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Showing posts from October, 2020

जाति का दर्द नही झेला. इसलिए आरक्षण पर दे रहे है शांता कुमार ज्ञान*:--आशीष कुमार

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 *जाति का दर्द नही झेला. इसलिए  आरक्षण पर दे रहे है शांता कुमार ज्ञान*  *गरीबी नहीं, सामाजिक भेदभाव है असली कारण*           ( आशीष कुमार. राज्य संयोजक शोषण मुक्ति मंच ) शांता कुमार  द्वारा कुछ दिन पूर्व दिये ब्यान में  यह कहना कि देश में आरक्षण का आधार जाति नहीं बल्कि केवल गरीबी होना चाहिए, न तो कोई नया तर्क है और न ही यह भारतीय समाज की वास्तविकता को समझने वाला दृष्टिकोण है। सच यह है कि भारत में आरक्षण की व्यवस्था गरीबी दूर करने के लिए नहीं, बल्कि सदियों से चले आ रहे जातिगत भेदभाव, सामाजिक बहिष्कार और अवसरों की असमानता को दूर करने के लिए बनाई गई थी। भारत का संविधान, जिसे B. R. Ambedkar जैसे महान समाज सुधारकों ने गढ़ा, इस सच्चाई को स्वीकार करता है कि कुछ जातियों को केवल आर्थिक रूप से नहीं बल्कि सामाजिक रूप से भी दबाया गया। इसलिए आरक्षण सामाजिक न्याय का एक संवैधानिक उपाय है, न कि कोई गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम। अगर आरक्षण को केवल आर्थिक आधार से जोड़ने की बात की जाती है, तो यह भी पूछा जाना चाहिए कि EWS आरक्षण पर शांता कुमार जैसे नेता अक्सर खाम...

दलित शोषण मुक्ति मंच ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा

 *दलित शोषण मुक्ति मंच सिरमौर* सेवा में         महामहिम राष्ट्रपति         भारत गणराज्य राष्ट्रपति भवन         नई दिल्ली 110011  विषय:---  ज्ञापन श्रीमान जी,               हिमाचल प्रदेश  दलित शोषण मुक्ति मंच   आपका ध्यान अभी हाल ही में 14 सितंबर 2020 को उत्तरप्रदेश के हाथरस में 19 वर्षीय दलित लड़की के साथ हुए अमानवीय दुष्कृत्य की तरफ आकर्षित करना चाहते है।  14 सितम्बर 2020 की सुबह कुछ स्वर्ण जाति के लोगों द्वारा दलित समाज की एक युवा लड़की के साथ बलात्कार किया गया और उसके पश्चात उसकी रीढ़ की हड्डी को तोड़ा गया दरिंदगी से उसका गला दबा कर उसकी जीभ को काट दिया गया  जिसके चलते 29 सितम्बर को पीड़िता की मौत हो जाती है  ।  उतर प्रदेश की अमानविय  सरकार की संवेदन हीनता के  चलते पीड़िता के परिवार को उसके पार्थिव शरीर न सौंप कर एक दलित परिवार अपनी पुत्री का अंतिम संस्कार तक नहीं कर पाया। जोकि उतर प्रदेश की  योगी सरकार और वर्तमान में विश्वगुरु...