जाति का दर्द नही झेला. इसलिए आरक्षण पर दे रहे है शांता कुमार ज्ञान*:--आशीष कुमार

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 *जाति का दर्द नही झेला. इसलिए  आरक्षण पर दे रहे है शांता कुमार ज्ञान*  *गरीबी नहीं, सामाजिक भेदभाव है असली कारण*           ( आशीष कुमार. राज्य संयोजक शोषण मुक्ति मंच ) शांता कुमार  द्वारा कुछ दिन पूर्व दिये ब्यान में  यह कहना कि देश में आरक्षण का आधार जाति नहीं बल्कि केवल गरीबी होना चाहिए, न तो कोई नया तर्क है और न ही यह भारतीय समाज की वास्तविकता को समझने वाला दृष्टिकोण है। सच यह है कि भारत में आरक्षण की व्यवस्था गरीबी दूर करने के लिए नहीं, बल्कि सदियों से चले आ रहे जातिगत भेदभाव, सामाजिक बहिष्कार और अवसरों की असमानता को दूर करने के लिए बनाई गई थी। भारत का संविधान, जिसे B. R. Ambedkar जैसे महान समाज सुधारकों ने गढ़ा, इस सच्चाई को स्वीकार करता है कि कुछ जातियों को केवल आर्थिक रूप से नहीं बल्कि सामाजिक रूप से भी दबाया गया। इसलिए आरक्षण सामाजिक न्याय का एक संवैधानिक उपाय है, न कि कोई गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम। अगर आरक्षण को केवल आर्थिक आधार से जोड़ने की बात की जाती है, तो यह भी पूछा जाना चाहिए कि EWS आरक्षण पर शांता कुमार जैसे नेता अक्सर खाम...

*20 मई की हड़ताल मेहनकश के अधिकारों और आजीविका पर शासक वर्ग के क्रूर हमलों के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई होगी* ----------:आशीष



आज सीटू जिला सिरमौर ने अंतर्राष्ट्रीय मई दिवस के अवसर पर धौला कुंवा में फैक्ट्री पर गेट मीटिंग आयोजित की और सीटू जिला महासचिव ने ध्वजारोहन किया। इस अवसर पर टाटा कंस्यूमर वर्करज यूनियन के अध्यक्ष लेख राज, महासचिव बंसीलाल, पूर्व महासचिव जालम सिंह, गुमान सिंह, लखबीर चौहान आदि सैकड़ों मजदूरों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान, सीटू महासचिव आशीष कुमार ने आम सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मई दिवस 2025 पर, सीटू दुनिया के मेहनतकश लोगों को क्रांतिकारी शुभकामनाएं देता है जो अपने अधिकारों की रक्षा के लिए और नवउदारवादी पूंजीवादी व्यवस्था के आक्रामक हमले का मुकाबला करने के लिए अथक संघर्ष कर रहे हैं।

आशीष कुमार ने कहा कि सीटू भारत के मजदूर वर्ग को सलाम करता है, जो 20 मई, 2025 को अखिल भारतीय आम हड़ताल के लिए कमर कस रहा है। यह ऐतिहासिक हड़ताल मेहनतकश लोगों के अधिकारों और आजीविका पर शासक वर्गों के क्रूर हमलों के खिलाफ भारतीय मजदूर वर्ग की सबसे बड़ी कार्रवाई होगी।

कार्यक्रम के दौरान, सीटू ने मजदूर वर्ग और मेहनतकश लोगों के अधिकारों के लिए लड़ने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया और शोषणकारी व्यवस्था को बदलने की आवश्यकता पर जोर दिया।

इसके अतिरिक्त, दोपहर बाद काला आम्ब क्षेत्र में पर्चा वितरण किया गया और मजदूरों को मजदूर दिवस और 20 मई की हड़ताल की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का समापन मई दिवस जिंदाबाद, मजदूर-किसान गठबंधन जिंदाबाद, समाजवाद जिंदाबाद और साम्राज्यवाद मुर्दाबाद के नारों के साथ हुआ।

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