भेदभाव कल्पना नहीं,बल्कि आज की सबसे ठोस और क्रूर हक़ीक़त :-- आशीष कुमार आशी

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*भेदभाव कल्पना नहीं,बल्कि आज की सबसे  ठोस और क्रूर  हक़ीक़त है*                        (आशीष कुमार आशी ) यूजीसी रेगुलेशन 2026 को समझने के लिए ज़रूरी है कि हम उससे पहले देश में घटित हुए उन घटनाक्रमों को अपने ज़हन में रखें, जिनसे यह साफ़ होता है कि जातिगत भेदभाव आज भी हमारी सामाजिक और शैक्षणिक संरचनाओं में गहराई से मौजूद है। जब भी आरक्षण पर सवाल उठाए जाएँ, दलित वर्ग की योग्यता पर संदेह किया जाए, या यह पूछा जाए कि “आरक्षण कब तक?”, तब अपने अंतर्मन में कुछ घटनाओं को ज़रूर स्मरण कर लेना चाहिए—पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गवई पर जूता फेंके जाने की घटना, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ हुआ सार्वजनिक अपमान। ऐसी घटनाएँ अपवाद नहीं हैं; इनके अनगिनत उदाहरण देश के सामाजिक इतिहास में बिखरे पड़े हैं। हम ये नहीं कहते की ugc  रेगुलेशन 2026 में कोई  कमी  नहीं  है, इसमें खामियाँ  हो सकती है, मगर ये पिछले 2012 की रेगुलेशन से बेहतर था  इसकी  आवश्यकता  इसलिए भी  थी क्यूंकि  2012 का रेग...

प्रोमिला अध्यक्ष और पूर्ण चंद एवं बिमला बने मिड डे मील वर्करज यूनियन माजरा ब्लॉक के महासचिव और कोषाध्यक्ष*


https://youtu.be/2b10KmOQhWc?si=kSMYyxa3CXcrfjfG

केंद्र की मोदी सरकार व प्रदेश की सुक्खू सरकार की मजदूर, कर्मचारी व जनता विरोधी नीतियों के खिलाफ सीटू से संबंधित जिला सिरमौर मे मिड डे  मील वर्करज यूनियन का आज ब्लॉक माजरा का  सम्मेलन सम्म्पन हुआ 

 सम्मेल्न में  सीटू जिला महासचिव आशिश कुमार , सीटू  जिला कमेटी. सदस्य लेखराज , बंसीलाल,  मिड डे  मील यूनियन नाहन  के अध्यक्ष संदीप  , सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार  ,आंगनवाड़ी यूनियन की प्रोजेक्ट पौंटा महासचिव. देवकुमारी, माया,अंजू   की अध्यक्ष्ता मे सम्म्पन हुआ , सीटू के  महसचिव आशिश कुमार ने सम्मेलन का विधिवत उद्घाटन किया  की , आशीष कुमार और  माया ने कहा की केंदर की मोदी सरकार ने मिड डे  मील  वर्करों के वेतन मे कोई वृद्धि नहीं की है जोकि मोदी सरकार का आम आदमी और मिड डे  वर्कर्ज विरोधी रवैया दिखाता है , सम्मेलन का संचालन  नाहन  ब्लॉक के अध्यक्ष. संदीप ने किया , सम्मेलन मे हिमाचल मे आपदा मे मारे गये लोगों को याद किया और उनकी याद करते हुए मौन रखा , सम्मेलन को  सम्बोधित करते हुए  आशीष कुमार ने  कहा की  प्रदेश की सुखु सरकार हो या केंदर की मोदी सरकार दोनो हि मजदूर विरोधी रवैया रखती है । मिड डे  वर्कर्जको समय से वेतन नहीं मिलता जिसको लेने के लिए मजदूरों को आंदोलन करना पड़ता है । सम्मेलन मे  ब्लॉक से करीब 30 के करीब मिड डे  मील वर्करज ने भाग लिया और अपनी समस्याओं  पर चर्चा की , मिड डे  मील वर्करज की समस्यों पर चर्चा करने के बाद सर्वसम्मति से  21 सदस्यों कि कमेटी  का चयन किया गया। जिसमे प्रोमिला अध्यक्ष   पूर्ण चंद  को , महसचिव व  रूपा,  को उपाध्यक्ष और  कश्मीरों को  सह सचिव चुना गया, बिमला देवी  को कोषाध्यक्ष चुना गया ,  इसके पश्चात सीटू जिला कमेटी सदस्या माया,देवकुमारी, अंजू  ने नई कमेटी को बधाई  दी और सम्बोधन मे कहा  की  मजदूरों का न्यूनतम वेतन 26 हज़ार रुपए की मांग यूनियन  को मजबूत करके हि जोरदार तरीके से उठाई जा सकती है। नाहन  ब्लॉक के अध्यक्ष और मिड डे  मील जिला कमेंट सदस्य संदीप ने सबसे आह्वाहन किया की सीटू के संघर्ष से आज यूनियन के पक्ष में 12 महीने के वेतन का निर्णय आया है , इसलिये सरकार से हर हाल में यूनियन को मजबूत कर 12 महीने का वेतन हासिल करने की लड़ाई लड़नी होगी। इसके इलावा सरकार को मिड डे  मील वर्करज को मुफ्त वर्दी, और छुटी का भी प्रबंध भी करना होगा ताकि  वर्करों को उनका हक मिल सके

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