दीयों की रोशनी में दिखाई देते अंधेरे — आशीष कुमार ‘आशी’
सांप्रदायिकता मजदूर आंदोलन को कमजोर करने का पूंजीपतियों का औजार: प्रेम गौतम
नाहन। सीटू जिला सिरमौर द्वारा आयोजित शिक्षा शिविर के दूसरे दिन आज मजदूर आंदोलन के सामने मौजूद वैचारिक और राजनीतिक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। शिविर में सीटू के राज्य महासचिव प्रेम गौतम ने “सांप्रदायिकता और मजदूर आंदोलन के सामने खतरे” विषय पर अपनी बात रखते हुए कहा कि सांप्रदायिकता का इस्तेमाल समाज को धर्म और समुदाय के आधार पर बांटने के लिए किया जाता है, जिसका सीधा असर मजदूर वर्ग की एकता और संघर्ष पर पड़ता है।
प्रेम गौतम ने कहा कि मजदूर चाहे किसी भी धर्म, जाति या समुदाय से संबंधित हो, उसकी मूल समस्याएं एक जैसी हैं। महंगाई, बेरोजगारी, कम मजदूरी, असुरक्षित रोजगार, ठेका प्रथा और सामाजिक सुरक्षा में कटौती जैसी समस्याओं से सभी मेहनतकश लोग प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि जब मजदूर अपनी वास्तविक आर्थिक समस्याओं के आधार पर एकजुट होकर संघर्ष करता है तो उसकी ताकत बढ़ती है, जबकि सांप्रदायिक विभाजन मजदूरों की इस एकता को कमजोर करता है।
उन्होंने कहा कि पूंजीपति वर्ग अपने मुनाफे को बढ़ाने और मजदूरों के शोषण के खिलाफ उठने वाले संघर्ष को कमजोर करने के लिए समाज में मौजूद विभाजनकारी भावनाओं का इस्तेमाल एक औजार के रूप में करता है। इसलिए मजदूर आंदोलन के लिए जरूरी है कि वह आर्थिक संघर्ष के साथ-साथ मजदूरों के बीच वैज्ञानिक, जनवादी और वर्गीय चेतना को मजबूत करे।
शिविर में चार लेबर कोड को लेकर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि मजदूरों के अधिकारों, ट्रेड यूनियन की गतिविधियों, रोजगार की सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों को कमजोर करने वाले प्रावधानों के खिलाफ मजदूर वर्ग को व्यापक एकता के साथ संघर्ष करना होगा। उन्होंने कहा कि मजदूरों को धर्म, जाति और क्षेत्र के आधार पर बांटने के बजाय अपने साझा हितों और अधिकारों के लिए एकजुट होना समय की जरूरत है।
शिक्षा शिविर में इस बात पर भी जोर दिया गया कि मजदूर आंदोलन को केवल तत्काल आर्थिक मांगों तक सीमित न रखते हुए देश और समाज में हो रहे व्यापक बदलावों को समझना होगा। मजदूरों और कर्मचारियों के बीच नियमित राजनीतिक एवं वैचारिक शिक्षा के माध्यम से संगठन को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
आज की कक्षा की अध्यक्षता देव कुमारी और वीरेंद्र ने की। शिविर में सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार, जिला अध्यक्ष सुरजीत, वीणा शर्मा, वीरेंद्र, चन्द्रकला, ममता, श्यामा, सुनीता, सुदेश, विनीत, संदीप, सीता, देव कुमारी और नीलम सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
शिविर में वक्ताओं ने कहा कि मौजूदा दौर में मजदूर वर्ग की एकता, धर्मनिरपेक्ष सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और वर्गीय चेतना को मजबूत करना बेहद जरूरी है, ताकि मजदूर अपने अधिकारों और बेहतर भविष्य के लिए संगठित संघर्ष को आगे बढ़ा सकें।
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