जाति का दर्द नही झेला. इसलिए आरक्षण पर दे रहे है शांता कुमार ज्ञान*:--आशीष कुमार

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 *जाति का दर्द नही झेला. इसलिए  आरक्षण पर दे रहे है शांता कुमार ज्ञान*  *गरीबी नहीं, सामाजिक भेदभाव है असली कारण*           ( आशीष कुमार. राज्य संयोजक शोषण मुक्ति मंच ) शांता कुमार  द्वारा कुछ दिन पूर्व दिये ब्यान में  यह कहना कि देश में आरक्षण का आधार जाति नहीं बल्कि केवल गरीबी होना चाहिए, न तो कोई नया तर्क है और न ही यह भारतीय समाज की वास्तविकता को समझने वाला दृष्टिकोण है। सच यह है कि भारत में आरक्षण की व्यवस्था गरीबी दूर करने के लिए नहीं, बल्कि सदियों से चले आ रहे जातिगत भेदभाव, सामाजिक बहिष्कार और अवसरों की असमानता को दूर करने के लिए बनाई गई थी। भारत का संविधान, जिसे B. R. Ambedkar जैसे महान समाज सुधारकों ने गढ़ा, इस सच्चाई को स्वीकार करता है कि कुछ जातियों को केवल आर्थिक रूप से नहीं बल्कि सामाजिक रूप से भी दबाया गया। इसलिए आरक्षण सामाजिक न्याय का एक संवैधानिक उपाय है, न कि कोई गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम। अगर आरक्षण को केवल आर्थिक आधार से जोड़ने की बात की जाती है, तो यह भी पूछा जाना चाहिए कि EWS आरक्षण पर शांता कुमार जैसे नेता अक्सर खाम...

5अगस्त को निदेशक महोदया महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती रुपाली ठाकुर से मिला आंगनवाड़ी वर्करज एवं हेल्परज यूनियन संबंधित सीटू का 23 सदस्यों प्रतिनिधि मंडल*


*5 अगस्त को  निदेशक महोदया  महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती रुपाली ठाकुर से मिला आंगनवाड़ी वर्करज एवं हेल्परज यूनियन संबंधित सीटू  का 23 सदस्यों का प्रतिनिधि मंडल*



*मिनी आंगनवाड़ी केंद्रों पर कोई आँच आई तो आंगनवाड़ी वर्कर्ज एवं हेल्परज यूनियन संघर्ष से भी पीछे नहीं हटेंगी*



आँगनवाड़ी  वर्करज एवं हेल्परज यूनियन संबंधित सीटू का एक डेलिगेशन 5 अगस्त 2024 को आंगनवाड़ी यूनियन की राज्य अध्यक्षा नीलम जस्वाल एवं वीना  शर्मा की अध्यक्षता में निदेशक  महिला एवं बाल विकास विभाग से शिमला में मिला ,आंगनवाड़ी यूनियन ने हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलाओं के हर प्रोजेक्ट  में आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं  और साहिकाओं  को आ रही समस्यओ  को अवगत करवाया । निदेशक्  महोदया ने आँगनवाडी  यूनियन  की समस्याओं  को पूरे तपसील से सुना । यूनियन के पदाधिकारियों ने आंगनवाड़ी केंदर के भवन किराये से लेकर , पोषाआहार, पुराने फोन को बदलने से लेकर,ग्रेचुइटी के मुद्दे और मिनी आँगनवाडी  वर्करज को जो पिछले 6 महीनों से वेतन नहीं मिल पा रहा है है उस पर चर्चा हुई। निदेशक  महोदया से लगभग तीन  घण्टे चली इस बैठक में स्कारातमक आश्वासन निदेशक  महोदया  ने दिया।  निदेशक महोदया ने यूनियन के  मुद्दे को गंभीरता से सुना और कहा की यूनियन  दवारा रखी गई  समस्याओं को जायज बताया और उन्हे पुरा करने का आश्वासन दिया । यूनियन  के पदाधिकारियों ने बताया की फोन इतने पुराने हो गये है की उन पर काम करने की दिक्क़त आ रही है  तो इस पर कहा गया की जल्द हि प्रदेश मे सभी वर्करज को फोन बदल कर नये  फोन दिये जाएंगे, देरी  से आ रहे वेतन के विषय पर निदेशिक महोदया ने कहा की वेतन भी हर माह नियमित रूप से आता रहेगा आगे से इसमे कोई विलम्भ नही होगा इसका आश्वासन दिया और विभाग को निर्देश दिये गये,पोषाहार के मुद्दे पर भी गंभीरता से काम किया जायेगा प्रदेश के किसी भी आंगनवाड़ी केंद्र मे पोषाहार की समस्या नहीं आने दी जाएगी, यूनियन ने जब ग्रेचुइटी  के मुद्दे पर बताया की माननीय सुप्रीम कोर्ट ने के आदेशानुसार   ग्रेचुइटी  द का जो  फैसला आया है तो उस पर निदेशक   महोदया  ने कहा की विभाग सेवानिवृत हुई आंगनवाड़ी कार्यकर्तों और साहिकाओं को ग्रेचुइटी  देने के लिए  जल्द हि कोई कदम उठाएगा।मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र का मुद्दा भी विभाग की तरफ से केंदर सरकार को भेजा गया है , जिसमे हिमाचल की भौगोलिक स्थिति के आधर पर मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रो को नियमित रूप से चलाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जायेगा।

यूनियन पदाधिकारियों ने इस महत्वपूर्ण चर्चा और आंगनवाड़ी वर्कर्ज की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करवाने के लिए निदेशिक महोदया  महिला एवं बाल विकास विभाग का आभार जताया है और जल्द हि सारी समस्याओं के समाधान की उम्मीद की है। यूनियन  के पदाधिकारियों ने ये भी कहा कु यदि  मिनी आंगनवाड़ी केंद्र पर कोई आँच आई तो आंगनवाड़ी वर्कर्ज एवं हेल्परज यूनियन उनके लिए संघर्षरत रहेगी । मांगे पुरी न होने पर सितम्बर मे संघर्ष मे उतरने से गुरेज नहीं करेंगे  प्रतिनिधिमंडल  में , रेखा, खिमी  भंडारी, मीना , बिमला,अंजुला,बिमला, सुषमा, चम्पा, रेखा, धनमन्ति, बिमला, आदि 2 दर्जन यूनियन पदाधिकारी  मौजूद रहे।


आंगनवाड़ी वर्करज एवं हेल्परज यूनियन(सीटू) 

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