जाति का दर्द नही झेला. इसलिए आरक्षण पर दे रहे है शांता कुमार ज्ञान*:--आशीष कुमार

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 *जाति का दर्द नही झेला. इसलिए  आरक्षण पर दे रहे है शांता कुमार ज्ञान*  *गरीबी नहीं, सामाजिक भेदभाव है असली कारण*           ( आशीष कुमार. राज्य संयोजक शोषण मुक्ति मंच ) शांता कुमार  द्वारा कुछ दिन पूर्व दिये ब्यान में  यह कहना कि देश में आरक्षण का आधार जाति नहीं बल्कि केवल गरीबी होना चाहिए, न तो कोई नया तर्क है और न ही यह भारतीय समाज की वास्तविकता को समझने वाला दृष्टिकोण है। सच यह है कि भारत में आरक्षण की व्यवस्था गरीबी दूर करने के लिए नहीं, बल्कि सदियों से चले आ रहे जातिगत भेदभाव, सामाजिक बहिष्कार और अवसरों की असमानता को दूर करने के लिए बनाई गई थी। भारत का संविधान, जिसे B. R. Ambedkar जैसे महान समाज सुधारकों ने गढ़ा, इस सच्चाई को स्वीकार करता है कि कुछ जातियों को केवल आर्थिक रूप से नहीं बल्कि सामाजिक रूप से भी दबाया गया। इसलिए आरक्षण सामाजिक न्याय का एक संवैधानिक उपाय है, न कि कोई गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम। अगर आरक्षण को केवल आर्थिक आधार से जोड़ने की बात की जाती है, तो यह भी पूछा जाना चाहिए कि EWS आरक्षण पर शांता कुमार जैसे नेता अक्सर खाम...

संजू सैमसन ने रचा इतिहास

 

संजू सैमसन ने रचा इतिहास

हालांकि इसके बाद संजू सैमसन को ईशान किशन का साथ मिला और दोनों ने भारतीय टीम को 100 रन के पार पहुंचा दिया। ईशान किशन 18 गेंद में 39 रन बनाकर आउट हुए, जिसमें उन्होंने 2 छक्के और 4 चौके लगाए। दूसरी ओर संजू सैमसन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपना अर्धशतक पूरा किया। वह 42 गेंद में 89 रन बनाकर आउट हुए और यह टी20 वर्ल्ड कप के नॉकआउट मैचों में भारत की ओर से संयुक्त रूप से सबसे बड़ी पारी है। इससे पहले 2016 के सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज के खिलाफ विराट कोहली ने नाबाद 89 रन बनाए थे। संजू सैमसन ने अपनी पारी में 7 चौके और 7 छक्के लगाए।

सैमसन के आउट होने के बाद शिवम दुबे ने 25 गेंद में ताबड़तोड़ 43 रन ठोक दिए। हालांकि वह दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से रन आउट होकर पवेलियन लौटे। दूसरी ओर सूर्यकुमार यादव एक बार फिर फ्लॉप रहे और 6 गेंद में 11 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद तिलक वर्मा ने 7 गेंदों में 3 छक्के लगाकर 21 रन की धुंआधार पारी खेली, तो हार्दिक ने 12 गेंदों में 27 रन कूट डाले। इस तरह भारतीय टीम ने 20 ओवर में 7 विकेट गंवाकर 253 रन बनाए।

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