जाति का दर्द नही झेला. इसलिए आरक्षण पर दे रहे है शांता कुमार ज्ञान*:--आशीष कुमार

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 *जाति का दर्द नही झेला. इसलिए  आरक्षण पर दे रहे है शांता कुमार ज्ञान*  *गरीबी नहीं, सामाजिक भेदभाव है असली कारण*           ( आशीष कुमार. राज्य संयोजक शोषण मुक्ति मंच ) शांता कुमार  द्वारा कुछ दिन पूर्व दिये ब्यान में  यह कहना कि देश में आरक्षण का आधार जाति नहीं बल्कि केवल गरीबी होना चाहिए, न तो कोई नया तर्क है और न ही यह भारतीय समाज की वास्तविकता को समझने वाला दृष्टिकोण है। सच यह है कि भारत में आरक्षण की व्यवस्था गरीबी दूर करने के लिए नहीं, बल्कि सदियों से चले आ रहे जातिगत भेदभाव, सामाजिक बहिष्कार और अवसरों की असमानता को दूर करने के लिए बनाई गई थी। भारत का संविधान, जिसे B. R. Ambedkar जैसे महान समाज सुधारकों ने गढ़ा, इस सच्चाई को स्वीकार करता है कि कुछ जातियों को केवल आर्थिक रूप से नहीं बल्कि सामाजिक रूप से भी दबाया गया। इसलिए आरक्षण सामाजिक न्याय का एक संवैधानिक उपाय है, न कि कोई गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम। अगर आरक्षण को केवल आर्थिक आधार से जोड़ने की बात की जाती है, तो यह भी पूछा जाना चाहिए कि EWS आरक्षण पर शांता कुमार जैसे नेता अक्सर खाम...

ठियोग विधायक सिंघा ने दिया 11 महीने का वेतन सीएम राहत कोष में

राकेश सिंघा।ठियोग के  पहले विधायक जिन्होने 11 महीने की सैलरी सीएम राहत कोष कोविड19 को दी।
  गौरतलब यह है कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जहा पर केंद्र सरकार ने सांसदों के वेतन में कटौती का अध्यादेश जारी कर किया है। इसके तहत वेतन में 30 फीसदी की कटौती की जाएगी।वही हिमाचल के सभी विधायको के वेतन-भत्तों में  30% की कटौती तथा विधायक क्षेत्र विकास निधि योजना 2 वर्ष के लिए स्थगित कर यह राशि कोविड-19 से निपटने के लिए खर्च होगी ।
  इसी बीच ठियोग विधायक राकेश  सिंघा ने अप्रैल से दिसंबर 2020 तक की आने वाली अपनी सैलरी  मुख्यमंत्री   राहत कोष कोविड-19 में दे दी है तथा इससे पहले भी 2 महीने की सैलरी सीएम राहत कोष कोविड-19 में डाल चुके हैं  ।
बता दें कि राकेश सिंघा एक पहले ऐसे विधायक  हैं जिन्होंने अपनी 11 महीने की सैलरी सीएम राहत कोष में डाल दी है।
राकेश सिंघा से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि यह समय हमारे किसान मजदूर कर्मचारी वर्ग और सभी वर्ग के आदमी के लिए यह बहुत बुरा समय है इस समय मैं हमें यथासंभव प्रयास करना चाहिए, कि हम इस क्रोना वैश्विक महामारी से किस तरह से अपने देश को बचाए, जितना हम से हो सकता है उतना मैं यथासंभव प्रयास आगे भी करता रहूंगा ।
 लोगों के लिए यह संदेश दिया है कि आप लोग घर से बाहर ना निकले, दिए गए समय पर ही निकले और ज्यादा से ज्यादा आप अपना वक्त अपने घर पर ही बताएं ताकि हम इस वैश्विक महामारी से लड़ने में कामयाब हो ।

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