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Showing posts from May, 2024

मजदूर दिवस और बुद्ध पूर्णिमा: श्रम, करुणा और न्याय का प्रश्न* :---- आशीष कुमार

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 *मजदूर दिवस और बुद्ध पूर्णिमा: श्रम, करुणा और न्याय का प्रश्न* :---- आशीष कुमार आशी आज एक ओर पूरी दुनिया मजदूर दिवस मना रही है, तो दूसरी ओर बुद्ध पूर्णिमा भी है। यह संयोग केवल कैलेंडर का नहीं, बल्कि विचारों का है—श्रम और करुणा, न्याय और मानव गरिमा के बीच गहरे संबंध का प्रतीक है । मजदूर दिवस हमें उन हाथों की संघर्षों की  याद दिलाता है, जिन्होंने दुनिया को गढ़ा है। बुद्ध पूर्णिमा हमें उस चेतना की याद दिलाती है, जिसने मनुष्य को दुःख, असमानता और शोषण के कारणों को समझने और उनसे मुक्ति की दिशा दिखाई। मजदूर दिवस का ऐतिहासिक आधार भारत में पहली बार 1 मई 1923 को मजदूर दिवस मनाया गया था। इसके पीछे पूरी दुनिया में हुए मजदूर आंदोलनों की लंबी श्रृंखला थी, जिसकी सबसे महत्वपूर्ण कड़ी 1886 का शिकागो आंदोलन रहा, जहाँ 8 घंटे काम के अधिकार के लिए मजदूरों ने संघर्ष किया और अपने जीवन तक बलिदान कर दिए। यह इतिहास बताता है कि श्रम अधिकार कभी दया से नहीं मिले, बल्कि संघर्ष और संगठित शक्ति से प्राप्त हुए हैं। परन्तु  आज का सवाल भी यही है  क्या मजदूर की स्थिति बदली है?  लगभग एक सदी के...

हिमाचल जैसे शांत राज्य में भी मुसलमानों के प्रति जहर उगलने से नहीं चुके मोदी* आशीष कुमार (हि०प्र०) सिरमौर

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 *हिमाचल जैसे शांत राज्य में भी मुसलमानों  के प्रति जहर उगलने से नहीं चुके मोदी* *आँगनावाडी ,मिड डे  मील , आशा वर्करज  की आय दोगुनी करने का इंडी गठबंधन का वादा यूनियनों के तीखे संघर्ष का है नतीजा*         आशीष कुमार (हि०प्र०) सिरमौर 18 वी लोक सभा के चुनाव के अंतिम चरण में अब सभी राजनैतिक दलों का पुरा ध्यान हिमाचल प्रदेश की  4 लोकसभा सीटों की तरफ हो गया है । एक तरफ भारतीय जनता पार्टी  के स्टार प्रचारक के रूप में प्रधानमंत्री को चुनावी मैदान   हिमाचल प्रदेश के सिरमौर  में उतारा  वंही  दूसरी तरफ इंडी गठबंधन के और कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष  राहुल गांधी जी ने भी हिमाचल का रुख किया , हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर मात्र 2 दिनों के अंतराल में देश की दो राष्ट्रीय पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व के भाषणों का गवाह बना। यंहा पर दोनों  नेताओं के भाषण का तुलनात्मक विवरण संक्षिप्त में कर रहें है। अगर  प्रधानमंत्री जी के भाषण और इंडी गठबंधन की जनसभा के नेता राहुल गांधी के भाषण को तुलनात्मक  रूप से देखें त...