भेदभाव कल्पना नहीं,बल्कि आज की सबसे ठोस और क्रूर हक़ीक़त :-- आशीष कुमार आशी

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*भेदभाव कल्पना नहीं,बल्कि आज की सबसे  ठोस और क्रूर  हक़ीक़त है*                        (आशीष कुमार आशी ) यूजीसी रेगुलेशन 2026 को समझने के लिए ज़रूरी है कि हम उससे पहले देश में घटित हुए उन घटनाक्रमों को अपने ज़हन में रखें, जिनसे यह साफ़ होता है कि जातिगत भेदभाव आज भी हमारी सामाजिक और शैक्षणिक संरचनाओं में गहराई से मौजूद है। जब भी आरक्षण पर सवाल उठाए जाएँ, दलित वर्ग की योग्यता पर संदेह किया जाए, या यह पूछा जाए कि “आरक्षण कब तक?”, तब अपने अंतर्मन में कुछ घटनाओं को ज़रूर स्मरण कर लेना चाहिए—पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गवई पर जूता फेंके जाने की घटना, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ हुआ सार्वजनिक अपमान। ऐसी घटनाएँ अपवाद नहीं हैं; इनके अनगिनत उदाहरण देश के सामाजिक इतिहास में बिखरे पड़े हैं। हम ये नहीं कहते की ugc  रेगुलेशन 2026 में कोई  कमी  नहीं  है, इसमें खामियाँ  हो सकती है, मगर ये पिछले 2012 की रेगुलेशन से बेहतर था  इसकी  आवश्यकता  इसलिए भी  थी क्यूंकि  2012 का रेग...

दलित शोषण मुक्ति मंच आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट की व्याख्या का विरोध करता है:---आशीष कुमार



दलित शोषण मुक्ति मंच के जिला संयोजक आशीष कुमार ने जारी एक प्रेस बयान में कहा है कि
दलित शोषन मुक्ति मंच सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ का विरोध करता है जिसने यह व्याख्या की है कि अनुच्छेद 16 (4) और 16 (4-ए) प्रावधानों को सक्षम कर रहे हैं और सरकार में एससी / एसटी / ओबीसी के लिए आरक्षण का दावा करने का कोई मौलिक अधिकार नहीं है नौकरी और पदोन्नति। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड हाई कोर्ट के आदेश को पलटते हुए राज्य सरकार को आरक्षण देने का निर्देश दिया है।

आरक्षण और पदोन्नति का प्रावधान संवैधानिक प्रावधान हैं जो भारत में सार्वभौमिक रूप से लागू होने के लिए अनिवार्य हैं।

दलित शोषन मुक्ति मंच सुप्रीम कोर्ट की इस व्याख्या को दलित विरोधी, आदिवासी विरोधी और ओबीसी विरोधी मानता है। यह केंद्र सरकार से आह्वान करता है कि वह विधायी संकल्पों के माध्यम से इस तरह की व्याख्या के लिए इस अभाव को दुरुस्त करे और संविधान की इस धारणा को सही साबित करे। इस तरह की व्याख्या की समीक्षा के लिए सभी संभावित कानूनी उपायों का पता लगाया जाना चाहिए।

DSMM भारत के संघ के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों पर आरक्षण और पदोन्नति के प्रावधानों को अनिवार्य मानता है।

आशीष कुमार
जिला संयोजक
दलित शोषण मुक्ति मंच सिरमौर
9816163211
7018777397

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