जाति का दर्द नही झेला. इसलिए आरक्षण पर दे रहे है शांता कुमार ज्ञान*:--आशीष कुमार

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 *जाति का दर्द नही झेला. इसलिए  आरक्षण पर दे रहे है शांता कुमार ज्ञान*  *गरीबी नहीं, सामाजिक भेदभाव है असली कारण*           ( आशीष कुमार. राज्य संयोजक शोषण मुक्ति मंच ) शांता कुमार  द्वारा कुछ दिन पूर्व दिये ब्यान में  यह कहना कि देश में आरक्षण का आधार जाति नहीं बल्कि केवल गरीबी होना चाहिए, न तो कोई नया तर्क है और न ही यह भारतीय समाज की वास्तविकता को समझने वाला दृष्टिकोण है। सच यह है कि भारत में आरक्षण की व्यवस्था गरीबी दूर करने के लिए नहीं, बल्कि सदियों से चले आ रहे जातिगत भेदभाव, सामाजिक बहिष्कार और अवसरों की असमानता को दूर करने के लिए बनाई गई थी। भारत का संविधान, जिसे B. R. Ambedkar जैसे महान समाज सुधारकों ने गढ़ा, इस सच्चाई को स्वीकार करता है कि कुछ जातियों को केवल आर्थिक रूप से नहीं बल्कि सामाजिक रूप से भी दबाया गया। इसलिए आरक्षण सामाजिक न्याय का एक संवैधानिक उपाय है, न कि कोई गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम। अगर आरक्षण को केवल आर्थिक आधार से जोड़ने की बात की जाती है, तो यह भी पूछा जाना चाहिए कि EWS आरक्षण पर शांता कुमार जैसे नेता अक्सर खाम...

असंवैधानिक कार्य कर रही है भाजपा की केंद्र सरकार:-- सुभाषिनी अली

 दिल्ली हरकिशन सिंह सुरजीत भवन दिल्ली में अखिल भारतीय दलित शोषण  मुक्ति मंच की राष्ट्रीय बैठक राष्ट्रीय उपाध्यक्ष  कामरेड सुभाषिनी अली की अध्यक्षता में की गई।

सर्वप्रथम बिहार राज्य समिति के दलित शोषण मुक्ति मंच के नेता एवं किसान नेता कामरेड सारंगधर पासवान के निधन पर  1 मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उसके बाद

अखिल भारतीय दलित शोषण मुक्ति मंच के महामंत्री रामचंद्र डोम ने वर्क रिपोर्ट को पेश किया   इसमें  आंदोलनात्मक और संगठनात्मक दोनों को उन्होंने परस्पर विस्तार से रखा।और

कामरेड सुभाषिनी अली ने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश के तमाम राज्यों में दलितों पर हमले बलात्कार, और  हत्या,, हो रहे हैं।भाजपा की केन्द्र सरकार  अंसैवेधानिक कार्य कर रही है।दलितों का जो संविधान अधिकार है उसे समाप्त करने पर तुली है। 

देश आपातकाल से बदतर हालत में हो गया है ।देश की तमाम संसाधनों की नीलामी की जा रही है इसमें दलितों के जो रोजगार के अवसर थे उसे समाप्ति की ओर ले जा रही हैं। 


 अंत में  शिवबालक पासवान ने एरिया-9, बस्ताकोला ,दोबारी रजवार बस्ती जो आग के चपेट में आ गया है वहां किसी भी समय इन दलितों कि घटना से मौत हो सकती है जबकि यहां के तमाम लोग दलित हैं इन्होंने   रोजगार और पुनर्वास की मांग कि है रजवार बस्ती के लोगों द्वारा मांग पत्र अखिल भारतीय महासचिव रामचंद्र डोम के सुपुर्द कर दिया   गया है। हिमाचल में बढ़ रहे दलित अत्याचारों पर भी बैठक में हिमाचल प्रदेश की और से  दलित अत्याचारों पर और  उनमें दलित शोषण मुक्ति मंच हिमाचल प्रदेश के द्वारा किये गए हस्तेक्षप  पर भी   रिपोर्ट रखी गई ,

 बैठक में 16 राज्यों के साथि शामिल हुए थे   बैठक पर्यवेक्षक की उपस्थिति में की गई।

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