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Showing posts from November, 2024

मजदूर दिवस और बुद्ध पूर्णिमा: श्रम, करुणा और न्याय का प्रश्न* :---- आशीष कुमार

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 *मजदूर दिवस और बुद्ध पूर्णिमा: श्रम, करुणा और न्याय का प्रश्न* :---- आशीष कुमार आशी आज एक ओर पूरी दुनिया मजदूर दिवस मना रही है, तो दूसरी ओर बुद्ध पूर्णिमा भी है। यह संयोग केवल कैलेंडर का नहीं, बल्कि विचारों का है—श्रम और करुणा, न्याय और मानव गरिमा के बीच गहरे संबंध का प्रतीक है । मजदूर दिवस हमें उन हाथों की संघर्षों की  याद दिलाता है, जिन्होंने दुनिया को गढ़ा है। बुद्ध पूर्णिमा हमें उस चेतना की याद दिलाती है, जिसने मनुष्य को दुःख, असमानता और शोषण के कारणों को समझने और उनसे मुक्ति की दिशा दिखाई। मजदूर दिवस का ऐतिहासिक आधार भारत में पहली बार 1 मई 1923 को मजदूर दिवस मनाया गया था। इसके पीछे पूरी दुनिया में हुए मजदूर आंदोलनों की लंबी श्रृंखला थी, जिसकी सबसे महत्वपूर्ण कड़ी 1886 का शिकागो आंदोलन रहा, जहाँ 8 घंटे काम के अधिकार के लिए मजदूरों ने संघर्ष किया और अपने जीवन तक बलिदान कर दिए। यह इतिहास बताता है कि श्रम अधिकार कभी दया से नहीं मिले, बल्कि संघर्ष और संगठित शक्ति से प्राप्त हुए हैं। परन्तु  आज का सवाल भी यही है  क्या मजदूर की स्थिति बदली है?  लगभग एक सदी के...

न्यूनतम वेतन की माँग को ले कर 3 दिसंबर को दिल्ली में गरजेंगे मिड डे मील वर्करज:--संदीप

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 *न्यूनतम वेतन की माँग  को ले कर 3 दिसंबर को दिल्ली में गरजेंगे मिड डे  मील वर्करज* मिड डे  मील वर्करज संबंधित सीटू नाहन  ब्लॉक की बैठक ब्लॉक अध्यक्ष संदीप की अध्यक्षता में की गई बैठक मे नाहन  ब्लॉक से 3 दर्जन के करीब लोगों ने भाग लिया , बैठक में मिड डे  मील यूनियन की जिला महासचिव निर्मला और सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बैठक को सम्बोधित करते हुए यूनियन की जिला महसचिव निर्मला और अध्यक्ष संदीप ने कहा की  आज प्रदेश का मिड डे  मील वर्कर का केंदर की मोदी सरकार और प्रदेश की सरकारे लगातार शोषण कर रही है । बैठक में मिड डे  मील वर्करज की स्थाई नौकरी और समाजिक सुरक्षा की माँग  और 2013 में दिल्ली में आयोजित  45 वें श्रम  सम्मेलन के अनुसार इनको स्थाई कर्मचारी बनाने का जो दावा किया था लेकिन वे आज तक कागजों में हि सीमित हो गया। सीटू जिला महसचिव आशीष कुमार ने अपने सम्बोधन में प्रदेश की सुखु सरकार और केंदर की मोदी सरकार पर तीखा हमला किया  आशीष कुमार ने कहा  की सरकारें  महिला सशक्तिकरण की बाते तो कर...

मामूली से वेतन मे जीवित रहने के लिए मजबूर हैं आंगनवाड़ी वर्करज और हेल्परज:--सीटू

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 *पांच दशकों के समर्पित कार्य के बाद भी,आंगनवाड़ी वर्करज और हेल्परज को   श्रमिकों के रूप में आज तक मान्यता नही देना राष्ट्रीय शर्म की बात*    *मामूली से वेतन मे जीवित रहने के लिए मजबूर हैं आंगनवाड़ी वर्करज और हेल्परज*                                आज नाहन में आंगनवाड़ी वर्करज एवं हेल्परज यूनियन संबंधित सीटू की बैठक जिला उपाध्यक्ष शीला ठाकुर की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई । बैठक को सीटू जिला महसचिव आशीष कुमार ने सम्बोधित करते हुए कहा की  कि एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) योजना, जिसे अब सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 कहा जाता है, 2025 में 50 साल पूरे करने जा रही है। जैसा कि आप जानते हैं, यह योजना मानवता के सबसे बड़े खतरे यानि कुपोषण और भूख – जो हमारे देश जोकि दुनिया के आधे कुपोषित बच्चों का घर है, को संबोधित करने वाली दुनिया की सबसे बड़ी योजना है। । यह व्यापक रूप से स्वीकार किया गया है कि पिछले वर्षों में सार्वभौमिक आईसीडीएस ने हमारे देश को मातृ एवं शिशु मृत्यु दर के मुद्दों को संबोधित...

नही हो कोई भी मिनी आंगनवाड़ी केंद्र बंद, सभी को किया जाये अपग्रेड* :--सीटू

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 *आंगनवाड़ी वर्करज यूनियन संबंधित सीटू के प्रोजेक्ट स्तर  के प्रदर्शनो का परिणाम  नही होगा कोई भी मिनी आंगनवाड़ी केंद्र बंद, सभी को किया जायेगा अपग्रेड* *मंत्री से मिला आंगनवाड़ी वर्करज और  हेल्परज  यूनियन सीटू का डेलीगेशन* आज दिनांक 11 नवंबर  2024 को *आंगनवाड़ी वर्करज़  हेल्पर यूनियन संबंधित Citu* का प्रतिनिधि मंडल  ठियोग  के पूर्व विधायक और सीटू के राज्य अध्यक्ष विजेंदर मेहरा और सीटू राज्य महासचिव प्रेम गौतम और राज्य उपाध्यक्ष जगत राम जी की अध्यक्षता में  विभागीय मंत्री करनल  धनीराम शान्डील से *मिनी आंगनवाड़ी के मुद्दे को  लेकर मिला* वर्तमान समय में मिनी केन्द्रो को बंद करने का जो आदेश दिया गया था उसे पर  सीटू और यूनियन पदाधिकारियों ने   चर्चा की और बताया की किस प्रकार मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रो को बंद करने का गलत निर्णय लिया गया  , आंगनवाड़ी यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा की मिन्नी केंद्रों को बंद करने की नहीं बल्कि अपग्रेड करने की जरूरत है , इस चर्चा के बाद मंत्री जी ने कहा  की हमें मिनी केंद्र की जरूरत है और...