भेदभाव कल्पना नहीं,बल्कि आज की सबसे ठोस और क्रूर हक़ीक़त :-- आशीष कुमार आशी

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*भेदभाव कल्पना नहीं,बल्कि आज की सबसे  ठोस और क्रूर  हक़ीक़त है*                        (आशीष कुमार आशी ) यूजीसी रेगुलेशन 2026 को समझने के लिए ज़रूरी है कि हम उससे पहले देश में घटित हुए उन घटनाक्रमों को अपने ज़हन में रखें, जिनसे यह साफ़ होता है कि जातिगत भेदभाव आज भी हमारी सामाजिक और शैक्षणिक संरचनाओं में गहराई से मौजूद है। जब भी आरक्षण पर सवाल उठाए जाएँ, दलित वर्ग की योग्यता पर संदेह किया जाए, या यह पूछा जाए कि “आरक्षण कब तक?”, तब अपने अंतर्मन में कुछ घटनाओं को ज़रूर स्मरण कर लेना चाहिए—पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गवई पर जूता फेंके जाने की घटना, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ हुआ सार्वजनिक अपमान। ऐसी घटनाएँ अपवाद नहीं हैं; इनके अनगिनत उदाहरण देश के सामाजिक इतिहास में बिखरे पड़े हैं। हम ये नहीं कहते की ugc  रेगुलेशन 2026 में कोई  कमी  नहीं  है, इसमें खामियाँ  हो सकती है, मगर ये पिछले 2012 की रेगुलेशन से बेहतर था  इसकी  आवश्यकता  इसलिए भी  थी क्यूंकि  2012 का रेग...

हिमाचल किसान सभा का खण्ड राजगड का प्रथम सम्मेलन संम्पन

 हिमाचल किसान सभा का पहला खण्ड राजगढ़ का  सम्मेलन आज  संम्पन हुआ । सम्मेलन में किसान सभा के जिला अध्यक्ष रमेश वर्मा, सीटू जिला कोशाध्यक्ष आशीष कुमार , और जिला कमेटी सदस्य अरुण विशेष रूप से उपस्तिथ रहे है। सम्मेलन में बहुत सी स्थानीय समस्यओं पर गंभीर चर्चा की गई । समेलन को संबोधित करते हुए किसान सभा के जिला अध्यक्ष रमेश वर्मा  के कहा कि आज प्रदेश और देश के अंदर किसानों की हालत दयनीय है , किसानों को फसलों के उचित दाम नही मिल रहे है । अभी इस बार किसानों की लहुसन की फसल भी गंभीर बीमारियों की चपेट में आ गई है जिससे किसानों की साल भर की मेहनत तबाह हो गई। सम्मेलन में महँगाई के खिलाफ  और  स्थानीय उत्पाद पर आधारित उद्योग की मांग पर भी प्रस्ताव पास किया गया । राजगड में हुए पहले खण्ड सम्मेलन में 5 पंचायतों नके प्रतिनिधियों ने भाग लिया । सम्मेलन में 21 सदस्यों की कमेटी का गठन किया गया  जिसमे बलदेव सिंह को  अध्यक्ष  नैन सिंह को सचिव और इंदर सिंह,अतर सिंह उपाध्यक्ष,

ज्ञान चंद, नरेंद्र सह सचिव 

परसराम कोशाध्यक्ष चुना गया । समेलन में सरांह में होने वाले 11, 12 जून के जिला सम्मेलन में 30 लोग भाग लेंगे ।


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