जाति का दर्द नही झेला. इसलिए आरक्षण पर दे रहे है शांता कुमार ज्ञान*:--आशीष कुमार

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 *जाति का दर्द नही झेला. इसलिए  आरक्षण पर दे रहे है शांता कुमार ज्ञान*  *गरीबी नहीं, सामाजिक भेदभाव है असली कारण*           ( आशीष कुमार. राज्य संयोजक शोषण मुक्ति मंच ) शांता कुमार  द्वारा कुछ दिन पूर्व दिये ब्यान में  यह कहना कि देश में आरक्षण का आधार जाति नहीं बल्कि केवल गरीबी होना चाहिए, न तो कोई नया तर्क है और न ही यह भारतीय समाज की वास्तविकता को समझने वाला दृष्टिकोण है। सच यह है कि भारत में आरक्षण की व्यवस्था गरीबी दूर करने के लिए नहीं, बल्कि सदियों से चले आ रहे जातिगत भेदभाव, सामाजिक बहिष्कार और अवसरों की असमानता को दूर करने के लिए बनाई गई थी। भारत का संविधान, जिसे B. R. Ambedkar जैसे महान समाज सुधारकों ने गढ़ा, इस सच्चाई को स्वीकार करता है कि कुछ जातियों को केवल आर्थिक रूप से नहीं बल्कि सामाजिक रूप से भी दबाया गया। इसलिए आरक्षण सामाजिक न्याय का एक संवैधानिक उपाय है, न कि कोई गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम। अगर आरक्षण को केवल आर्थिक आधार से जोड़ने की बात की जाती है, तो यह भी पूछा जाना चाहिए कि EWS आरक्षण पर शांता कुमार जैसे नेता अक्सर खाम...

अंजू संयोजक और सत्या बनी कामकाजी महिला समन्वय समिति जिला सिरमौर की सह संयोजक*






 *अंजू संयोजक और सत्या बनी कामकाजी महिला समन्वय समिति जिला सिरमौर की सह संयोजक*


15 सितम्बर को सीटू से संबंधित यूनियनो ने कामकाजी महिलाओं का एक अधिवेशन किया । अधिवेशन की अध्यक्षता कामकाजी महिला समन्वय समिति की राज्य महासचिव वीना शर्मा ने किया ,सम्मेलन में सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार , और सीटू राज्य से जिला प्रभारी विजेंदर मेहरा और जगत राम विशेष रूप. ए उपस्थित रहे। इस अधिवेशन मे कामकाजी महिलओ की स्थिति लर चर्चा की गई ,चर्चा में मे पूरे जिला से आई 50 से अधिक कामकाजी महिलों ने  सार्थक चर्चा की ,चर्चा में महिलाओं से कार्यस्थल पर  होने वाली कै समस्याओं पर भी चरचा की और  गहन चर्चा के बाद जिला में कामकाजी महिलाओं को संगठित करने के लिए एक. कमेटी का गठन किया गया जिसकी संयोजक अंजू को बनाया और सह संयोजक सत्या को बनाया गया और लीला ,  सुनीता, शीला, निर्मला, प्रोमिला,, सुमित्रा , रिंकी, किरण, गुलाबी , निर्मला को इसका सदस्य चुना गया

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