जाति का दर्द नही झेला. इसलिए आरक्षण पर दे रहे है शांता कुमार ज्ञान*:--आशीष कुमार

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 *जाति का दर्द नही झेला. इसलिए  आरक्षण पर दे रहे है शांता कुमार ज्ञान*  *गरीबी नहीं, सामाजिक भेदभाव है असली कारण*           ( आशीष कुमार. राज्य संयोजक शोषण मुक्ति मंच ) शांता कुमार  द्वारा कुछ दिन पूर्व दिये ब्यान में  यह कहना कि देश में आरक्षण का आधार जाति नहीं बल्कि केवल गरीबी होना चाहिए, न तो कोई नया तर्क है और न ही यह भारतीय समाज की वास्तविकता को समझने वाला दृष्टिकोण है। सच यह है कि भारत में आरक्षण की व्यवस्था गरीबी दूर करने के लिए नहीं, बल्कि सदियों से चले आ रहे जातिगत भेदभाव, सामाजिक बहिष्कार और अवसरों की असमानता को दूर करने के लिए बनाई गई थी। भारत का संविधान, जिसे B. R. Ambedkar जैसे महान समाज सुधारकों ने गढ़ा, इस सच्चाई को स्वीकार करता है कि कुछ जातियों को केवल आर्थिक रूप से नहीं बल्कि सामाजिक रूप से भी दबाया गया। इसलिए आरक्षण सामाजिक न्याय का एक संवैधानिक उपाय है, न कि कोई गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम। अगर आरक्षण को केवल आर्थिक आधार से जोड़ने की बात की जाती है, तो यह भी पूछा जाना चाहिए कि EWS आरक्षण पर शांता कुमार जैसे नेता अक्सर खाम...

तीन माह से वेतन न मिलने पर आँगनवाड़ी वर्करों मे रोष*


 *तीन माह से वेतन न मिलने पर आँगनवाड़ी  वर्कर्ज हेल्पर्ज  मे रोष*



*आँगनवाड़ी  हेल्पर्ज कि पदोन्नति मे  आयु सीमा रखने के विरोध मे सचिवालय का घेराव करेगी यूनियन*


आंगनवाड़ी वर्कर्स हेल्पर फेडरेशन ऑफ़ इंडिया संबंधित सीटू की प्रोजेक्ट कमेटी के अध्यक्ष शीला ठाकुर और सचिव  सीता तोमर और सीटू जिला मासचिव आशीष कुमार  ने कहा है कि आंगनवाड़ी वर्कर्स और हेल्पर को पिछले तीन माह से उन्हें पूरा वेतन नहीं मिल रहा है एक तरफ तो सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दे रही है दूसरी तरफ   उन् आंगनवाड़ी वर्कर्स और हेल्परज् को  दिन-रात घर-घर जाकर सरकारी योजनाओं का  प्रचार करते हैं उन्ही  वर्कर्स और हेल्पर को पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिल रहा है यूनियन के पदाधिकारी ने बताया कि इससे पहले भी कई बार विभाग को इस बारे में सूचित किया जा चुका है परंतु विभाग की तरफ से इस पर कोई भी उचित कार्यवाही नहीं की जाती  सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार ने कहा कि जैसा कि आए दिन आप देख रहे हैं कि आंगनबाड़ी वर्कर्स  और हेल्परज  पर सरकार दिन-रात हमले कर रही है और इस योजना को खत्म करने की पुरी साजिश रच रही है   रही है  लेकिन संगठन के दबाव ने चलते अपने मनसूबों मे कामयाब नहीं हि रही है । शीला ठाकुर और सीता तोमर ने बताया की 

 यूनियन निरंतर अपनी मांगों को सरकार के समक्ष उठा रही है । इस्के इलावा सीटू महासचिव ने कहा कि सरकार चाहे केंदर  की  हो या राज्य की सरकार  आईसीडीएस को खत्म करने की एक साजिश   रही है  जोकि यूनियन   कभी भी संभव  नहीं होने देंगी  , इन्ही कोशिशों को  नाकाम करने के लिए 25 से 27 नवंबर को शिमला सचिवालय के बाहर एक महापड़ाव का आयोजन किया जा रहा है इस महापड़ाव  में आंगनबाड़ी से संबंधित मांगों को उठाया जाएगा, जिसमे  महापड़ाव में  जिला सिरमौर से भी  हजारों की तादाद में आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर भाग लेंगे शीला ठाकुर ने कहा कि सिर्फ आंगनवाड़ी वर्कर्स के वेतन को हि रोकना  सरकार की एक सोची  समझी साजिश है। शीला ठाकुर ने कहा कि पहले ही विभाग ने आंगनवाड़ी हेल्पर्ज  को जो प्रमोशन में जो कोटा मिलता था उसकी उम्र  सीमा 35 वर्ष कर दी है जोकि न्याय संगत  नहीं है ।  किसी भी विभाग मे पदोन्नति के लिए आयु सीमा नहीं होती , आशीष कुमार ने कहा की इस तरह का रवैया आंगनवाड़ी हेल्पर्ज  के साथ अन्याय है यूनियन का मानना है कि सरकार की गलत नीतिया   और नरेंद्र मोदी सरकार आंगनबाड़ी  और icds पर निरंतर हमले कर रही है , जिसको कभी भी बर्दाश्त नहीं किया जायेगा

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