भेदभाव कल्पना नहीं,बल्कि आज की सबसे ठोस और क्रूर हक़ीक़त :-- आशीष कुमार आशी

Image
*भेदभाव कल्पना नहीं,बल्कि आज की सबसे  ठोस और क्रूर  हक़ीक़त है*                        (आशीष कुमार आशी ) यूजीसी रेगुलेशन 2026 को समझने के लिए ज़रूरी है कि हम उससे पहले देश में घटित हुए उन घटनाक्रमों को अपने ज़हन में रखें, जिनसे यह साफ़ होता है कि जातिगत भेदभाव आज भी हमारी सामाजिक और शैक्षणिक संरचनाओं में गहराई से मौजूद है। जब भी आरक्षण पर सवाल उठाए जाएँ, दलित वर्ग की योग्यता पर संदेह किया जाए, या यह पूछा जाए कि “आरक्षण कब तक?”, तब अपने अंतर्मन में कुछ घटनाओं को ज़रूर स्मरण कर लेना चाहिए—पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गवई पर जूता फेंके जाने की घटना, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ हुआ सार्वजनिक अपमान। ऐसी घटनाएँ अपवाद नहीं हैं; इनके अनगिनत उदाहरण देश के सामाजिक इतिहास में बिखरे पड़े हैं। हम ये नहीं कहते की ugc  रेगुलेशन 2026 में कोई  कमी  नहीं  है, इसमें खामियाँ  हो सकती है, मगर ये पिछले 2012 की रेगुलेशन से बेहतर था  इसकी  आवश्यकता  इसलिए भी  थी क्यूंकि  2012 का रेग...

शयामा अध्यक्ष, वीना महासचिव और शीला बनी आँगनवाडी वर्करज एवं हेल्परज यूनियन की कोषाध्यक्ष*


 *शयामा अध्यक्ष, वीना  महासचिव और शीला बनी आँगनवाडी  वर्करज एवं हेल्परज यूनियन की कोषाध्यक्ष*


आज दिनांक 23 मार्च 2025 को आंगनवाड़ी वर्कर हेल्पर यूनियन संबंधित सीटू  का 13 वा जिला सम्मेलन संपन्न हुआ सम्मेलन का उद्घाटन सीटू राज्य अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने किया। सम्मेलन में शहीदे आजम भगत सिंह की शहादत को याद किया  , विजेंदर मेहरा ने कहा की  सरकार की नीतियों के चलते आज आईसीडीएस खतरे में है और इस खतरे से निपटे के लिए संगठन को मजबूत करने की जरूरत है सरकार नहीं चाहती कि इस योजना को आगे बढ़ाया जाए सम्मेलन में पिछले तीन वर्षों की रिपोर्ट सचिव वीणा शर्मा ने रखी संगठन में अच्छे कामों को करने के सुझाव दिया और कमियों को सुधारने के लिए सुझाव दिए गए सभी प्रोजेक्टर से रिपोर्ट पर चर्चा की गई । सम्मेलन का समापान भाषण में सीटू जिला  महासचिव आशीष कुमार ने अपनी  ऑब्जरवेशन स्पीच में कहा की  संगठन  को चुस्त दुरुस्त  करने की बात कही  आशीष कुमार ने कहा की आंगनवाड़ी यूनियन का इतिहास रहा है की आज तक जो भी मजदूरों ने हासिल किया वो अपने संघर्षों से हासिल किया , आशीष कुमार ने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की आजादी के इतने सालों के बाद भी आंगनवाड़ी  वर्जरज और हेल्परज को न्यूनतम वेतन तक नहीं मिल पा रहा है , जोकि  देश और प्रदेश में सता में रही सरकारों के लिए शर्मनाक है।   सम्मेलन में आंगनवाड़ी वर्कर हेल्पर यूनियन की समस्याओं पर प्रस्ताव पास किए गए आंगनबाड़ी कर्मियों को नियमित किया जाए साथी गुजरात के तर्ज पर ग्रेड थर्ड फोर्थ का कर्मचारी घोषित किया जाए । सम्मेलन ने  माननीय  सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार ग्रेजुएट सुविधा की माँग  का प्रस्ताव  पास किया ।  सम्मेलन ने मेडिकल सुविधा पेंशन सुविधा जारी करने पर प्रस्ताव पास किए गए सम्मेलन में 110 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में भाग लिया जिसमें शीला , ममता प्रियंका कांटा राजेश तोमर संतोष देव कुमारी माया अनीता चंद्रकला शीला आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने सम्मेलन की अध्यक्षता की। सम्मेलन में 35 सदस्यों की कमेटी का गठन किया गया जिसमे  शामा को जिला अध्यक्ष वीना  को महासचिव  शीला ठाकुर को कोषाध्यक्ष, इंदु, नीलम, वंदना, कमला, प्रोमिलांको उपाध्यक्ष चुना गया, चंदरकला,  देव कुमारी, सुमन, शीला को सह सचिव चुना गया। सम्मेलन में बलजीत कौर, शामा,  संतोष गुलाटी,  निर्मला, अनिता, अंजू, माया, रेखा, नारायणी, सुनीता लता, सीमा, नीलम, किरण, पिंकी प्रियंका  आदि  को  कमेटी सदस्य चुना गया।

Comments

Popular posts from this blog

मंडी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की मौत पर 8 जनवरी सीटू से संबंधित आंगनवाड़ी यूनियन करेंगी प्रदर्शन

तीन माह से केंद्र से नहीं मिल रहा मानदेय, और पोषण ट्रैकर और टी एच आर के लिए हर माह ओ टी पी के नाम पर लाभार्थी भी करते है प्रताड़ित*

तीन माह से लंबित केंद्र का मानदेय तत्काल जारी किया जाए।