जाति का दर्द नही झेला. इसलिए आरक्षण पर दे रहे है शांता कुमार ज्ञान*:--आशीष कुमार

Image
 *जाति का दर्द नही झेला. इसलिए  आरक्षण पर दे रहे है शांता कुमार ज्ञान*  *गरीबी नहीं, सामाजिक भेदभाव है असली कारण*           ( आशीष कुमार. राज्य संयोजक शोषण मुक्ति मंच ) शांता कुमार  द्वारा कुछ दिन पूर्व दिये ब्यान में  यह कहना कि देश में आरक्षण का आधार जाति नहीं बल्कि केवल गरीबी होना चाहिए, न तो कोई नया तर्क है और न ही यह भारतीय समाज की वास्तविकता को समझने वाला दृष्टिकोण है। सच यह है कि भारत में आरक्षण की व्यवस्था गरीबी दूर करने के लिए नहीं, बल्कि सदियों से चले आ रहे जातिगत भेदभाव, सामाजिक बहिष्कार और अवसरों की असमानता को दूर करने के लिए बनाई गई थी। भारत का संविधान, जिसे B. R. Ambedkar जैसे महान समाज सुधारकों ने गढ़ा, इस सच्चाई को स्वीकार करता है कि कुछ जातियों को केवल आर्थिक रूप से नहीं बल्कि सामाजिक रूप से भी दबाया गया। इसलिए आरक्षण सामाजिक न्याय का एक संवैधानिक उपाय है, न कि कोई गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम। अगर आरक्षण को केवल आर्थिक आधार से जोड़ने की बात की जाती है, तो यह भी पूछा जाना चाहिए कि EWS आरक्षण पर शांता कुमार जैसे नेता अक्सर खाम...

माना के हम तुमसे फासले बना रहे है....ये दगा नहीं हम सच्ची मोहब्बत निभा रहे है....आशीष कुमार आशी

माना के मुश्किल दौर में हम तुमसे फासले बना रहे है,
ये दगा नहीं है हम सच्ची मोहब्बत निभा रहे है,

दस्तूर उल्टा हो चला है कुछ मोहब्बत निभाने का
इस दौर में हम तुम संग खुद को बचा रहे है।

जो टूटे है कुछ पत्ते वो फिर से निकल आएगे
शर्त बस इतनी है की हम जड़े कितनी बचा पाएंगे।

ये दौर है मुश्किल का हम अगर इससे निकल जाएं
आप भी मिलने आना हमसे हम भी मिलने आपके घर आएं।

राज अपने न हमसे कुछ छुपाना तुम
कहां से आए किससे मिलके आए ये बताना तुम।

राज अपने अगर आज तुम छुपाओंगे
इस बवंडर में तुम सबको उड़ा ले जाओगे

बना कर रखोगे अगर दूरी तुम हमसे
तभी तुम हमसे और देश से सच्ची मोहब्बत निभाओगे

आशीष कुमार आशी

Comments

Popular posts from this blog

मंडी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की मौत पर 8 जनवरी सीटू से संबंधित आंगनवाड़ी यूनियन करेंगी प्रदर्शन

तीन माह से केंद्र से नहीं मिल रहा मानदेय, और पोषण ट्रैकर और टी एच आर के लिए हर माह ओ टी पी के नाम पर लाभार्थी भी करते है प्रताड़ित*

तीन माह से लंबित केंद्र का मानदेय तत्काल जारी किया जाए।