भेदभाव कल्पना नहीं,बल्कि आज की सबसे ठोस और क्रूर हक़ीक़त :-- आशीष कुमार आशी

Image
*भेदभाव कल्पना नहीं,बल्कि आज की सबसे  ठोस और क्रूर  हक़ीक़त है*                        (आशीष कुमार आशी ) यूजीसी रेगुलेशन 2026 को समझने के लिए ज़रूरी है कि हम उससे पहले देश में घटित हुए उन घटनाक्रमों को अपने ज़हन में रखें, जिनसे यह साफ़ होता है कि जातिगत भेदभाव आज भी हमारी सामाजिक और शैक्षणिक संरचनाओं में गहराई से मौजूद है। जब भी आरक्षण पर सवाल उठाए जाएँ, दलित वर्ग की योग्यता पर संदेह किया जाए, या यह पूछा जाए कि “आरक्षण कब तक?”, तब अपने अंतर्मन में कुछ घटनाओं को ज़रूर स्मरण कर लेना चाहिए—पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गवई पर जूता फेंके जाने की घटना, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ हुआ सार्वजनिक अपमान। ऐसी घटनाएँ अपवाद नहीं हैं; इनके अनगिनत उदाहरण देश के सामाजिक इतिहास में बिखरे पड़े हैं। हम ये नहीं कहते की ugc  रेगुलेशन 2026 में कोई  कमी  नहीं  है, इसमें खामियाँ  हो सकती है, मगर ये पिछले 2012 की रेगुलेशन से बेहतर था  इसकी  आवश्यकता  इसलिए भी  थी क्यूंकि  2012 का रेग...

26 नवंबर की हड़ताल में लेंगी आंगनवाड़ी वर्करज एवं हेल्परज यूनियन बढ़ चढ़ कर भाग

26 को सभी आंगनवाड़ी केंद्र रहेंगे बन्द

हरियाणा की तर्ज पर वेतन की होगी माँग

मजदूर विरोधी नीतियों का होगा विरोध



आंगनवाड़ी वर्करज एवम हेल्पेरज यूनियन संबंधित( सीटू)


आंगनवाड़ी वर्करज एवम हेल्पेरज यूनियन की जिला  कमेटी ने जारी  एक संयुक्त बयान  में  कहा कि  आंगनवाड़ी वर्करज एवम हेल्पेरज आने वाली 26 नवंबर को संयुक्त ट्रेड यूनियन   के राष्ट्रीय आहवाहन पर पूरे जिला सिरमौर में  ब्लॉक स्तर पर केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी और कर्मचारी विरोधी नीतियों का सड़क पर उतर कर विरोध करेंगे ।  महासचिव वीना शर्मा ने बताया कि मौजूदा केंद्र और राज्य के जयराम सरकार आंगनवाड़ी वर्करज एवम हेल्पेरज पर काम का बोझ तो आये दिन बढ़ाती जा रहा है परंतु उनकी वेतन वृद्धि और उनकी सुरक्षा की चिंता सरकार को बिल्कुल भी नही है । जिसका ताजा उदाहरण कोरोना काल मे जब सभी कोरोना में काम करने वालो का 50 लाख का बीमा किया गया उसमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं  को नजरअंदाज किया गया। सरकार जब देखो अपने लिए  विधयकों मंत्रियों के लिए कभी यात्रा भते बढ़ाती है कभी वेतन में अपने  जबर्दस्त बढ़ोतरी करती है परंतु मजदूर वर्ग की।लगातार अनदेखी की जाती है। वीना शर्मा ने कहा कि प्रदेश की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तब तक चुप नही बैठने वाली जब तक सरकार उन्हें हरियाणा की तर्ज पर वेतन  नही देती । आंगनवाड़ी की पच्छाद प्रोजेक्ट की सचिव  किरण भण्डारी  ने कहा कि सरकार काम के हर नए फरमान  आंगनवाड़ी कार्यकरताओं पर थोप देती परन्तु जब आंगनवाड़ी वर्करज और हेल्पेरज अपने हक की बात सरकार के समक्ष उठाती है तब उनके कानों पर जूं तक नही रेंगती। नई शिक्षा नीति के चलती ecce केंद्रोंके संचालन  के लिए आंगनवाड़ी कर्मियों से खिलवाड़ किया जा रहा है। प्री नर्सरी के चलते आंगनवाड़ी कर्मियों के रोजगार पर बन आई है। आंगनवाड़ी वर्करज हेल्पेरज यूनियन की जिला उपाध्यक्ष उषा और देव कुमारी  ने भी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्तों ने पहले भी लड़ कर अपने हक लिए है और भविष्य में भी हम इस लड़ाई को जारी रखेंगे और मजदूर वर्ग का हक छिनने वाली सरकार  को सता से बाहर का रास्ता दिखाने में कोई कसर नही छोड़ेंगी। संगडाह प्रोजेक्ट की महासचिव  और आंगनवाड़ी एवम  हेल्पेरज  यूनियन की जिला कमेटी सदस्य नीलम ठाकुर ने भी सरकार पर आंगनवाड़ी वर्करज के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है इसके इलावा कहा कि सभी कार्यकर्ता और वर्करज 26 नवंबर को सीटू के बैनर तले इस हड़ताल में बढ़चढ़ कर भाग लेंगी और सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों का विरोध करेंगी। इसके इलावा शिलाई , पौंटा साहिब, राजगढ़  नाहन में भी सभी कार्यकर्ता इस हड़ताल के समर्थन में  हजारों की संख्या में सडको पर उतरेगी।


महासचिव

वीना शर्मा

आंगनवाड़ी वर्करज एवम हेल्पेरज यूनियन सिरमौर।

Comments

Popular posts from this blog

मंडी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की मौत पर 8 जनवरी सीटू से संबंधित आंगनवाड़ी यूनियन करेंगी प्रदर्शन

तीन माह से केंद्र से नहीं मिल रहा मानदेय, और पोषण ट्रैकर और टी एच आर के लिए हर माह ओ टी पी के नाम पर लाभार्थी भी करते है प्रताड़ित*

तीन माह से लंबित केंद्र का मानदेय तत्काल जारी किया जाए।