Posts

Showing posts from August, 2025

भेदभाव कल्पना नहीं,बल्कि आज की सबसे ठोस और क्रूर हक़ीक़त :-- आशीष कुमार आशी

Image
*भेदभाव कल्पना नहीं,बल्कि आज की सबसे  ठोस और क्रूर  हक़ीक़त है*                        (आशीष कुमार आशी ) यूजीसी रेगुलेशन 2026 को समझने के लिए ज़रूरी है कि हम उससे पहले देश में घटित हुए उन घटनाक्रमों को अपने ज़हन में रखें, जिनसे यह साफ़ होता है कि जातिगत भेदभाव आज भी हमारी सामाजिक और शैक्षणिक संरचनाओं में गहराई से मौजूद है। जब भी आरक्षण पर सवाल उठाए जाएँ, दलित वर्ग की योग्यता पर संदेह किया जाए, या यह पूछा जाए कि “आरक्षण कब तक?”, तब अपने अंतर्मन में कुछ घटनाओं को ज़रूर स्मरण कर लेना चाहिए—पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गवई पर जूता फेंके जाने की घटना, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ हुआ सार्वजनिक अपमान। ऐसी घटनाएँ अपवाद नहीं हैं; इनके अनगिनत उदाहरण देश के सामाजिक इतिहास में बिखरे पड़े हैं। हम ये नहीं कहते की ugc  रेगुलेशन 2026 में कोई  कमी  नहीं  है, इसमें खामियाँ  हो सकती है, मगर ये पिछले 2012 की रेगुलेशन से बेहतर था  इसकी  आवश्यकता  इसलिए भी  थी क्यूंकि  2012 का रेग...

*सीटू जिला सिरमौर का 14वां जिला सम्मेलन शुरू*

Image
*सीटू जिला सिरमौर का 14वां जिला सम्मेलन शुरू* 23 से 24 अगस्त चलेगा ये सम्मेलन, दो दिनों मे मजदूर वर्ग के मुद्दों पर होगी विस्तृत चर्चा आज सीटू जिला सिरमौर का 14वां जिला सम्मेलन जिला परिषद मीटिंग हॉल में शुरू हुआ। इस सम्मेलन में अलग-अलग यूनियन से 100 डेलिगेट ने भाग लिया।सीटू राज्य महासचिव कामरेड प्रेम गौतम ने सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने अपने संबोधन में मजदूर वर्ग के अधिकारों की रक्षा और उनके हितों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार ने पिछले तीन  वर्षों की रिपोर्ट पेश की। इस रिपोर्ट में उन्होंने मजदूर वर्ग की समस्याओं, उनके संघर्षों और सीटू की गतिविधियों का विस्तृत विवरण दिया। इस सम्मेलन का मुख्य उदेश्य - मजदूर वर्ग के अधिकारों की रक्षा करना - मजदूर वर्ग के हितों के लिए संघर्ष करना - सीटू की गतिविधियों को मजबूत करना।  - मजदूर विरोधी 4 लेबर कोड़   पर होगी चर्चा सीटू जिला सिरमौर ने मजदूर वर्ग से अपील की है कि वे अपने अधिकारों के लिए एकजुट हों और संघर्ष करें। सीटू ने कहा है कि वह मजदूर वर्ग के हितों के लिए हमेशा संघर्ष करती रहेगी [1]।

वेलफेयर डिपार्टमेंट का कार्य देने से महिला एवं बाल विकास विभाग के मुख्य उदेश्य होंगे प्रभावित*

Image
*वेलफेयर डिपार्टमेंट का कार्य देने से महिला एवं बाल विकास विभाग के मुख्य उदेश्य होंगे प्रभावित*   *जब काम ही आंगनवाड़ी वर्कर ने करना है तहसील कल्याण अधिकारी के पद  का नहीं है कोई औचित्य* *आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के हितों का हो संरक्षण* *Press note:----* आंगनवाड़ी वर्करज एवं हेल्परज यूनियन संबंधित सीटू की राज्य अध्यक्ष नीलम जसवाल और वीना शर्मा ने जारी एक प्रेस ब्यान में कहा की महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर वेलफेयर विभाग का काम थोपने का निर्णय अत्यधिक चिंताजनक है।  कार्यकर्ताओं से अतिरिक्त काम करवाना न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि इससे बाल विकास विभाग के कार्यों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। वीना  शर्मा , नीलम जसवाल  ने बताया की  आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मुख्य कार्य बच्चों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण की देखभाल करना है, न कि वेलफेयर विभाग के कार्यों को संभालना। यदि वेलफेयर विभाग का कार्य भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने ही करना है  तो तहसील कल्याण अधिकारी के पद  का क्या औचित्य और वेलफेयर डिपार्टमेंट का क्या कार्य रह जाता...