मजदूर दिवस और बुद्ध पूर्णिमा: श्रम, करुणा और न्याय का प्रश्न* :---- आशीष कुमार

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 *मजदूर दिवस और बुद्ध पूर्णिमा: श्रम, करुणा और न्याय का प्रश्न* :---- आशीष कुमार आशी आज एक ओर पूरी दुनिया मजदूर दिवस मना रही है, तो दूसरी ओर बुद्ध पूर्णिमा भी है। यह संयोग केवल कैलेंडर का नहीं, बल्कि विचारों का है—श्रम और करुणा, न्याय और मानव गरिमा के बीच गहरे संबंध का प्रतीक है । मजदूर दिवस हमें उन हाथों की संघर्षों की  याद दिलाता है, जिन्होंने दुनिया को गढ़ा है। बुद्ध पूर्णिमा हमें उस चेतना की याद दिलाती है, जिसने मनुष्य को दुःख, असमानता और शोषण के कारणों को समझने और उनसे मुक्ति की दिशा दिखाई। मजदूर दिवस का ऐतिहासिक आधार भारत में पहली बार 1 मई 1923 को मजदूर दिवस मनाया गया था। इसके पीछे पूरी दुनिया में हुए मजदूर आंदोलनों की लंबी श्रृंखला थी, जिसकी सबसे महत्वपूर्ण कड़ी 1886 का शिकागो आंदोलन रहा, जहाँ 8 घंटे काम के अधिकार के लिए मजदूरों ने संघर्ष किया और अपने जीवन तक बलिदान कर दिए। यह इतिहास बताता है कि श्रम अधिकार कभी दया से नहीं मिले, बल्कि संघर्ष और संगठित शक्ति से प्राप्त हुए हैं। परन्तु  आज का सवाल भी यही है  क्या मजदूर की स्थिति बदली है?  लगभग एक सदी के...

मिनी आंगनवाड़ी पर आंच आई तो होगा निर्णायक आंदोलन :--सीटू


 आज आंगनवाड़ी वर्करज एवम हेल्परज यूनियन  प्रोजेक्ट पछाद ने राज्य कमेटी के आह्वाहन पर 11 सितम्बर से 21 अक्टूबर तक चलने वाले विरोध प्रदर्शन  के पहली कड़ी में  प्रदर्शन की शुरुवात करी  और इस कड़ी में 12 सूत्रीय मांग पत्र sdm  सरान्ह  के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा । प्रदर्शन की अध्यक्षता प्रोजेक्ट सरान्ह  अध्यक्ष शबनम,  सुनीता और शामा  ने की  , इस प्रदर्शन में आंगनवाड़ी यूनियन राज्य महसचिव वीना  शर्मा और सीटू जिला महसचिव आशीष कुमार भी उपस्थित रहे । प्रदर्शनकारी पुराना बस अड्डा सरान्ह से बाजार होते हुए sdm  कार्यालय पहुँचे । प्रदर्शन  को सम्बोधित करते हुए आंगनवाड़ी यूनियन की राज्य महसचिव वीना  शर्मा और सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार ने कहा की  केंदर सरकार की मिनी आंगनवाड़ी वर्करज को बंद करने की जो मंशा है यूनियन उसका विरोध करती है  और साथ ये भी मांग करती है की मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रो मे काम करने वाली वर्करज का मानदेय तुरंत दिया जाए और इन केंद्रो  को अपग्रेड किया जाए।  यूनियन ने प्रदेश और केंदर सरकार से मांग की है की आंगनवाड़ी विरकर्ज को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए और हरियाणा की तर्ज पर वेतन दिया जाए।  प्रदर्शन को सुनीता , शामा,  शबनम,अनुराधा ,शीला ने भी सम्बोधित किया।

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