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मजदूरों के न्यूनतम वेतन पर फैसला, लेकिन प्रमुख ट्रेड यूनियनें ही बोर्ड से बाहर!

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 मजदूरों के न्यूनतम वेतन पर फैसला, लेकिन प्रमुख ट्रेड यूनियनें ही बोर्ड से बाहर! ________________________________________________ मजदूरों के न्यूनतम वेतन पर फैसला, लेकिन प्रमुख ट्रेड यूनियनें ही बोर्ड से बाहर! सीटू, एटक और इंटक को न्यूनतम वेतन सलाहकार बोर्ड से बाहर रखना मजदूर-विरोधी पक्षपात: सीटू सीटू ने मोदी सरकार के कदम की निंदा की, देशव्यापी प्रतिरोध की तैयारी का आह्वान नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार द्वारा पुनर्गठित केंद्रीय न्यूनतम वेतन सलाहकार बोर्ड में देश की प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों को प्रतिनिधित्व नहीं दिए जाने का सीटू ने कड़ा विरोध किया है। सीटू ने इसे सरकार का स्पष्ट मजदूर-विरोधी और पक्षपातपूर्ण रवैया करार देते हुए देशभर के मजदूरों और ट्रेड यूनियनों से इसके खिलाफ आवाज बुलंद करने का आह्वान किया है। केंद्र सरकार ने 21 जुलाई 2026 को केंद्रीय न्यूनतम वेतन सलाहकार बोर्ड का पुनर्गठन कर अधिसूचना जारी की, जिसे सार्वजनिक रूप से काफी बाद में उपलब्ध कराया गया। हैरानी की बात यह है कि देश की प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों में शामिल सीटू, एटक और इंटक को इस बोर्ड में प्रतिनिधित्...

मजदूरों के न्यूनतम वेतन पर फैसला, लेकिन प्रमुख ट्रेड यूनियनें ही बोर्ड से बाहर!

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 मजदूरों के न्यूनतम वेतन पर फैसला, लेकिन प्रमुख ट्रेड यूनियनें ही बोर्ड से बाहर! ________________________________________________ मजदूरों के न्यूनतम वेतन पर फैसला, लेकिन प्रमुख ट्रेड यूनियनें ही बोर्ड से बाहर! सीटू, एटक और इंटक को न्यूनतम वेतन सलाहकार बोर्ड से बाहर रखना मजदूर-विरोधी पक्षपात: सीटू सीटू ने मोदी सरकार के कदम की निंदा की, देशव्यापी प्रतिरोध की तैयारी का आह्वान नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार द्वारा पुनर्गठित केंद्रीय न्यूनतम वेतन सलाहकार बोर्ड में देश की प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों को प्रतिनिधित्व नहीं दिए जाने का सीटू ने कड़ा विरोध किया है। सीटू ने इसे सरकार का स्पष्ट मजदूर-विरोधी और पक्षपातपूर्ण रवैया करार देते हुए देशभर के मजदूरों और ट्रेड यूनियनों से इसके खिलाफ आवाज बुलंद करने का आह्वान किया है। केंद्र सरकार ने 21 जुलाई 2026 को केंद्रीय न्यूनतम वेतन सलाहकार बोर्ड का पुनर्गठन कर अधिसूचना जारी की, जिसे सार्वजनिक रूप से काफी बाद में उपलब्ध कराया गया। हैरानी की बात यह है कि देश की प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों में शामिल सीटू, एटक और इंटक को इस बोर्ड में प्रतिनिधित्...

1 दिसम्बर को ऐतिहासिक मजदूर प्रतिरोध — महंगाई, स्मार्ट मीटर और श्रम अधिकारों पर होगा संघर्ष

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https://www.facebook.com/share/p/19RJYj7fpp/ मजदूर घेरेंगे दिल्ली, हिमाचल से हजारों की हुंकार ________________________________________ 1 दिसम्बर को ऐतिहासिक मजदूर प्रतिरोध — महंगाई, स्मार्ट मीटर और श्रम अधिकारों पर होगा संघर्ष ______________________________ शिमला। सीटू हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी की शिमला में राज्य अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा की अध्यक्षाता में बैठक  हुई, बैठक में 1 दिसम्बर 2026 को दिल्ली में होने वाले “मजदूरों! घेरो दिल्ली” कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए हिमाचल से हजारों मजदूरों को लामबंद करने का निर्णय लिया गया। बैठक में  महासचिव प्रेम गौतम ने तैयारियों की रूपरेखा प्रस्तुत की। सीटू राष्ट्रीय सचिव डॉ. कश्मीर सिंह ठाकुर भी बैठक में मौजूद रहे।  सीटू नेताओं ने कहा कि देशभर से एक लाख से अधिक मजदूर वॉलंटियर्स दिल्ली पहुंचेंगे। हिमाचल के मजदूरों से 30 नवम्बर तक दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया गया है, ताकि 1 दिसम्बर को सुबह 10 बजे होने वाले मार्च में शामिल हो सकें। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, रोजगार की असुरक्षा और श्रमिक अधिकारों पर हमले आम जनता और मजदूर वर्ग...