भेदभाव कल्पना नहीं,बल्कि आज की सबसे ठोस और क्रूर हक़ीक़त :-- आशीष कुमार आशी

Image
*भेदभाव कल्पना नहीं,बल्कि आज की सबसे  ठोस और क्रूर  हक़ीक़त है*                        (आशीष कुमार आशी ) यूजीसी रेगुलेशन 2026 को समझने के लिए ज़रूरी है कि हम उससे पहले देश में घटित हुए उन घटनाक्रमों को अपने ज़हन में रखें, जिनसे यह साफ़ होता है कि जातिगत भेदभाव आज भी हमारी सामाजिक और शैक्षणिक संरचनाओं में गहराई से मौजूद है। जब भी आरक्षण पर सवाल उठाए जाएँ, दलित वर्ग की योग्यता पर संदेह किया जाए, या यह पूछा जाए कि “आरक्षण कब तक?”, तब अपने अंतर्मन में कुछ घटनाओं को ज़रूर स्मरण कर लेना चाहिए—पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गवई पर जूता फेंके जाने की घटना, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ हुआ सार्वजनिक अपमान। ऐसी घटनाएँ अपवाद नहीं हैं; इनके अनगिनत उदाहरण देश के सामाजिक इतिहास में बिखरे पड़े हैं। हम ये नहीं कहते की ugc  रेगुलेशन 2026 में कोई  कमी  नहीं  है, इसमें खामियाँ  हो सकती है, मगर ये पिछले 2012 की रेगुलेशन से बेहतर था  इसकी  आवश्यकता  इसलिए भी  थी क्यूंकि  2012 का रेग...

14अप्रैल को अम्बेडकर जयंती पर नाहन में होगा जिला स्तरीय सेमिनार

*प्रदेश के हर ज़िला मुख्यालय और अधिनस्थ कार्यालयों में लगे बाबा साहब की प्रतिमा और संविधान की प्रस्तावना

------------------------------------
*14 अप्रैल को नाहन में होगा अम्बेडकर जयंती पर सेमिनार*
--------------------------------------
*22 फरवरी  को दिए ज्ञापन में की गई  मांगों पर जिला प्रशासन ने नही दिया ध्यान*

*जनमंच में उठाएंगे शामलात भूमि के मुद्दे*।:-----
-------------------------------------
नाहन 27 मार्च को  दलित शोषण मुक्ति मंच जिला सिरमौर की बैठक सतपाल मान की अध्यक्षता में कई गई   बैठक को संबोधित करए हुए दलित शोषण मुक्ति मंच के जिला संयोजक आशीष कुमार ने कहा  कि दलित शोषण मुक्ति मंच  ने 22 फरवरी  को जिला में  विरोध प्रदर्शन किया था , जिसमे कुछ मांगे ऐसी थी जिसको स्थानीय प्रशासन  ने नजरअंदाज किया , 22 फरवरी को जिलाधीश महोदय को मांग पत्र सौंपते हुए मंच के पदाधिकारियों ने इससे पहले भी कई मर्तबा जिला धीश कार्यालय में संविधान की प्रस्तवना   और बाबा साहब की प्रतिमा लगवाने की मांग की थी , परन्तु प्रशासन ने कभी भी इस संदर्ब मे पत्राचार कर माध्यम से मंच को अपनी मंशा जाहिर नही की  और न कभी किये गए पत्राचारों का जवाब देना तर्कसंगत समझा, दलित शोषण मुक्ति मंच ने आज इस मुद्दे को बैठक में गंभीरता से लिया और इस पर विस्तार से चर्चा की , चर्चा में निकल कर ये सामने आया कि एक बार प्रशासन को।इस संदर्भ में रिमाइंडर। भेजा जाएगा ताकि प्रशासन अंबेडकर जयंती तक इस मुद्दे पर कुछ कार्यवाही अमल में ला सके यदि वे ऐसा करने की इच्छा शक्ति रखती है ,  आशीष कुमार ने बताया कि बैठक में बाबा साहब की जयंती को पूरे जिला में मनाने का फैसला लिया गया है , 1 अप्रैल से पूरे  जिला में संविधान बचाओ अभियान और बाबा साहब के व्यक्तित्व और समाज के हर वर्ग के प्रति क्या दृश्टिकोण था  खण्ड स्तर तक एक अभियान के माध्यम से पहुंचाया जाएगा ।  पूरे जिला में ये सभी कार्यक्रम पहले खण्ड स्तर पर आयोजित होंगे फिर 14 अप्रैल को नाहन में जिला स्तरीय  एक सेमिनार आयोजित किया जाएगा जिसमे जिला सिरमौर के हर क्षेत्र से  200 लोगों की इसमे भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में ये भी फैसला लिया गया कि अप्रैल माह में जमटा में होने जा रहे जनमंच में दलित वर्ग के मुद्दों को उठाया जाएगा जिसमे विशेष रूप से शाम लात भूमि पर दलित वर्गकी हिस्सेदारी को सुनिश्चित करने के लिए   जनमंच में विभाग और उपस्थित मंत्री को अवगत करवाया जायेगान की किस तरह की दिक्कतें आज दलित वर्ग को शाम लात भूमि में हिस्सेदारी न होने की वजह से उठानी पड़ रही है    बैठक में अरुण कश्यप,इंदरजीत आजाद, , अमिता चौहान, सेवती कमल, राहुल, अमित , राजेन्द्र , राजू, नैनसिंह, राजकुमार  आदि लोगों ने भाग लिया ।

 

Comments

Popular posts from this blog

मंडी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की मौत पर 8 जनवरी सीटू से संबंधित आंगनवाड़ी यूनियन करेंगी प्रदर्शन

तीन माह से केंद्र से नहीं मिल रहा मानदेय, और पोषण ट्रैकर और टी एच आर के लिए हर माह ओ टी पी के नाम पर लाभार्थी भी करते है प्रताड़ित*

तीन माह से लंबित केंद्र का मानदेय तत्काल जारी किया जाए।