत्म करने व जनविरोधी वी बी – जी राम जी योजना को लाने, हिमाचल प्रदेश की राजस्व घाटा ग्रांट खत्म करने, स्मार्ट मीटर व अन्य मुद्दों पर हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों में 9 मार्च से 19 मार्च तक जत्था चलाने व नुक्कड़ नाटक आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्रदेशभर में केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ जत्था चलाने से पूर्व दस दिन तक गांव गांव में व्यापक अभियान व स्थानीय स्तर के जत्थे चलाने का निर्णय लिया गया है। जत्था की शुरूआत 9 मार्च को पांवटा साहिब से होगी व इसका समापन 19 मार्च को शिमला में होगा। इसके अंतर्गत पांवटा साहिब, रोहड़ू, रामपुर, टापरी, आनी, कुल्लू, बालीचौकी, जोगिंद्रनगर, सरकाघाट, कांगड़ा के मंड क्षेत्र, खुंडियां, धर्मशाला, चम्बा, सुजानपुर, ऊना, बिलासपुर, दाड़लाघाट, सोलन, शिमला में जनसभाएं व नुक्कड़ नाटक किए जाएंगे।
संजय चौहान ने कहा कि मोदी सरकार पूंजीपतियों के हितों की रखवाली कर रही है व उन्हें जोरशोर से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने मोदी सरकार को नैगमिक घरानों व सांप्रदायिक शक्तियों का गठजोड़ बताया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की नीतियों से महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी, बेकारी बढ़ रही है। यह सरकार अमीरों को भारी छूट दे रही है व किसानों मजदूरों को बर्बाद करने वाली नीतियों पर आगे बढ़ रही है। इस सरकार के न्यूजीलैंड, यूरोपियन यूनियन व अमरीका से किए गए हालिया समझौतों से हिमाचल प्रदेश के किसान व बागवान बर्बाद हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि मनरेगा के खत्म होने से हिमाचल प्रदेश में पंजीकृत 28 लाख लोग आर्थिक तौर पर बुरी तरह प्रभावित होंगे। बिजली के निजीकरण से न केवल जनता प्रभावित होगी, बल्कि प्रदेश के लगभग पचास हजार से ज्यादा कर्मचारियों व पेंशनरों के आर्थिक हित प्रभावित होंगे।
संजय चौहान ने कहा कि मुक्त व्यापार समझौतों व ट्रेड डील से सेब, नाशपाती, कीवी व अन्य फलों की खेती में लगे तीन लाख बागवान व किसान परिवार बर्बादी के कगार पे पहुंच जाएंगे। इससे प्रदेश के घरेलू उत्पाद में तेरह प्रतिशत का योगदान देने वाली साढ़े पांच हजार करोड़ रुपए की आर्थिकी की रीढ़ की हड्डी टूट जाएगी। स्मार्ट मीटर से जनता पर भारी आर्थिक बोझ पड़ना तथा महंगी बिजली मिलना व जनता को मिलने वाली सब्सिडी खत्म होना तय है। लेबर कोड लागू होने से बंधुआ मजदूरी व गुलामी प्रथा कायम होगी। देश के 75 प्रतिशत मजदूर श्रम कानून के दायरे से बाहर हो जाएंगे। मोदी सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश की राजस्व घाटा ग्रांट बंद करने से हिमाचल के आर्थिक हित बुरी तरह प्रभावित होंगे तथा जनता, कर्मचारी व पेंशनर भारी दिक्कत में आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी ने इन सभी मुद्दों पर प्रदेशव्यापी जत्था के जरिए जनता को लामबंद करके जन जागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया है।

Comments
Post a Comment