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Showing posts from November, 2025

हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार: आधुनिक हिमाचल की नींव रखने वाले युगदृष्टा — आशीष कुमार

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जब भी हिमाचल प्रदेश के निर्माण और विकास की चर्चा होगी, सबसे पहला नाम डॉ. यशवंत सिंह परमार का लिया जाएगा। उन्हें केवल हिमाचल प्रदेश का प्रथम मुख्यमंत्री कहना उनके व्यक्तित्व और योगदान को सीमित कर देना होगा। वे उस विचार के जनक थे जिसने बिखरे हुए पहाड़ी क्षेत्रों को एक सशक्त, आत्मसम्मानी और विकासोन्मुख राज्य के रूप में स्थापित किया। आधुनिक हिमाचल जिस मजबूत नींव पर आज खड़ा है, उस नींव का प्रत्येक आधार-स्तंभ डॉ. परमार की दूरदर्शिता, संघर्ष और विकास-दृष्टि का परिणाम है। इसलिए उन्हें "हिमाचल निर्माता" कहा जाता है। 4 अगस्त केवल एक महान नेता की जयंती नहीं है, बल्कि उस व्यक्ति के विचारों को याद करने का अवसर है जिसने सत्ता को साधन माना, लक्ष्य नहीं। जिसने राजनीति को जनसेवा का माध्यम बनाया और जिसने हिमाचल के विकास की शुरुआत गांव, किसान और पंचायत से की। डॉ. यशवंत सिंह परमार का जन्म सिरमौर जिले के चनहालग क्षेत्र की लाना बाका पंचायत में हुआ। पहाड़ की कठिन परिस्थितियों में पले-बढ़े डॉ. परमार ने बचपन से ही ग्रामीण जीवन की चुनौतियों को देखा और समझा। यही अनुभव आगे चलकर उनकी राजनीति और विकास की ...

हिमाचल में दलित अस्मिता का ज्वालामुखी फूटा: 17 नवंबर को उठी आवाज़ अब सिर्फ विरोध नहीं, नया सामाजिक आंदोलन है:--आशीष कुमार

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हिमाचल में दलित अस्मिता का ज्वालामुखी फूटा: 17 नवंबर को उठी आवाज़ अब सिर्फ विरोध नहीं, नया सामाजिक आंदोलन है :--- आशीष कुमार  संयोजक शोषण मुक्ति मंच हिमाचल प्रदेश   ------------------------------------------------- हिमाचल प्रदेश को अक्सर एक शांत, सुरक्षित और प्रगतिशील राज्य के रूप में पेश किया जाता रहा है, लेकिन 17 नवंबर 2025 ने इस छवि की परतें उधेड़ दीं। इस दिन उठी आवाज़ें किसी अचानक गुस्से का परिणाम नहीं थीं, बल्कि दशकों से जमा हुए अपमान, उत्पीड़न और प्रशासनिक बेरुख़ी का फट पड़ा ज्वालामुखी थीं। रोहड़ू में दलित बच्चे सिकंदर की संदिग्ध मौत से लेकर कुल्लू–सैंज की दलित महिला की निर्मम हत्या तक, हाल की घटनाओं ने यह साफ किया कि हिमाचल की “शांति” दरअसल हाशिये पर धकेले गए समुदायों की चुप्पी पर टिकी हुई थी। इस चुप्पी ने अब विद्रोह का रूप ले लिया है, और यह विद्रोह सिर्फ विरोध तक सीमित नहीं—बल्कि सामाजिक पुनर्गठन की दिशा में बढ़ता कदम है। इस राज्यव्यापी प्रदर्शन की सबसे बड़ी विशेषता उसकी व्यापकता और संगठित रूप था। ये विरोध   किन्नौर   मंडी, रामपुर,, शिमला, बालीचौकी,...

हमीरपुर में महिला पर नाबालिग द्वारा दराती से हमला — पांच दिन बाद PGI में महिला की दर्दनाक मौत

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 *हमीरपुर में महिला पर नाबालिग द्वारा दराती से हमला — पांच दिन बाद PGI में महिला की दर्दनाक मौत *,  शोषण मुक्ति मंच  राज्य  जिला कमेटी हिमाचल प्रदेश अभी हाल ही  में  हमीरपुर ज़िले में घटी यह हृदयविदारक घटना प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा पर गम्भीर सवाल खड़े करती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पूर्व एक नाबालिग ने एक महिला पर दराती से जानलेवा हमला किया था, जिसके बाद घायल महिला को गंभीर अवस्था में पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती करवाया गया। पाँच दिन तक जीवन और मृत्यु से संघर्ष करने के बाद महिला ने दम तोड़ दिया। मंच के राज्य  संयोजक आशीष कुमार ओर सह संयोजक राजेश कोष ओर मिंटा जिंटा  ने कहा कि  शोषण मुक्ति मंच हिमाचल प्रदेश राज्य   कमेटी इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करता है और मांग करता है कि: . दोषी नाबालिग पर जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की सीमाओं में रहते हुए कठोरतम कार्रवाई की जाए। पीड़िता के परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता और सुरक्षा दी जाए। प्रदेश सरकार महिला सुरक्षा के लिए ठोस नीतिगत कदम उठाए, ताकि इस तरह की घटनाएँ दोबारा न हों। मंच का ...