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हिमाचल सरकार अप्रैल 2026 से ₹1,000 की घोषित वृद्धि एरियर सहित जारी करे, केवल अधिसूचना नहीं अपना वादा पूरा करे सरकार

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हिमाचल सरकार अप्रैल 2026 से ₹1,000 की घोषित वृद्धि एरियर सहित जारी करे, केवल अधिसूचना नहीं अपना वादा पूरा करे सरकार जिला सिरमौर के पौंटा साहिब, नाहन, संगड़ाह, राजगढ़ और पच्छाद परियोजनाओं में 23 अक्टूबर को आंगनवाड़ी वर्करज एवं हेल्परज यूनियन संबंधित सीटू के आह्वान पर कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने मानदेय वृद्धि की अधिसूचना के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किए। प्रदर्शनकारियों ने हिमाचल सरकार से बजट में घोषित ₹1,000 की मानदेय वृद्धि अप्रैल 2026 से एरियर सहित लागू करने की मांग की। यूनियन नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा बजट में अप्रैल 2026 से मानदेय वृद्धि की घोषणा की गई थी, लेकिन अब इसे 1 नवंबर 2026 से लागू करने की अधिसूचना जारी करना आंगनवाड़ी कर्मियों के साथ सरासर धोखा है। सरकार अपने ही बजट की घोषणा से पीछे हटकर हजारों आंगनवाड़ी वर्करों और हेल्परों के आर्थिक हितों पर चोट कर रही है। महंगाई के इस दौर में मामूली मानदेय पर काम करने वाली कर्मियों को उनके हक से वंचित करना अन्यायपूर्ण है। नेताओं ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, टीकाकरण तथा महिला एवं बाल विकास से ...

हिमाचल में दलित अस्मिता का ज्वालामुखी फूटा: 17 नवंबर को उठी आवाज़ अब सिर्फ विरोध नहीं, नया सामाजिक आंदोलन है:--आशीष कुमार

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हिमाचल में दलित अस्मिता का ज्वालामुखी फूटा: 17 नवंबर को उठी आवाज़ अब सिर्फ विरोध नहीं, नया सामाजिक आंदोलन है :--- आशीष कुमार  संयोजक शोषण मुक्ति मंच हिमाचल प्रदेश   ------------------------------------------------- हिमाचल प्रदेश को अक्सर एक शांत, सुरक्षित और प्रगतिशील राज्य के रूप में पेश किया जाता रहा है, लेकिन 17 नवंबर 2025 ने इस छवि की परतें उधेड़ दीं। इस दिन उठी आवाज़ें किसी अचानक गुस्से का परिणाम नहीं थीं, बल्कि दशकों से जमा हुए अपमान, उत्पीड़न और प्रशासनिक बेरुख़ी का फट पड़ा ज्वालामुखी थीं। रोहड़ू में दलित बच्चे सिकंदर की संदिग्ध मौत से लेकर कुल्लू–सैंज की दलित महिला की निर्मम हत्या तक, हाल की घटनाओं ने यह साफ किया कि हिमाचल की “शांति” दरअसल हाशिये पर धकेले गए समुदायों की चुप्पी पर टिकी हुई थी। इस चुप्पी ने अब विद्रोह का रूप ले लिया है, और यह विद्रोह सिर्फ विरोध तक सीमित नहीं—बल्कि सामाजिक पुनर्गठन की दिशा में बढ़ता कदम है। इस राज्यव्यापी प्रदर्शन की सबसे बड़ी विशेषता उसकी व्यापकता और संगठित रूप था। ये विरोध   किन्नौर   मंडी, रामपुर,, शिमला, बालीचौकी,...

हमीरपुर में महिला पर नाबालिग द्वारा दराती से हमला — पांच दिन बाद PGI में महिला की दर्दनाक मौत

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 *हमीरपुर में महिला पर नाबालिग द्वारा दराती से हमला — पांच दिन बाद PGI में महिला की दर्दनाक मौत *,  शोषण मुक्ति मंच  राज्य  जिला कमेटी हिमाचल प्रदेश अभी हाल ही  में  हमीरपुर ज़िले में घटी यह हृदयविदारक घटना प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा पर गम्भीर सवाल खड़े करती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पूर्व एक नाबालिग ने एक महिला पर दराती से जानलेवा हमला किया था, जिसके बाद घायल महिला को गंभीर अवस्था में पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती करवाया गया। पाँच दिन तक जीवन और मृत्यु से संघर्ष करने के बाद महिला ने दम तोड़ दिया। मंच के राज्य  संयोजक आशीष कुमार ओर सह संयोजक राजेश कोष ओर मिंटा जिंटा  ने कहा कि  शोषण मुक्ति मंच हिमाचल प्रदेश राज्य   कमेटी इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करता है और मांग करता है कि: . दोषी नाबालिग पर जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की सीमाओं में रहते हुए कठोरतम कार्रवाई की जाए। पीड़िता के परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता और सुरक्षा दी जाए। प्रदेश सरकार महिला सुरक्षा के लिए ठोस नीतिगत कदम उठाए, ताकि इस तरह की घटनाएँ दोबारा न हों। मंच का ...

जातिगत उत्पीड़न के प्रश्न पर सीपीआई (एम) का स्पष्ट स्टैंड उसकी विचारधारा की मज़बूती

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 *रोहड़ू  में सीपीआई(एम ) नेताओं  का  रास्ता  रोकना:-- दलित वर्ग के मनोबल को तोड़ने का प्रयास ।* सीपीआई (एम ) ने जातिगत उत्पीड़न पर खुला स्टैंड ले कर हमेशा अपनी वैचारिक प्रतिबद्धता साबित की है   :-----आशीष कुमार संयोजक दलित शोषण मुक्ति मंच सिरमौर  हिमाचल प्रदेश की हालिया राजनीतिक घटनाएँ यह दिखाती हैं कि जब भी दलित समाज अपनी एकता, चेतना और अधिकारों के साथ आगे बढ़ता है, तब सवर्ण वर्चस्ववादी ताक़तें बेचैन हो उठती हैं। रोहड़ू क्षेत्र में घटित घटना इसका ताज़ा उदाहरण है — जब 12 वर्षीय मासूम सिकंदर की जातिगत उत्पीड़न से तंग आकर हुई हत्या के बाद सीपीआई(एम) के वरिष्ठ नेता राकेश सिंघा और राज्य सचिव संजय चौहान पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे, तब कुछ तथाकथित “उच्च” जाति के लोगों ने उनका रास्ता रोकने का प्रयास किया। यह केवल नेताओं को रोकने की कोशिश नहीं थी, बल्कि दलित वर्ग की सामूहिक चेतना और हिम्मत को कुचलने का सुनियोजित प्रयास था।अगर वे अपने मंसूबे में सफल हो जाते, तो यह संदेश जाता कि “जब हमने सिंघा और संजय चौहान को रोक लिया, तो इस क्षेत्र के दलितों की औक...

जातिगत भेदभाव: हिमाचल की सच्चाई और समाज के लिए चेतावनी:--आशीष कुमार

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 जातिगत भेदभाव: हिमाचल की सच्चाई और समाज के लिए चेतावनी — आशीष कुमार, संयोजक, दलित शोषण मुक्ति मंच, सिरमौर ______________________________ हमारे देश का संविधान हमें समानता, गरिमा और न्याय का अधिकार देता है, लेकिन 21वीं सदी में यह कैसी विडंबना है कि आज भी जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न की घटनाएँ जारी हैं। देवभूमि हिमाचल में हाल ही में शिमला जिले के चिड़गांव तहसील में 12 वर्षीय मासूम सिकंदर ने जातिगत उत्पीड़न से तंग आकर ज़हर खाकर अपनी जान दे दी। यह घटना न केवल एक परिवार का दुख है, बल्कि पूरे समाज और शासन व्यवस्था के लिए एक कड़ी चुनौती है। इससे यह सवाल उठता है कि क्या हम वास्तव में एक समान और न्यायपूर्ण समाज की ओर बढ़ रहे हैं, या आज भी घिसी-पिटी व्यवस्था के बोझ को छुपाकर बाहर समानता का आभास दिखाया जा रहा है और सरकारी आंकड़ों में स्थिति बेहतर प्रस्तुत की जा रही है। भारत के आजाद होने से पूर्व और आजादी के बाद क्या तस्वीर बदली है, या वही तस्वीर केवल सामने से साफ दिखा कर पेश की जा रही है? 15 अगस्त 1947 को देश आज़ाद हुआ और संविधान बना, आज़ादी का जश्न मनाया गया, लेकिन आज भी देश में कुछ वर्ग दास्ता...

देश को फिर ग़ुलाम बनाने की तैयारी

 देश को फिर ग़ुलाम बनाने की तैयारी  लूटी गई ज़मीन , जंगल काटे गए, सपनों के बदले सौदे बांटे गए। रोटी, रोज़गार, उजाला बिक गया, जनता का हक़ फिर से छिन गया। ईस्ट इंडिया की छाया फिर से हैं मंडराई, अंग्रेजो की सत्ता फिर से हैं आई  मीडिया ने बेची कलम ओर जुबान  कार्यपालिका, न्यायपलिका का अब नहीं रहा  सम्मान, देश की संसद अब सौदों की मंडी हो गई  असली मुद्दे गौण हुए ओर धर्म में जनता अंधी हो गई  बिजली के खंभे भी गिरवी रखे गए   हरियाली का गला घोंट जंगल पूंजीपतियों  को बाँटे गए  स्कूल और अस्पतालो की अब नीलमी  की बारी है, अमीरो को छुट गरीबों की लूट जारी हैं l अब तय करने की ये हम सब की बारी  है न बिकेगी ये ज़मीन , न बिकने देंगे आसमान, जनता ही तय करेगी अपना संविधान।    #आशीष कुमार आशी#

इंकलाब हो जाये

 लफ़्ज़ों से आग निकले, मोहब्बत का पैग़ाम  हो जाए  मैं इश्क़ लिखूँ कलम से वो इन्क़लाब हो जाए। तेरी खामोश निगाहों में छुपा है जो समंदर, वो मेरी रगों में उतरकर तूफ़ान-ए-शराब हो जाए। तेरे होंठ कुछ न कहें पर धड़कनों की गवाही, सच्चाई से कह दूँ तो हरेक इज़हार-ए-ख़्वाब हो जाए। मैं आशिक़ भी हूँ, मैं शायर भी हूँ, और जुनूनी, तेरा नाम लूँ तो जमाना बेहिसाब हो जाए। आशीष "क्रांतिकारी" का बस इतना ही फ़साना, मोहब्बत का तीर चले और इश्क़ इन्क़लाब हो जाए। आशीष कुमार आशी

सच का आईना

 सच का आईना जुगनुओं की रोशनी से अंधेरा मिटाया नहीं जाता, काग़ज़ की कश्ती से किनारा पाया नहीं जाता। रूह को होती है मोहब्बत रूह से, बना के ताजमहल ग़रीबों की मोहब्बत का मज़ाक उड़ाया नहीं जाता। हवा में उड़ कर अंदाज़े बयां करते हो बर्बादी का, शाम ढलने के बाद किसी खंडहर में जाया नहीं जाता। समंदर में उतर कर ही मापा जाता है गहराइयों को, नक़्शे काग़ज़ पर बना कर अंदाज़ा लगाया नहीं जाता। सच की धूप से बचकर जो परछाइयों में छुप जाते हैं, ऐसे लोगों को कभी सहारा बनाया नहीं जाता। झोपड़ियों में लगी आग को उजाला समझ लिया जाता है  गरीबों  के  ताज को क्यों कभी बचाया नहीं जाता। गरीब की भूख का हिसाब किताबों में नहीं मिलता, मज़दूर की मेहनत का  कभी  मौल चुकाया नहीं जाता। जो तोड़ कर पत्थर महल खड़े कर जाते हैं, उन्हीं हाथों की थाली में दो वक्त का निवाला नहीं जाता   पत्थरों को काट कर राह बना देता है,दशरथ मांझी  उसके प्यार  को प्यार कभी बताया नहीं जाता  वो वक़्त भी आएगा जब सच से सामना होगा उनका, झूठ के ताज को कीचड़ में गिरने से बचाया नहीं जाता। ✍️ आशीष कुमार आशी

*ज़िंदगी की राह*

 *ज़िंदगी की राह*  आशीश कुमार ‘आशी’ ज़िंदगी में यूँ अपना होंसला बनाए रखना, आँखों में सपनों की रौशनी बचाए रखना। बाँस के तिनकों से चिंगारी ज़रूर उठेगी, तूफ़ानों में भी तुम उम्मीद का दिया जलाए रखना। मुश्किलों से डरकर सफ़र छोड़ना मत, हर मुश्किल को अपना रास्ता बनाए रखना। अँधेरा जब भी घेर ले तेरे मक़ाम को, सूरज की तरह ख़ुद को जलाए रखना। दोस्ती ज़िंदगी से निभाना ज़रूरी है, मौत से हँसकर रिश्ता बनाए रखना। नाव काग़ज़ की क्या तुझे किनारा दिखाएगी, हौंसलों की बस अपनी पतवार बनाए रखना। मोहब्बत की ख़ुशबू हर दिल तक पहुँच जाएगी, इंसानियत की राह पर ख़ुद को चलाए रखना।  राम-रहीम, ईसा-मसीहा सब एक ही पैग़ाम दें, धर्म नहीं, इंसानियत को अपना खुदा बनाए रखना।

*सीटू जिला सिरमौर का 14वां जिला सम्मेलन शुरू*

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*सीटू जिला सिरमौर का 14वां जिला सम्मेलन शुरू* 23 से 24 अगस्त चलेगा ये सम्मेलन, दो दिनों मे मजदूर वर्ग के मुद्दों पर होगी विस्तृत चर्चा आज सीटू जिला सिरमौर का 14वां जिला सम्मेलन जिला परिषद मीटिंग हॉल में शुरू हुआ। इस सम्मेलन में अलग-अलग यूनियन से 100 डेलिगेट ने भाग लिया।सीटू राज्य महासचिव कामरेड प्रेम गौतम ने सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने अपने संबोधन में मजदूर वर्ग के अधिकारों की रक्षा और उनके हितों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार ने पिछले तीन  वर्षों की रिपोर्ट पेश की। इस रिपोर्ट में उन्होंने मजदूर वर्ग की समस्याओं, उनके संघर्षों और सीटू की गतिविधियों का विस्तृत विवरण दिया। इस सम्मेलन का मुख्य उदेश्य - मजदूर वर्ग के अधिकारों की रक्षा करना - मजदूर वर्ग के हितों के लिए संघर्ष करना - सीटू की गतिविधियों को मजबूत करना।  - मजदूर विरोधी 4 लेबर कोड़   पर होगी चर्चा सीटू जिला सिरमौर ने मजदूर वर्ग से अपील की है कि वे अपने अधिकारों के लिए एकजुट हों और संघर्ष करें। सीटू ने कहा है कि वह मजदूर वर्ग के हितों के लिए हमेशा संघर्ष करती रहेगी [1]।

वेलफेयर डिपार्टमेंट का कार्य देने से महिला एवं बाल विकास विभाग के मुख्य उदेश्य होंगे प्रभावित*

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*वेलफेयर डिपार्टमेंट का कार्य देने से महिला एवं बाल विकास विभाग के मुख्य उदेश्य होंगे प्रभावित*   *जब काम ही आंगनवाड़ी वर्कर ने करना है तहसील कल्याण अधिकारी के पद  का नहीं है कोई औचित्य* *आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के हितों का हो संरक्षण* *Press note:----* आंगनवाड़ी वर्करज एवं हेल्परज यूनियन संबंधित सीटू की राज्य अध्यक्ष नीलम जसवाल और वीना शर्मा ने जारी एक प्रेस ब्यान में कहा की महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर वेलफेयर विभाग का काम थोपने का निर्णय अत्यधिक चिंताजनक है।  कार्यकर्ताओं से अतिरिक्त काम करवाना न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि इससे बाल विकास विभाग के कार्यों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। वीना  शर्मा , नीलम जसवाल  ने बताया की  आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मुख्य कार्य बच्चों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण की देखभाल करना है, न कि वेलफेयर विभाग के कार्यों को संभालना। यदि वेलफेयर विभाग का कार्य भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने ही करना है  तो तहसील कल्याण अधिकारी के पद  का क्या औचित्य और वेलफेयर डिपार्टमेंट का क्या कार्य रह जाता...

हमीरपुर के बड़सर में अनुसूचित जाति वर्ग को अंतिम संस्कार करने से रोकना शर्मनाक

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  दलित शोषण मुक्ति मंच, जिला  सिरमौर   हमीरपुर जिले के बड़सर में कड़सई  पंचायत में  एक अनुसूचित जाति के व्यक्ति के अंतिम संस्कार को लेकर हुए विवाद की निंदा करते हैं। मंच के संयोजक आशीष कुमार , सह संयोजक अमिता चौहन,  जिला कमेटी सदस्य राजेश तोमर,सतपाल मान,जगदीश पुंडीर,नैन सिंह ,अनिता,अमर चंद ने कहा की  यह घटना मुख्यमंत्री के गृह जिले में होना शर्मनाक है जो समाज में व्याप्त जातिवादी मानसिकता को दर्शाती है। आहीश कुमार ने कहा की ये मात्र एक घटना  एक हमीरपुर की है नही है बल्कि हिमाचल प्रदेश में आज भी अनुसूचित जाति वर्ग मे लोग  प्रतिदिन इस तरह के शोषण के शिकार होते रहते है । कभी शादी विवाह में अपमानित  किया जाता है तो कभी  स्कूल परिसर  मे छात्रों  तक को अपमानित किया जाता है , दलित शोषण मुक्ति मंच ने कहा की अनुसूचित जाति वर्ग को जीते जी तो अपमान झेलना हि पड़ता है परन्तु मरणोपरान्त भी  संस्कार के लिए जमीन उपलब्ध नहीं होती। आशीष कुमार ने स्थानीय sdm  का ब्यान जिसमे कहा गया है की गाँव के लिए अलग शमशान घाट बनाया जायेगा ये ...

हिमाचल प्रदेश में मजदूरों और किसानों की एकता: एक नई दिशा की ओर* आशीष कुमार (हि०प्र०)

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 *हिमाचल प्रदेश में मजदूरों और किसानों की एकता: एक नई दिशा की ओर*              आशीष कुमार (हि०प्र०)  भारी बारिश और खराब रास्स्तों के चलते 9 जुलाई की   राष्ट्रवायापी हड़ताल के आहवाहन  पर  हिमाचल प्रदेश में मजदूरों और किसानों की एकता ने एक बार फिर से अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है।  हाल ही में हुई प्रदेशव्यापी हड़ताल में हजारों मजदूरों और किसानों ने भाग लिया, जो केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुट हुए हैं। इस ऐतिहासिक  हड़ताल में मजदूर वर्ग हिमाचल के हर जिला और तहसील मुख्यालय पर इस हड़ताल का हिस्सा बने, हिमाचल प्रदेश के जिला मुख्यालयों और राजधानी  में चार लेबर  कोड के विरोध में  हजार्रो की संख्या में अलग अलग यूनियन से लोग हड़ताल में उतरे पूरे राज्य में लाल झंडो और सीटू के बैनर तले, आंगनबाड़ी ,मिड डे  मील वर्करज, निर्माण, मनरेगा मजदूर, हाइडल  का मजदूर, आउटसोर्स कर्मी, रेहड़ी फड़ी, मेडिकल कॉलेज,,108/102 कर्मचारी यूनियन, हिमाचल किसान सभा,जनवादी महिला समिति, दलित शोषण मुक्ति मंच आदि...

सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जिला सिरमौर में होगी 9 जुलाई की राष्ट्रव्यापी हड़ताल

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सरकार की जन विरोधी नीतियों और 4 श्रम  संहिताओं के विरोध में जिला सिरमौर में होगी राष्ट्रव्यापी हड़ताल, * * आँगनबाड़ी  , मिड डे  मील को एक मुश्त वेतन देने की होगी माँग *  * 108 एवं 102 एंबुलेंस कर्मियों के आंदोलन को तेज करने व सीटू जिला सम्मेलन की तैयारियां करने का निर्णय लिया गया * * मनरेगा में 600 रुपये प्रति दिन की मजदूरी पर 200 दिन कार्य दिवस प्रदान करने की होगी माँग * सीटू जिला कमेटी सिरमौर की बैठक लेखराज की अध्यक्षता में  नाहन में हुई। बैठक में सीटू प्रदेश उपाध्यक्ष जगत  राम उपस्थित रहे। बैठक में जिला महासचिव आशीश कुमार, आंगनवाड़ी यूनियन की राज्य महासचिव वीना  शर्मा, निर्माण मजदूर यूनियन के जिला महासचिव राजेश तोमर, ,मिड डे  मील यूनियन के  राज्य अध्यक्ष संदीप, सुदेश, सुरजीत, शीला ठाकुर, शामा शर्मा, वीरेंद्र सिंह , सत्या, शालू, सुनीता, कमला ,लखबीर, ममता, , प्रोमिला, चंदरकला,  , जालम सिंह,, अनिरुद्ध, राज ,  निर्मला,, अंजु  ,  लीला,ओम प्रकाश,  , नरेंदर, बलदेव  व विशाल मौजूद रहे। बैठक में 9 जुलाई की राष्ट्रव्याप...

संदीप कुमार राज्य अध्यक्ष, शांति देवी बनी मिड डे मील वर्करज यूनियन सीटू की राज्य महासचिव

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 मिड डे मील वर्करज़ यूनियन सम्बन्धित सीटू हिमाचल प्रदेश राज्य सम्मेलन किसान मजदूर भवन चितकारा पार्क कैथू शिमला में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन में 39 सदस्यीय कमेटी गठन किया गया। संदीप कुमार को अध्यक्ष, शांति देवी को महासचिव, सपना को कोषाध्यक्ष, हिमी देवी, इंद्र सिंह, गुरदास वर्मा, पूनम, विपिन, रीता को उपाध्यक्ष, श्यामा, सरिता, मीरा खान, नरेंद्र विरुद्ध, बालक राम, राजमिला को सचिव, सुलक्षणा, लेखराज, चंपा, बिमला, ललिता, सुलोचना, प्रेमिनिला, रामदास, मीरा, भुवनेश्वरी, निशा, बबीता, महेंद्र, विनीत, ओमप्रकाश, सुदेश, सरीना, ऊषा, कौशल्या, सरोज, बच्चन, गोपाल को कमेटी सदस्य चुना गया। सम्मेलन को सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, महासचिव प्रेम गौतम, उपाध्यक्ष जगत राम, यूनियन राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष हिमी देवी, संदीप कुमार व शांति देवी ने संबोधित किया। उन्होंने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि मजदूर विरोधी चार लेबर कोड व मोदी सरकार की मिड डे मील वर्कर्स विरोधी नीतियों के खिलाफ खिलाफ 9 जुलाई को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कार्यरत 21 हजार मिड डे मील कर्मियों की स्थि...

हि. प्र. के मजदूर आंदोलन की शान है चमेरा के मजदूरों का ऐतिहासिक संघर्ष *विजेंद्र मेहरा सीटू राज्य अध्यक्ष*

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 हि. प्र. के मजदूर आंदोलन की शान है चमेरा के मजदूरों का ऐतिहासिक संघर्ष *विजेंद्र मेहरा सीटू राज्य अध्यक्ष*            11 जून 2006 की सुबह। पौ फट रही थी और हमें एक बुरी खबर मिली। खबर मिली कि निर्माणाधीन चमेरा चरण - 3 पनबिजली परियोजना में मजदूरों को संगठित करने के कार्य में लगे सीटू के चम्बा जिलाध्यक्ष साथी बाबू राम, दान सिंह भंडारी व विजय सिंह को हिन्दोस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी के गुंडों ने पिछले दिन 10 जून 2006 को रात के अंधेरे में लगभग आठ बजे मौत के घाट उतार दिया है व उनकी लाशों को रावी नदी में फेंक दिया है। साथी बाबू राम चम्बा, विजय सिंह सिरमौर व दान सिंह भंडारी उत्तराखंड से ताल्लुक रखते थे। ये सभी युवा साथी थे। साथी बाबू राम एक कुशल संगठनकर्ता थे। वह मजदूर आंदोलन में आने से पहले छात्र संगठन एसएफआई के एक अच्छे कार्यकर्ता रहे थे। वह वर्ष 2002 में 310 मेगावाट की चमेरा चरण - 2 पनबिजली परियोजना में बतौर सुपरवाइजर कार्यरत रहे थे व एक हज़ार मजदूरों की यूनियन के महासचिव रहे थे। उन्होंने चमेरा चरण - 2 परियोजना में उस क्रूर जेपी कम्पनी का भी सामना किया था जोकि ...

मिड डे मील वर्कर्स यूनियन के विरोध के बाद मिड डे मील वर्कर्स की नहीं लगेगी हाजिरी ऑनलाइन

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हिमाचल प्रदेश में मिड डे मील वर्कर्स यूनियन के विरोध के बाद मिड डे मील वर्कर्स की हाजिरी ऑनलाइन नहीं लगेगी निदेशक महोदय शिक्षा विभाग ने जारी किए आदेश । मिड डे मील वर्कर्स यूनियन (संबंधित  सीटू)  का एक प्रतिनिधिमंडल निदेशक प्राथमिक शिक्षा विभाग से मिला था जिसमें मिड डे मील वर्कर की समस्याओं पर एक मांग पत्र दिया गया था ।निदेशक महोदय से मांग की गई कि मिड डे मील वर्कर्स की हाजिरी ऑनलाइन लगाने और सुबह 9:30 बजे स्कूल पहुंचने के लिए दबाव बनाया जा रहा है यूनियन ने मांग की के मिड डे मील वर्कर की हाजिरी ऑनलाइन ना लगाई जाए और मिड डे मील वर्कर की हाजिरी पहले की तरह रजिस्टर पर लगाई जाए बहुत सारे स्कूलों में अध्यापक मिड डे मील वर्कर पर दबाव बना रहे थे कि मिड डे मील वर्कर सुबह 9:30 बजे स्कूल में आकर ऑनलाइन हाजिरी लगाए  इसका यूनियन ने कड़ा विरोध किया और निदेशक महोदय से यह मांग की गई कि मिड डे मील वर्कर की ऑनलाइन हाजिरी लगाने का जो दबाव बनाया जा रहा है उसे तुरंत वापस लिया जाए पहले भी मिड डे मील वर्कर्स की हाजिरी रजिस्टर पर लगाई जाए।   प्राथमिक शिक्षा विभाग के  निदेशक महोदय ...

मजदूर विरोधी चार लेबर कोड के विरोध में 9 जुलाई को होगी राष्ट्रव्यापी हड़ताल

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 सीटू राज्य कमेटी हिमाचल प्रदेश की बैठक प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा की अध्यक्षता में सीटू राज्य कार्यालय किसान मजदूर भवन कैथू शिमला में हुई। बैठक में सीटू राष्ट्रीय सचिव डॉ कश्मीर ठाकुर, प्रदेश महासचिव प्रेम गौतम, सुदेश कुमारी, रविन्द्र कुमार, जोगिंद्र कुमार, भूपेंद्र सिंह, राजेश ठाकुर, अजय दुलटा, कुलदीप डोगरा, जगत राम, वीना शर्मा, नरेंद्र विरुद्ध, गुरनाम सिंह, विजय शर्मा, गुरदास वर्मा, सुदर्शना देवी, मोहित वर्मा, अनिल कौशल, आशीष कुमार, मदन नेगी, बालक राम, हिमी देवी, वीरेंद्र लाल पामटा, संजय कुमार, राम प्रकाश शर्मा आदि मौजूद रहे। बैठक में 9 जुलाई की राष्ट्रव्यापी हड़ताल को सफल बनाने, 108 एवं 102 एंबुलेंस कर्मियों के आंदोलन को तेज करने, मिड डे मील, आंगनबाड़ी, मनरेगा, निर्माण यूनियनों, सीटू जिला एवं राज्य सम्मेलन की तैयारियां करने का निर्णय लिया गया।  बैठक को संबोधित करते हुए डॉ कश्मीर ठाकुर, विजेंद्र मेहरा व प्रेम गौतम ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा मजदूर विरोधी चार लेबर कोड के जरिए मजदूरों पर गुलामी थोपने व बंधुआ मजदूरी कायम करने के खिलाफ, 26 हजार न्यूनतम वेतन, योजना कर्मियों, आ...

108/102 कर्मियों का शोषण नहीं चलेगा

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 हिमाचल प्रदेश 108 एवं 102 एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन संबंधित सीटू ने श्रम कानूनों व न्यायिक आदेशों को लागू करने,न्यूनतम वेतन व कर्मचारियों की प्रताड़ना बंद करने सहित अन्य मांगों को पूर्ण करने के लिए नेशनल हेल्थ मिशन के प्रबंध निदेशक कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में सैंकड़ों कर्मचारी शामिल रहे। इस दौरान आंदोलनकारियों व पुलिस प्रशासन में टकराव हो गया। नौकरी से निकाले गए मजदूरों व ट्रांसफर किए गए मजदूरों को बहाल करने की मांग को लेकर आंदोलनकारी आक्रोशित हो गए व एनएचएम कार्यालय गेट पर कई घंटे डटे रहे। प्रबंध निदेशक के गेट पर आकर सीटू नेताओं से बात करने पर ही धरना खत्म हुआ। प्रबंध निदेशक ने जल्द ही मांगों के समाधान का आश्वासन दिया है। यूनियन ने चेताया है कि अगर शीघ्र ही मांगों की पूर्ति न हुई तो यूनि यन निर्णायक संघर्ष की ओर बढ़ेगी। यूनियन ने चेताया है कि अगर कर्मचारियों को प्रताड़ित किया गया तो यूनियन के आह्वान पर कर्मचारी गाड़ियां बंद करके हड़ताल पर उतर जाएंगे। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, महासचिव प्रेम गौतम, उपाध्यक्ष जगत राम, विवेक कश्य...

तीन माह से केंद्र से नहीं मिल रहा मानदेय, और पोषण ट्रैकर और टी एच आर के लिए हर माह ओ टी पी के नाम पर लाभार्थी भी करते है प्रताड़ित*

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 *तीन माह से केंद्र से नहीं मिल रहा मानदेय, और पोषण ट्रैकर और टी एच आर  के लिए हर माह ओ टी पी के नाम पर लाभार्थी भी करते है प्रताड़ित* *पौषाहार की आपूर्ति और   गुणवता भी नहीं है  सही* आंगनवाड़ी वर्कर्ज़ एवम हेल्पेर्ज़ यूनियन की जिला  कमेटी ने जारी  एक संयुक्त बयान  में  कहा कि  आंगनवाड़ी वर्कर्ज़ एवम हेल्पर्ज़ आने वाली 20 मई  को संयुक्त ट्रेड यूनियन   के राष्ट्रीय आहवाहन पर पूरे जिला सिरमौर में  जिला नाहन  मुख्यालय और शिलाई मे केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी और कर्मचारी विरोधी नीतियों का सड़क पर उतर कर विरोध करेंगे ।  महासचिव वीना शर्मा ,अध्यक्ष श्यामा, पौंटा प्रोजेक्ट की अध्यक्षा इंदु तोमर, महासचिव देव कुमारी, गुलाबिआ, और सराहां प्रोजेक्ट की अध्यक्ष वंदना, महासचिव  श्यामा,  शिलाई प्रोजेक्ट की अध्यक्ष सुनीता, महासचिव चंद्र कला, नाहन  प्रोजेक्ट के अध्यक्ष सुमन , महासचिव  शीला, सन्गड़ाह अध्यक्ष नीलम, महासचिव शीला, राजगढ़ अध्यक्ष शशी ठाकुर, सविता शर्मा ने बताया कि मौजूदा केंद्र  सरकार आंगनवाड़ी व...

*20 मई की हड़ताल मेहनकश के अधिकारों और आजीविका पर शासक वर्ग के क्रूर हमलों के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई होगी* ----------:आशीष

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आज सीटू जिला सिरमौर ने अंतर्राष्ट्रीय मई दिवस के अवसर पर धौला कुंवा में फैक्ट्री पर गेट मीटिंग आयोजित की और सीटू जिला महासचिव ने ध्वजारोहन किया। इस अवसर पर टाटा कंस्यूमर वर्करज यूनियन के अध्यक्ष लेख राज, महासचिव बंसीलाल, पूर्व महासचिव जालम सिंह, गुमान सिंह, लखबीर चौहान आदि सैकड़ों मजदूरों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान, सीटू महासचिव आशीष कुमार ने आम सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मई दिवस 2025 पर, सीटू दुनिया के मेहनतकश लोगों को क्रांतिकारी शुभकामनाएं देता है जो अपने अधिकारों की रक्षा के लिए और नवउदारवादी पूंजीवादी व्यवस्था के आक्रामक हमले का मुकाबला करने के लिए अथक संघर्ष कर रहे हैं। आशीष कुमार ने कहा कि सीटू भारत के मजदूर वर्ग को सलाम करता है, जो 20 मई, 2025 को अखिल भारतीय आम हड़ताल के लिए कमर कस रहा है। यह ऐतिहासिक हड़ताल मेहनतकश लोगों के अधिकारों और आजीविका पर शासक वर्गों के क्रूर हमलों के खिलाफ भारतीय मजदूर वर्ग की सबसे बड़ी कार्रवाई होगी। कार्यक्रम के दौरान, सीटू ने मजदूर वर्ग और मेहनतकश लोगों के अधिकारों के लिए लड़ने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया और शोषणकारी व्यवस्था को बदलने क...