हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार: आधुनिक हिमाचल की नींव रखने वाले युगदृष्टा — आशीष कुमार

Image
जब भी हिमाचल प्रदेश के निर्माण और विकास की चर्चा होगी, सबसे पहला नाम डॉ. यशवंत सिंह परमार का लिया जाएगा। उन्हें केवल हिमाचल प्रदेश का प्रथम मुख्यमंत्री कहना उनके व्यक्तित्व और योगदान को सीमित कर देना होगा। वे उस विचार के जनक थे जिसने बिखरे हुए पहाड़ी क्षेत्रों को एक सशक्त, आत्मसम्मानी और विकासोन्मुख राज्य के रूप में स्थापित किया। आधुनिक हिमाचल जिस मजबूत नींव पर आज खड़ा है, उस नींव का प्रत्येक आधार-स्तंभ डॉ. परमार की दूरदर्शिता, संघर्ष और विकास-दृष्टि का परिणाम है। इसलिए उन्हें "हिमाचल निर्माता" कहा जाता है। 4 अगस्त केवल एक महान नेता की जयंती नहीं है, बल्कि उस व्यक्ति के विचारों को याद करने का अवसर है जिसने सत्ता को साधन माना, लक्ष्य नहीं। जिसने राजनीति को जनसेवा का माध्यम बनाया और जिसने हिमाचल के विकास की शुरुआत गांव, किसान और पंचायत से की। डॉ. यशवंत सिंह परमार का जन्म सिरमौर जिले के चनहालग क्षेत्र की लाना बाका पंचायत में हुआ। पहाड़ की कठिन परिस्थितियों में पले-बढ़े डॉ. परमार ने बचपन से ही ग्रामीण जीवन की चुनौतियों को देखा और समझा। यही अनुभव आगे चलकर उनकी राजनीति और विकास की ...

26 नवंबर की हड़ताल में लेंगी आंगनवाड़ी वर्करज एवं हेल्परज यूनियन बढ़ चढ़ कर भाग

26 को सभी आंगनवाड़ी केंद्र रहेंगे बन्द

हरियाणा की तर्ज पर वेतन की होगी माँग

मजदूर विरोधी नीतियों का होगा विरोध



आंगनवाड़ी वर्करज एवम हेल्पेरज यूनियन संबंधित( सीटू)


आंगनवाड़ी वर्करज एवम हेल्पेरज यूनियन की जिला  कमेटी ने जारी  एक संयुक्त बयान  में  कहा कि  आंगनवाड़ी वर्करज एवम हेल्पेरज आने वाली 26 नवंबर को संयुक्त ट्रेड यूनियन   के राष्ट्रीय आहवाहन पर पूरे जिला सिरमौर में  ब्लॉक स्तर पर केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी और कर्मचारी विरोधी नीतियों का सड़क पर उतर कर विरोध करेंगे ।  महासचिव वीना शर्मा ने बताया कि मौजूदा केंद्र और राज्य के जयराम सरकार आंगनवाड़ी वर्करज एवम हेल्पेरज पर काम का बोझ तो आये दिन बढ़ाती जा रहा है परंतु उनकी वेतन वृद्धि और उनकी सुरक्षा की चिंता सरकार को बिल्कुल भी नही है । जिसका ताजा उदाहरण कोरोना काल मे जब सभी कोरोना में काम करने वालो का 50 लाख का बीमा किया गया उसमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं  को नजरअंदाज किया गया। सरकार जब देखो अपने लिए  विधयकों मंत्रियों के लिए कभी यात्रा भते बढ़ाती है कभी वेतन में अपने  जबर्दस्त बढ़ोतरी करती है परंतु मजदूर वर्ग की।लगातार अनदेखी की जाती है। वीना शर्मा ने कहा कि प्रदेश की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तब तक चुप नही बैठने वाली जब तक सरकार उन्हें हरियाणा की तर्ज पर वेतन  नही देती । आंगनवाड़ी की पच्छाद प्रोजेक्ट की सचिव  किरण भण्डारी  ने कहा कि सरकार काम के हर नए फरमान  आंगनवाड़ी कार्यकरताओं पर थोप देती परन्तु जब आंगनवाड़ी वर्करज और हेल्पेरज अपने हक की बात सरकार के समक्ष उठाती है तब उनके कानों पर जूं तक नही रेंगती। नई शिक्षा नीति के चलती ecce केंद्रोंके संचालन  के लिए आंगनवाड़ी कर्मियों से खिलवाड़ किया जा रहा है। प्री नर्सरी के चलते आंगनवाड़ी कर्मियों के रोजगार पर बन आई है। आंगनवाड़ी वर्करज हेल्पेरज यूनियन की जिला उपाध्यक्ष उषा और देव कुमारी  ने भी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्तों ने पहले भी लड़ कर अपने हक लिए है और भविष्य में भी हम इस लड़ाई को जारी रखेंगे और मजदूर वर्ग का हक छिनने वाली सरकार  को सता से बाहर का रास्ता दिखाने में कोई कसर नही छोड़ेंगी। संगडाह प्रोजेक्ट की महासचिव  और आंगनवाड़ी एवम  हेल्पेरज  यूनियन की जिला कमेटी सदस्य नीलम ठाकुर ने भी सरकार पर आंगनवाड़ी वर्करज के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है इसके इलावा कहा कि सभी कार्यकर्ता और वर्करज 26 नवंबर को सीटू के बैनर तले इस हड़ताल में बढ़चढ़ कर भाग लेंगी और सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों का विरोध करेंगी। इसके इलावा शिलाई , पौंटा साहिब, राजगढ़  नाहन में भी सभी कार्यकर्ता इस हड़ताल के समर्थन में  हजारों की संख्या में सडको पर उतरेगी।


महासचिव

वीना शर्मा

आंगनवाड़ी वर्करज एवम हेल्पेरज यूनियन सिरमौर।

Comments

Popular posts from this blog

मंडी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की मौत पर 8 जनवरी सीटू से संबंधित आंगनवाड़ी यूनियन करेंगी प्रदर्शन

तीन माह से लंबित केंद्र का मानदेय तत्काल जारी किया जाए।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की वरिष्ठता सूची तत्काल जारी कर पदोन्नति सुनिश्चित की जाए।*:--आंगनवाड़ी वर्कर्ज एवं हेल्पर्स यूनियन (संबंधित :-- सीटू) ने मुख्यमंत्री को सौंपा मांग पत्र*