जाति का दर्द नही झेला. इसलिए आरक्षण पर दे रहे है शांता कुमार ज्ञान*:--आशीष कुमार

Image
 *जाति का दर्द नही झेला. इसलिए  आरक्षण पर दे रहे है शांता कुमार ज्ञान*  *गरीबी नहीं, सामाजिक भेदभाव है असली कारण*           ( आशीष कुमार. राज्य संयोजक शोषण मुक्ति मंच ) शांता कुमार  द्वारा कुछ दिन पूर्व दिये ब्यान में  यह कहना कि देश में आरक्षण का आधार जाति नहीं बल्कि केवल गरीबी होना चाहिए, न तो कोई नया तर्क है और न ही यह भारतीय समाज की वास्तविकता को समझने वाला दृष्टिकोण है। सच यह है कि भारत में आरक्षण की व्यवस्था गरीबी दूर करने के लिए नहीं, बल्कि सदियों से चले आ रहे जातिगत भेदभाव, सामाजिक बहिष्कार और अवसरों की असमानता को दूर करने के लिए बनाई गई थी। भारत का संविधान, जिसे B. R. Ambedkar जैसे महान समाज सुधारकों ने गढ़ा, इस सच्चाई को स्वीकार करता है कि कुछ जातियों को केवल आर्थिक रूप से नहीं बल्कि सामाजिक रूप से भी दबाया गया। इसलिए आरक्षण सामाजिक न्याय का एक संवैधानिक उपाय है, न कि कोई गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम। अगर आरक्षण को केवल आर्थिक आधार से जोड़ने की बात की जाती है, तो यह भी पूछा जाना चाहिए कि EWS आरक्षण पर शांता कुमार जैसे नेता अक्सर खाम...

राजेश तोमर जिला महासचिव और कश्मीर चंद बने , हिमाचल भवन एवं सड़क निर्माण मजदूर यूनियन के जिला अध्यक्ष

 *सिरमौर   में मनरेगा व निर्माण मजदूरों को। 2 वर्ष से नहीं  मिल रहे वित्तीय लाभ*


* *मांगें पूरी न होने पर आने वाले बोर्ड की मीटिंग के  समय श्रमिक कल्याण  बोर्ड का होगा। घेराव*


आज दिनांक 4 जनवरी 2024 को हिमाचल प्रदेश भवन, सड़क एवं अन्य निर्माण मजदूर यूनियन (सम्बंधित सीटू) जिला कमेटी सिरमौर की बैठक की गई बैठक में यूनियन के राज्य अध्यक्ष  जोगिंदर कुमार और सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार मुख्य रूप से मौजूद रहे, बैठक में  निर्माण मजदूरों को श्रमिक कल्याण बोर्ड से मिलने वाली सुविधाओं व रजिस्ट्रेशन में हो रही देरी के खिलाफ बैठक में चर्चा की गई 


इस बैठक को  सम्बोधित करते हुए राज्य अध्यक्ष जोगिंदर कुमार  और सीटू   जिला के महासचिव आशीष कुमार   ने कहा कि मनरेगा व निर्माण मजदूरों की सहायता के लिए बने हिमाचल प्रदेश राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड का वर्तमान सरकार द्वारा राजनीतिकरण किया जा रहा है। बोर्ड द्वारा कल्याणकारी योजनाओं का जो लाभ मजदूरों को मिलना है वह समय पर नहीं मिल रहा है। छात्रवृत्ति सहायता राशि लगभग 2 साल बाद भी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। 


उन्होंने ने कहा कि राज्य सरकार बोर्ड के बजट में से करोड़ों रुपए गाड़ियाँ और अन्य सामग्री पर खर्च कर रहि हैं 


यूनियन ने सरकार से मांग की है कि BOCW एक्ट व प्रवासी मजदूर कानून को दूसरे कानूनों में मर्ज न किया जाए बल्कि इनकी कमियों को दूर करके इसे सख्ती से लागू किया जाए। बोर्ड मे पंजीकृत मनरेगा व निर्माण मजदूरों को लाभ जल्द जारी किया जाए,   और पेंशन की राशि 3000 रुपये की जाए, निर्माण मजदूरों को मिलने वाले बोर्ड मे हो रहे राजनैतिक हस्तक्षेप को रोका जाए, निर्माण मजदूरों के पंजीकरण की प्रक्रिया सरल व 15 दिनों के अंदर किया जाए और बोर्ड से मिलने वाले लाभ आवेदन के 3 महीने के अंदर दिए जाए।  जिला सिरमौर में पंजीकरण के लिए राजगढ़, सरान्ह, सगड़ाह में  बोर्ड के कार्यालय चलाये जाए।


मज़दूर नेताओं ने चेताया है कि अगर मनरेगा व निर्माण मजदूरों की मांगें पूर्ण न कि गईं तो फिर यूनियन आने वाले समय मे  बोर्ड की बैठक के दौरान  बोर्ड कार्यालय में धरना प्रदर्शन करेगी,  *बैठक में जिला कमेटी का भी गठन किया गया जिसमे कश्मीरी चंद को अध्यक्ष और राजेश तोमर को जिला महासचिव  चुना गया, हरिंदर ,राम सिंह को उपाध्यक्ष, हीरा सिंह और प्रोमिला को सचिव , संजय, नरेश चंद, दिनेश, मीरा, प्रोमला की  15 सदस्यों की कमेटी  चुनी गई।*


Comments

Popular posts from this blog

मंडी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की मौत पर 8 जनवरी सीटू से संबंधित आंगनवाड़ी यूनियन करेंगी प्रदर्शन

तीन माह से केंद्र से नहीं मिल रहा मानदेय, और पोषण ट्रैकर और टी एच आर के लिए हर माह ओ टी पी के नाम पर लाभार्थी भी करते है प्रताड़ित*

तीन माह से लंबित केंद्र का मानदेय तत्काल जारी किया जाए।