जाति का दर्द नही झेला. इसलिए आरक्षण पर दे रहे है शांता कुमार ज्ञान*:--आशीष कुमार

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 *जाति का दर्द नही झेला. इसलिए  आरक्षण पर दे रहे है शांता कुमार ज्ञान*  *गरीबी नहीं, सामाजिक भेदभाव है असली कारण*           ( आशीष कुमार. राज्य संयोजक शोषण मुक्ति मंच ) शांता कुमार  द्वारा कुछ दिन पूर्व दिये ब्यान में  यह कहना कि देश में आरक्षण का आधार जाति नहीं बल्कि केवल गरीबी होना चाहिए, न तो कोई नया तर्क है और न ही यह भारतीय समाज की वास्तविकता को समझने वाला दृष्टिकोण है। सच यह है कि भारत में आरक्षण की व्यवस्था गरीबी दूर करने के लिए नहीं, बल्कि सदियों से चले आ रहे जातिगत भेदभाव, सामाजिक बहिष्कार और अवसरों की असमानता को दूर करने के लिए बनाई गई थी। भारत का संविधान, जिसे B. R. Ambedkar जैसे महान समाज सुधारकों ने गढ़ा, इस सच्चाई को स्वीकार करता है कि कुछ जातियों को केवल आर्थिक रूप से नहीं बल्कि सामाजिक रूप से भी दबाया गया। इसलिए आरक्षण सामाजिक न्याय का एक संवैधानिक उपाय है, न कि कोई गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम। अगर आरक्षण को केवल आर्थिक आधार से जोड़ने की बात की जाती है, तो यह भी पूछा जाना चाहिए कि EWS आरक्षण पर शांता कुमार जैसे नेता अक्सर खाम...

आरक्षण विरोधी नीति के विरोध में सड़कों पर उतरेंगे सभी दलित संगठन=दलित शोषण मुक्ति मंच



दलित शोषण मुक्ति मंच ने दलितों की मांगों को लेकर16 सितमन्बर 2020 को हिमाचल विधान सभा पर प्रदर्शन करेगी। प्रदेश सरकार दलितों के संविधानिक अधिकारों कोएक एक करके छिन रही है।सरकारी ,अर्धसरकारी स्थाई नोकरियों का स्वरूप बदला जा रहा है। सरकार द्वारा पार्ट टाइम  अनुबन्द टेके आउटसोर्स स्कीम वर्कर्स,पी टी ऐ एस एम सी व पंचायत स्तर पर अलग-2 रूप में भर्तियां की जा रही है। इन भर्तियो में आरक्षण लागू नहीं किया जाता। प्रदेश में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जन जाती के लोगों की लगातार हत्या,हमले व छुआछूट ,समाजिक भेद भाव की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण कानून को सख्ती से लागू नही किया जा रहा है। SC/ST वर्ग के लोगों को सरकारी नोकरियों में 85बें सविधान संसोधन के मुताविक पदोन्ति में आरक्षण लागू नही किया जाता।SC/ST component  paln      के मुताविक अनुचुचित जाती की संख्या के आधार पर बजट नही दिया जाता। इस तरह सरकार बड़े पैमाने पर दलितों का शोषण कर रही है।दलित शोषण मुक्ति मंच मुख्य मंत्री महोदय को दलितों की मांगों को लेकर मांगपत्र देगा।जिसमें मांग की जायेगी कीSC/STके लिए सभी प्रकार की नोकरियों में आरक्षण लागू किया जाए ।दलितों की हत्यायों ,समाजिक भेद भाव छुआछूत जैसी घटनाओं को रोकने के लिए अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण के

कानून 1989 को सख्ती से लागू किया जाए।करसोग में विमला देवी की हत्या के बाद उसके परिवार को मुआबजा दिया जाए।नेरवा में सत्या    देवी की पेंशन बहाल की जाए। कुमारसैन में मीनाक्षी देवी के बिलों का भुगतान किया जाए।अनुसूचित जाति आयोग का गठन किया जाए।


              

             

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