हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार: आधुनिक हिमाचल की नींव रखने वाले युगदृष्टा — आशीष कुमार

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जब भी हिमाचल प्रदेश के निर्माण और विकास की चर्चा होगी, सबसे पहला नाम डॉ. यशवंत सिंह परमार का लिया जाएगा। उन्हें केवल हिमाचल प्रदेश का प्रथम मुख्यमंत्री कहना उनके व्यक्तित्व और योगदान को सीमित कर देना होगा। वे उस विचार के जनक थे जिसने बिखरे हुए पहाड़ी क्षेत्रों को एक सशक्त, आत्मसम्मानी और विकासोन्मुख राज्य के रूप में स्थापित किया। आधुनिक हिमाचल जिस मजबूत नींव पर आज खड़ा है, उस नींव का प्रत्येक आधार-स्तंभ डॉ. परमार की दूरदर्शिता, संघर्ष और विकास-दृष्टि का परिणाम है। इसलिए उन्हें "हिमाचल निर्माता" कहा जाता है। 4 अगस्त केवल एक महान नेता की जयंती नहीं है, बल्कि उस व्यक्ति के विचारों को याद करने का अवसर है जिसने सत्ता को साधन माना, लक्ष्य नहीं। जिसने राजनीति को जनसेवा का माध्यम बनाया और जिसने हिमाचल के विकास की शुरुआत गांव, किसान और पंचायत से की। डॉ. यशवंत सिंह परमार का जन्म सिरमौर जिले के चनहालग क्षेत्र की लाना बाका पंचायत में हुआ। पहाड़ की कठिन परिस्थितियों में पले-बढ़े डॉ. परमार ने बचपन से ही ग्रामीण जीवन की चुनौतियों को देखा और समझा। यही अनुभव आगे चलकर उनकी राजनीति और विकास की ...

SFI के 29 वें सम्मेलन मे राहुल शर्मा, और रोहित चौहान बने जिला के अध्यक्ष और सचिव


 आज दिनांक 24 दिसंबर 2023 को एस एफ आई सिरमौर जिला इकाई का 29 वां जिला सम्मेलन आयोजित हुआ । सम्मेलन की शुरुआत "स्वाधीनता जनवाद व समाजवाद" के झंडा फहराने के साथ हुई । सम्मेलन में सिरमौर जिला के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से 60 से अधिक छात्रों ने भाग लिया । समारोह का उद्घाटन करते हुए SFI राज्य सचिव कॉमरेड अमित ठाकुर ने कहा कि वर्तमान केन्द्र सरकार द्वारा लाई गई नई राष्ट्रीय शिक्षा शिक्षा के ढांचे को ध्वस्त करने का काम करेगी । जिस से शिक्षा  " सांप्रदायीकरण वा निजीकरण " के गर्त में जाने का खतरा बना हुआ है । यह नीति निजी शिक्षण संस्थानों को खुली लूट करने का अवसर देने वाली है । साथ ही वर्तमान में प्रदेश की सत्ता पर काबिज वर्तमान कांग्रेस सरकार की हालत ऐसी है कि कांग्रेस पार्टी पूरे देश के अंदर राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विरोध में प्रचार करती है लेकिन हिमाचल प्रदेश के अंदर उसी नीति को लागू करने के काम करने में लगी है । साथ ही शैक्षणिक सुधार या शैक्षणिक अनुशासन के नाम पर छात्रों के जनवादी अधिकारों का गला घोंटा जा रहा है । जिसका उदाहरण केरल, जवाहर लाल विश्वविद्यालय दिल्ली से लेकर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के अंदर छात्रों के ऊपर झूठे मुकदमे दर्ज करवाने से लेकर छात्रों का निष्कासन के रूप में देखा जा सकता है । इसके बाद सभी इकाइयों से आए प्रतिनिधियों ने वार्षिक रिपोर्ट पर चर्चा की और आने वाले समय के अंदर होने वाली गतिविधियों व जिला के अंदर छात्र आंदोलन को विस्तार देने के लिए योजना तैयार की । सम्मेलन के अंत में 23 सदस्यीय कमेटी का चुनाव हुआ । सम्मेलन ने कॉमरेड राहुल शर्मा को अध्यक्ष और कॉमरेड रोहित चौहान को सचिव का दायित्व दिया । साथ ही कॉमरेड देवेंद्र सहोता को जिला उप अध्यक्ष व कॉमरेड अमृत सिंह को जिला सह सचिव चुना गया ।

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