भेदभाव कल्पना नहीं,बल्कि आज की सबसे ठोस और क्रूर हक़ीक़त :-- आशीष कुमार आशी

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*भेदभाव कल्पना नहीं,बल्कि आज की सबसे  ठोस और क्रूर  हक़ीक़त है*                        (आशीष कुमार आशी ) यूजीसी रेगुलेशन 2026 को समझने के लिए ज़रूरी है कि हम उससे पहले देश में घटित हुए उन घटनाक्रमों को अपने ज़हन में रखें, जिनसे यह साफ़ होता है कि जातिगत भेदभाव आज भी हमारी सामाजिक और शैक्षणिक संरचनाओं में गहराई से मौजूद है। जब भी आरक्षण पर सवाल उठाए जाएँ, दलित वर्ग की योग्यता पर संदेह किया जाए, या यह पूछा जाए कि “आरक्षण कब तक?”, तब अपने अंतर्मन में कुछ घटनाओं को ज़रूर स्मरण कर लेना चाहिए—पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गवई पर जूता फेंके जाने की घटना, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ हुआ सार्वजनिक अपमान। ऐसी घटनाएँ अपवाद नहीं हैं; इनके अनगिनत उदाहरण देश के सामाजिक इतिहास में बिखरे पड़े हैं। हम ये नहीं कहते की ugc  रेगुलेशन 2026 में कोई  कमी  नहीं  है, इसमें खामियाँ  हो सकती है, मगर ये पिछले 2012 की रेगुलेशन से बेहतर था  इसकी  आवश्यकता  इसलिए भी  थी क्यूंकि  2012 का रेग...

सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने वाले पर हो कार्रवाई

 

कार्रवाई नहीं हुई तो होगा आंदोलन :---- संदीपक तोमर


आज दलित शोषण मुक्ति मंच, हिमाचल प्रदेश कोली समाज, रविदास समाज नाहन, बाल्मीकि सभा नाहन,  क्रिस्चियन समुदाय नाहन  का एक प्रतिनिधि मंडल पुलिस अधीक्षक सिरमौर के कार्यलाय में सोशल मीडिया पर अजय ठाकुर नामक शख्स दवारा ब्राह्मण समाज और अनुसचित  जाति वर्ग पर की जातिसूचक शब्द जो फेसबुक पर डाले गये है उस संदर्ब मे एक शिकायत पत्र अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  को सौंपा जिसमे राजेंदर शर्मा, जी दी शर्मा, और दलित शोषण मुक्ति मंच के जिला संयोजक आशीष कुमार, हिमाचल प्रदेश कोली समाज के पूर्व अध्यक्ष संजय पुंडीर, महासचिव संदीपक तोमर, रविदास समाज् के अध्यक्ष बाबूराम , शांति देवी। अमर सिंह जी ,विजय  क्रिस्चियन समुदाय से ,बिंदुराज और दलित शोषण मुक्ति मंच के जिला कमेटी सदस्य मुकेश  चौहान के नेतृत्व मे अतरिक्त पुलिस अधीक्षक को एक शिकायत पत्र सौंपा, मीडिया  से बात करते हुए दलित शोषण मुक्ति मंच के जिला संयोजक और हिमाचल प्रदेश कोली समाज के महासचिव संदीपक तोमर ने कहा किनकोई भी मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति ऐसी हरकत नहीं कर सकता। आशीष कुमार ने कहा की ये हरकत समाज को डराने की और प्रदेश के अंदर आपसी भाईचार खत्म कर प्रदेश मे आराजकता का माहौल पैदा करने की।कोशिश है , जिसको बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। आशीष कुमार और  संदीपक तोमर ने बताया की पुलिस प्रशासन को इस पर तुरंत कार्रवाई कर उरोक्त व्यक्ती पर आई टी एक्ट और एट्रोसिटी एक्ट की धाराओं मे मुकदाम दर्ज किया जाए , और इस तरह के पोस्ट की वास्तविकता की जाँच  की जाए ताकि  भविष्य मे इस तरह की घटनाओ से बचा जा सके। दलित शोषण मुक्ति मंच , कोली समाज, और रविदास समाज, और बाल्मीकि सभा से आये पदाधिकारियों ने चेताया की यदि  इस पर कोई कार्रवाई अमल नही आई तो आने वाले समय मे जिला मे एक बड़ा आंदोलन किया जायेगा।


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