Posts

Showing posts from November, 2025

मजदूर दिवस और बुद्ध पूर्णिमा: श्रम, करुणा और न्याय का प्रश्न* :---- आशीष कुमार

Image
 *मजदूर दिवस और बुद्ध पूर्णिमा: श्रम, करुणा और न्याय का प्रश्न* :---- आशीष कुमार आशी आज एक ओर पूरी दुनिया मजदूर दिवस मना रही है, तो दूसरी ओर बुद्ध पूर्णिमा भी है। यह संयोग केवल कैलेंडर का नहीं, बल्कि विचारों का है—श्रम और करुणा, न्याय और मानव गरिमा के बीच गहरे संबंध का प्रतीक है । मजदूर दिवस हमें उन हाथों की संघर्षों की  याद दिलाता है, जिन्होंने दुनिया को गढ़ा है। बुद्ध पूर्णिमा हमें उस चेतना की याद दिलाती है, जिसने मनुष्य को दुःख, असमानता और शोषण के कारणों को समझने और उनसे मुक्ति की दिशा दिखाई। मजदूर दिवस का ऐतिहासिक आधार भारत में पहली बार 1 मई 1923 को मजदूर दिवस मनाया गया था। इसके पीछे पूरी दुनिया में हुए मजदूर आंदोलनों की लंबी श्रृंखला थी, जिसकी सबसे महत्वपूर्ण कड़ी 1886 का शिकागो आंदोलन रहा, जहाँ 8 घंटे काम के अधिकार के लिए मजदूरों ने संघर्ष किया और अपने जीवन तक बलिदान कर दिए। यह इतिहास बताता है कि श्रम अधिकार कभी दया से नहीं मिले, बल्कि संघर्ष और संगठित शक्ति से प्राप्त हुए हैं। परन्तु  आज का सवाल भी यही है  क्या मजदूर की स्थिति बदली है?  लगभग एक सदी के...

हिमाचल में दलित अस्मिता का ज्वालामुखी फूटा: 17 नवंबर को उठी आवाज़ अब सिर्फ विरोध नहीं, नया सामाजिक आंदोलन है:--आशीष कुमार

Image
हिमाचल में दलित अस्मिता का ज्वालामुखी फूटा: 17 नवंबर को उठी आवाज़ अब सिर्फ विरोध नहीं, नया सामाजिक आंदोलन है :--- आशीष कुमार  संयोजक शोषण मुक्ति मंच हिमाचल प्रदेश   ------------------------------------------------- हिमाचल प्रदेश को अक्सर एक शांत, सुरक्षित और प्रगतिशील राज्य के रूप में पेश किया जाता रहा है, लेकिन 17 नवंबर 2025 ने इस छवि की परतें उधेड़ दीं। इस दिन उठी आवाज़ें किसी अचानक गुस्से का परिणाम नहीं थीं, बल्कि दशकों से जमा हुए अपमान, उत्पीड़न और प्रशासनिक बेरुख़ी का फट पड़ा ज्वालामुखी थीं। रोहड़ू में दलित बच्चे सिकंदर की संदिग्ध मौत से लेकर कुल्लू–सैंज की दलित महिला की निर्मम हत्या तक, हाल की घटनाओं ने यह साफ किया कि हिमाचल की “शांति” दरअसल हाशिये पर धकेले गए समुदायों की चुप्पी पर टिकी हुई थी। इस चुप्पी ने अब विद्रोह का रूप ले लिया है, और यह विद्रोह सिर्फ विरोध तक सीमित नहीं—बल्कि सामाजिक पुनर्गठन की दिशा में बढ़ता कदम है। इस राज्यव्यापी प्रदर्शन की सबसे बड़ी विशेषता उसकी व्यापकता और संगठित रूप था। ये विरोध   किन्नौर   मंडी, रामपुर,, शिमला, बालीचौकी,...

हमीरपुर में महिला पर नाबालिग द्वारा दराती से हमला — पांच दिन बाद PGI में महिला की दर्दनाक मौत

Image
 *हमीरपुर में महिला पर नाबालिग द्वारा दराती से हमला — पांच दिन बाद PGI में महिला की दर्दनाक मौत *,  शोषण मुक्ति मंच  राज्य  जिला कमेटी हिमाचल प्रदेश अभी हाल ही  में  हमीरपुर ज़िले में घटी यह हृदयविदारक घटना प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा पर गम्भीर सवाल खड़े करती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पूर्व एक नाबालिग ने एक महिला पर दराती से जानलेवा हमला किया था, जिसके बाद घायल महिला को गंभीर अवस्था में पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती करवाया गया। पाँच दिन तक जीवन और मृत्यु से संघर्ष करने के बाद महिला ने दम तोड़ दिया। मंच के राज्य  संयोजक आशीष कुमार ओर सह संयोजक राजेश कोष ओर मिंटा जिंटा  ने कहा कि  शोषण मुक्ति मंच हिमाचल प्रदेश राज्य   कमेटी इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करता है और मांग करता है कि: . दोषी नाबालिग पर जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की सीमाओं में रहते हुए कठोरतम कार्रवाई की जाए। पीड़िता के परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता और सुरक्षा दी जाए। प्रदेश सरकार महिला सुरक्षा के लिए ठोस नीतिगत कदम उठाए, ताकि इस तरह की घटनाएँ दोबारा न हों। मंच का ...