जाति का दर्द नही झेला. इसलिए आरक्षण पर दे रहे है शांता कुमार ज्ञान*:--आशीष कुमार

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 *जाति का दर्द नही झेला. इसलिए  आरक्षण पर दे रहे है शांता कुमार ज्ञान*  *गरीबी नहीं, सामाजिक भेदभाव है असली कारण*           ( आशीष कुमार. राज्य संयोजक शोषण मुक्ति मंच ) शांता कुमार  द्वारा कुछ दिन पूर्व दिये ब्यान में  यह कहना कि देश में आरक्षण का आधार जाति नहीं बल्कि केवल गरीबी होना चाहिए, न तो कोई नया तर्क है और न ही यह भारतीय समाज की वास्तविकता को समझने वाला दृष्टिकोण है। सच यह है कि भारत में आरक्षण की व्यवस्था गरीबी दूर करने के लिए नहीं, बल्कि सदियों से चले आ रहे जातिगत भेदभाव, सामाजिक बहिष्कार और अवसरों की असमानता को दूर करने के लिए बनाई गई थी। भारत का संविधान, जिसे B. R. Ambedkar जैसे महान समाज सुधारकों ने गढ़ा, इस सच्चाई को स्वीकार करता है कि कुछ जातियों को केवल आर्थिक रूप से नहीं बल्कि सामाजिक रूप से भी दबाया गया। इसलिए आरक्षण सामाजिक न्याय का एक संवैधानिक उपाय है, न कि कोई गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम। अगर आरक्षण को केवल आर्थिक आधार से जोड़ने की बात की जाती है, तो यह भी पूछा जाना चाहिए कि EWS आरक्षण पर शांता कुमार जैसे नेता अक्सर खाम...

मिनी आंगनवाड़ी पर आंच आई तो होगा निर्णायक आंदोलन :--सीटू


 आज आंगनवाड़ी वर्करज एवम हेल्परज यूनियन  प्रोजेक्ट पछाद ने राज्य कमेटी के आह्वाहन पर 11 सितम्बर से 21 अक्टूबर तक चलने वाले विरोध प्रदर्शन  के पहली कड़ी में  प्रदर्शन की शुरुवात करी  और इस कड़ी में 12 सूत्रीय मांग पत्र sdm  सरान्ह  के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा । प्रदर्शन की अध्यक्षता प्रोजेक्ट सरान्ह  अध्यक्ष शबनम,  सुनीता और शामा  ने की  , इस प्रदर्शन में आंगनवाड़ी यूनियन राज्य महसचिव वीना  शर्मा और सीटू जिला महसचिव आशीष कुमार भी उपस्थित रहे । प्रदर्शनकारी पुराना बस अड्डा सरान्ह से बाजार होते हुए sdm  कार्यालय पहुँचे । प्रदर्शन  को सम्बोधित करते हुए आंगनवाड़ी यूनियन की राज्य महसचिव वीना  शर्मा और सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार ने कहा की  केंदर सरकार की मिनी आंगनवाड़ी वर्करज को बंद करने की जो मंशा है यूनियन उसका विरोध करती है  और साथ ये भी मांग करती है की मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रो मे काम करने वाली वर्करज का मानदेय तुरंत दिया जाए और इन केंद्रो  को अपग्रेड किया जाए।  यूनियन ने प्रदेश और केंदर सरकार से मांग की है की आंगनवाड़ी विरकर्ज को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए और हरियाणा की तर्ज पर वेतन दिया जाए।  प्रदर्शन को सुनीता , शामा,  शबनम,अनुराधा ,शीला ने भी सम्बोधित किया।

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तीन माह से लंबित केंद्र का मानदेय तत्काल जारी किया जाए।