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Showing posts from December, 2023

भेदभाव कल्पना नहीं,बल्कि आज की सबसे ठोस और क्रूर हक़ीक़त :-- आशीष कुमार आशी

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*भेदभाव कल्पना नहीं,बल्कि आज की सबसे  ठोस और क्रूर  हक़ीक़त है*                        (आशीष कुमार आशी ) यूजीसी रेगुलेशन 2026 को समझने के लिए ज़रूरी है कि हम उससे पहले देश में घटित हुए उन घटनाक्रमों को अपने ज़हन में रखें, जिनसे यह साफ़ होता है कि जातिगत भेदभाव आज भी हमारी सामाजिक और शैक्षणिक संरचनाओं में गहराई से मौजूद है। जब भी आरक्षण पर सवाल उठाए जाएँ, दलित वर्ग की योग्यता पर संदेह किया जाए, या यह पूछा जाए कि “आरक्षण कब तक?”, तब अपने अंतर्मन में कुछ घटनाओं को ज़रूर स्मरण कर लेना चाहिए—पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गवई पर जूता फेंके जाने की घटना, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ हुआ सार्वजनिक अपमान। ऐसी घटनाएँ अपवाद नहीं हैं; इनके अनगिनत उदाहरण देश के सामाजिक इतिहास में बिखरे पड़े हैं। हम ये नहीं कहते की ugc  रेगुलेशन 2026 में कोई  कमी  नहीं  है, इसमें खामियाँ  हो सकती है, मगर ये पिछले 2012 की रेगुलेशन से बेहतर था  इसकी  आवश्यकता  इसलिए भी  थी क्यूंकि  2012 का रेग...

समाज में महिलाओं पर अघोषित और अनावश्यक प्रतिबंधो को तोड़ कर आगे बढ़ने की प्रेरणा स्त्रोत है सावित्री बाई फुले*

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  समाज में  महिलाओं पर अघोषित और अनावश्यक प्रतिबंधो को तोड़ कर  आगे बढ़ने की प्रेरणा स्त्रोत है सावित्री बाई फुले नारी मुक्ति आंदोलन की पहली नेता थी सावित्री बाई फुले*                                                                                             आशीष कुमार  (सीटू हिमाचल प्रदेश सिरमौर)                                                         CONVENOR DALIT SHOSHAN MUKTI MANCH SIRMOUR HP हमारे समाज मे हमेशा ही  महिलाओं पर अघोषित और अनावश्यक  प्रतिबंध रहे है और इन्ही प्रतिबंधो को तोड़ने के लिए जो सर्वप्रथम काम किया वे किया है सावित्री बाई फुले ने   सावित्रि बाई फुले  देश मे ऐसे...

SFI के 29 वें सम्मेलन मे राहुल शर्मा, और रोहित चौहान बने जिला के अध्यक्ष और सचिव

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 आज दिनांक 24 दिसंबर 2023 को एस एफ आई सिरमौर जिला इकाई का 29 वां जिला सम्मेलन आयोजित हुआ । सम्मेलन की शुरुआत "स्वाधीनता जनवाद व समाजवाद" के झंडा फहराने के साथ हुई । सम्मेलन में सिरमौर जिला के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से 60 से अधिक छात्रों ने भाग लिया । समारोह का उद्घाटन करते हुए SFI राज्य सचिव कॉमरेड अमित ठाकुर ने कहा कि वर्तमान केन्द्र सरकार द्वारा लाई गई नई राष्ट्रीय शिक्षा शिक्षा के ढांचे को ध्वस्त करने का काम करेगी । जिस से शिक्षा  " सांप्रदायीकरण वा निजीकरण " के गर्त में जाने का खतरा बना हुआ है । यह नीति निजी शिक्षण संस्थानों को खुली लूट करने का अवसर देने वाली है । साथ ही वर्तमान में प्रदेश की सत्ता पर काबिज वर्तमान कांग्रेस सरकार की हालत ऐसी है कि कांग्रेस पार्टी पूरे देश के अंदर राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विरोध में प्रचार करती है लेकिन हिमाचल प्रदेश के अंदर उसी नीति को लागू करने के काम करने में लगी है । साथ ही शैक्षणिक सुधार या शैक्षणिक अनुशासन के नाम पर छात्रों के जनवादी अधिकारों का गला घोंटा जा रहा है । जिसका उदाहरण केरल, जवाहर लाल विश्वविद्यालय दिल्ली से लेक...

अवसर की समानता और आत्म सुधार दिवस के रूप मे मनाये महापरनिर्वाण दिवस

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 आशीष कुमार  राज्य सह संयोजक दलित शोषण मुक्ति मंच हिमाचल प्रदेश एवम केंद्रीय कमेटी सदस्य दलित शोषण मुक्ति मंच आज  बाबा साहब का 67 वां महापरनिर्वाण दिन   है। आज के दिन खास कर इस बार हर दल अम्बेडकर जी के सपनो का भारत बनाने की बात करंगे और बेशुमार वायदे भी करेंगे, और उनके विचारों  पर चलने की अपील भी करेंगे ,ऐसा लाजमी भी है, परन्तु आज  देश में   लोकतंत्र की हत्या का दौर चला है  ,और मौजूदा व्यवस्था में  संविधान  बचाने के लिए हम मौजूदा सरकार से सवाल भी खड़े करने की हिम्मत नही कर पा रहे है। आज के दिन  वो लोग भी अम्बेडकर महापरिनिर्वाण की  जयंती पर माला अर्पण करते है जिनको इस देश के संविधान से कोई खास लगाव नही है ,  अपितु वह लोग हर जगह संविधान की धज्जियां उड़ाते रहते है।  जाने अनजाने हम किसी न किसी रूप में  उन लोंगो को ही  बढ़ावा दे रहे है जो कि अम्बेडकर जी के विचारों से कोई वास्ता नही रखते है या ऐसा कह सकते है  बाबा साहब की विचारधारा के बिल्कुल विपरीत है, आज  विचारों की क्या विषमताएं है  कुछ...