जाति का दर्द नही झेला. इसलिए आरक्षण पर दे रहे है शांता कुमार ज्ञान*:--आशीष कुमार

Image
 *जाति का दर्द नही झेला. इसलिए  आरक्षण पर दे रहे है शांता कुमार ज्ञान*  *गरीबी नहीं, सामाजिक भेदभाव है असली कारण*           ( आशीष कुमार. राज्य संयोजक शोषण मुक्ति मंच ) शांता कुमार  द्वारा कुछ दिन पूर्व दिये ब्यान में  यह कहना कि देश में आरक्षण का आधार जाति नहीं बल्कि केवल गरीबी होना चाहिए, न तो कोई नया तर्क है और न ही यह भारतीय समाज की वास्तविकता को समझने वाला दृष्टिकोण है। सच यह है कि भारत में आरक्षण की व्यवस्था गरीबी दूर करने के लिए नहीं, बल्कि सदियों से चले आ रहे जातिगत भेदभाव, सामाजिक बहिष्कार और अवसरों की असमानता को दूर करने के लिए बनाई गई थी। भारत का संविधान, जिसे B. R. Ambedkar जैसे महान समाज सुधारकों ने गढ़ा, इस सच्चाई को स्वीकार करता है कि कुछ जातियों को केवल आर्थिक रूप से नहीं बल्कि सामाजिक रूप से भी दबाया गया। इसलिए आरक्षण सामाजिक न्याय का एक संवैधानिक उपाय है, न कि कोई गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम। अगर आरक्षण को केवल आर्थिक आधार से जोड़ने की बात की जाती है, तो यह भी पूछा जाना चाहिए कि EWS आरक्षण पर शांता कुमार जैसे नेता अक्सर खाम...

कालाअंब मजदूरो की पिटाई और मौत की मामले में एट्रोसिटी एक्ट और हत्या का मामला दर्ज

नारायणगढ़ पुलिस थाने में हत्या और एट्रोसिटी का केस दर्जनाहन में प्रदर्शन के बाद हरियाणा के नारायणगढ़ पहुंचे थे परिजन, घायल युवक के बयान पर हुई कार्रवाईनाहन :  हरियाणा की सीमा से सटे कालाअंब क्षेत्र में मजदूर युवक की पिटाई के बाद हुई मौत के मामले में अब हत्या और एट्रोसिटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। इस मामले को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने पहले नाहन में जनवादी संगठनों के बैनर तले प्रदर्शन किया और इसके बाद सीधे हरियाणा के नारायणगढ़ पुलिस थाने पहुंचे, जहां घायल युवक नीरज के बयान के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया।यह मामला जिला सिरमौर के ददाहू क्षेत्र के चूली गांव के तीन युवकों लखनपाल, विजय और नीरज से जुड़ा है, जो औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब


में मजदूरी करते थे। आरोप है कि गत दिनों तीनों के साथ बर्बर तरीके से मारपीट की गई, जिसमें लखनपाल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए पीजीआई ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना में घायल नीरज का इलाज चल रहा था, जो हाल ही में उपचार के बाद घर लौटा है। इसके बाद उसने पूरे घटनाक्रम को लेकर नारायणगढ़ पुलिस थाने में बयान दर्ज कराया, जिस पर पुलिस ने हत्या और अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया है।

इससे पहले गुरुवार को नाहन में सीटू और हिमाचल किसान सभा के बैनर तले पीड़ित परिजनों और ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान परिजनों ने मीडिया के समक्ष घटना की जानकारी दी और पुलिस प्रशासन व सरकार से न्याय की गुहार लगाई। जनवादी संगठनों ने इस मामले में एसपी सिरमौर को ज्ञापन सौंप हस्तक्षेप की मांग उठाई।  साथ ही ग्रामीणों और संगठनों ने पीड़ित परिवार और गवाहों को सुरक्षा देने की भी मांग की। इस दौरान हिमाचल किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर, सीटू राज्य सचिव आशीष कुमार, किसान सभा जिला अध्यक्ष सतपाल मान, इंद्रजीत, महिला मंडल की अध्यक्ष सीता देवी, शेर सिंह और जनवादी महिला समिति से रेणु सहित कई जनवादी संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। 

प्रदर्शन के बाद सभी लोग हरियाणा के नारायणगढ़ पुलिस थाने पहुंचे और मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग रखी, जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज किया। सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और एक मजदूर की जान चली गई है। उन्होंने कहा कि जब तक सभी दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक संगठन चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने इस मामले में जल्द से जल्द उचित कार्रवाई की मांग उठाई। उधर, नारायणगढ़ पुलिस थाना के एसएचओ ललित ने इस मामले में हत्या और एट्रोसिटी में केस दर्ज करने की पुष्टि की है।

Comments

Popular posts from this blog

मंडी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की मौत पर 8 जनवरी सीटू से संबंधित आंगनवाड़ी यूनियन करेंगी प्रदर्शन

तीन माह से केंद्र से नहीं मिल रहा मानदेय, और पोषण ट्रैकर और टी एच आर के लिए हर माह ओ टी पी के नाम पर लाभार्थी भी करते है प्रताड़ित*

तीन माह से लंबित केंद्र का मानदेय तत्काल जारी किया जाए।