जाति का दर्द नही झेला. इसलिए आरक्षण पर दे रहे है शांता कुमार ज्ञान*:--आशीष कुमार

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 *जाति का दर्द नही झेला. इसलिए  आरक्षण पर दे रहे है शांता कुमार ज्ञान*  *गरीबी नहीं, सामाजिक भेदभाव है असली कारण*           ( आशीष कुमार. राज्य संयोजक शोषण मुक्ति मंच ) शांता कुमार  द्वारा कुछ दिन पूर्व दिये ब्यान में  यह कहना कि देश में आरक्षण का आधार जाति नहीं बल्कि केवल गरीबी होना चाहिए, न तो कोई नया तर्क है और न ही यह भारतीय समाज की वास्तविकता को समझने वाला दृष्टिकोण है। सच यह है कि भारत में आरक्षण की व्यवस्था गरीबी दूर करने के लिए नहीं, बल्कि सदियों से चले आ रहे जातिगत भेदभाव, सामाजिक बहिष्कार और अवसरों की असमानता को दूर करने के लिए बनाई गई थी। भारत का संविधान, जिसे B. R. Ambedkar जैसे महान समाज सुधारकों ने गढ़ा, इस सच्चाई को स्वीकार करता है कि कुछ जातियों को केवल आर्थिक रूप से नहीं बल्कि सामाजिक रूप से भी दबाया गया। इसलिए आरक्षण सामाजिक न्याय का एक संवैधानिक उपाय है, न कि कोई गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम। अगर आरक्षण को केवल आर्थिक आधार से जोड़ने की बात की जाती है, तो यह भी पूछा जाना चाहिए कि EWS आरक्षण पर शांता कुमार जैसे नेता अक्सर खाम...

पुलिस अधीक्षक जिला सिरमौर के नाम खुला पत्र= दलित शोषण मुक्ति मंच

सेवा में,
पुलिस अधीक्षक
जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश, स्थित नाहन

विषय :_____ खुला पत्र
महोदय ,
         निवेदन इस प्रकार से है कि     आज पूरी दुनिया कोराना जैसी महामारी से मुकाबला कर रही है जिसमें देश और हमारा प्रदेश और जिला सिरमौर भी अछूता नहीं है, हम जिला प्रशासन का इस आपदा से निपटने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना करते हैं। परन्तु  जब हम इस  मुश्किल दौर से गुजर रहे है फिर भी कुछ लोग अपनी संकीर्ण मानसिकता का उदाहरण पेश कर रहे हैं जिसका अभी जीता जागता उदाहरण हमारे जिला में एक। समाचार एजेंसी के माध्यम से संज्ञान में आया , आप इस बात से अंदाजा लगा सकते है कि हाल ही में राजगढ़ उपमंडल में  जब एक दलित समाज की लड़की और उसकी माता को covid19 की रिपोर्ट नेगेटिव आने पर स्थानीय उच्च जाति के लोगों द्वारा प्रताड़ित किया  जा रहा है,श्रीमान जी एक तरफ तो प्रशासन को लड़की और उसकी माता का इस महामारी से लड़ने के लिए किए गए सहयोग के लिए प्रोत्साहित  करना चाहिए था कि उन्होंने एक जागरूक नागरिक कि तरह इस बीमारी से लड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन  का सहयोग किया परंतु इसके विपरित गांव के उच्च जाति के लोगों द्वारा उनको प्रताड़ित किया जा रहा है। श्रीमान जी आपसे निवेदन है कि इस तरह की।मानसिकता के लोग इस माहामारी  से निपटने में सरकार के प्रयासों पर पानी फेर रहे हैं क्यूंकि अगर स्थानीय लोग इस तरह का उत्पीडन करते रहे तो बाहर से आए लोग उत्पीडन से बचने के लिए अपनी ट्रैवल हिस्ट्री प्रशासन से छुपाएंगे जिस वजह से इस महामारी से निपटने में सरकारी प्रयास नकाफी साबित होंगे।
अतः आपसे निवेदन है कि आप इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए अपने सम्बन्धित पुलिस स्टेशन को सतर्क करे ताकि निकट  भविष्य। में किसी के साथ इस तरह की घटना ना हो।               
               धन्यवाद
                             निवेदक
                    आशीष कुमार
               जिला संयोजक
             दलित शोषण मुक्ति मंच
                सिरमौर

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